फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Shoppers must write on the GST number

दुकानदारों को बोर्ड पर लिखना होगा जीएसटीएन नंबर

Sun, 25 Jun 2017 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़ Updated Sun, 25 Jun 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
Shoppers must write on the GST number
जीएसटी - फोटो : अमर उजाला

 एक जुलाई से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने जा रहा है। अब पंजीकृत दुकानदार को प्रतिष्ठान, फैक्ट्री और ऑफिस के साइन बोर्ड पर अब फर्म, प्रोपराइटर के नाम के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर यानी जीएसटीएन नंबर भी लिखना जरूरी होगा। नए प्रावधान से पंजीकृत व्यापारियों की पहचान आसान हो जाएगी।

विज्ञापन


जीएसटी को लेकर अब भी व्यापारियों को ज्यादा जानकारी नही है। हालांकि सरकार इसके लिए कार्यशालाएं आयोजित कर रही है। लेकिन फिलहाल स्थिति संतोषजनक नहीं है। वाणिज्य कर अधिकारियों का मानना है कि नई कर प्रणाली लागू होने से व्यापारियों को यह आसानी से पता चल जाएगा कि वह माल पंजीकृत व्यापारी से खरीद रहे हैं या अपंजीकृत से। माल खरीदने पर चुकाए गए कर की इनपुट टैक्स क्रेडिट तो मिल जाएगी लेकिन अपंजीकृत व्यापारी से माल खरीदने पर रिवर्स चार्ज में टैक्स जमा करना होगा।
विज्ञापन


जीएसटी में व्यापारियों की रेटिंग भी होगी जिसे कंपलायंस रेटिंग सिस्टम नाम दिया गया है। इस सिस्टम के तहत अच्छे करदाता और बुरे करदाता की पहचान हो सकेगी। जीएसटी एक्ट की धारा-147 के तहत अब हर व्यापारी की रेटिंग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह रेटिंग उस व्यापारी के किए गए टैक्स कंपलायंस के आधार पर होगी। खरीद करने वाले व्यापारी व माल बेचने वाले व्यापारी की रेटिंग जीएसटी कॉमन पोर्टल पर दिख सकेंगी। उसका प्रभाव यह होगा कि खरीद करने वाला व्यापारी माल बेचने वाले व्यापारी की रेटिंग देखकर यह तय कर सकेगा उसे उस व्यापारी से माल खरीदना है या नहीं। टेंडर प्रक्रिया और बैंक से लोन लेने में यह रेटिंग महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



 जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने की मांग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को यूपी सदन में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण से मुलाकत की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को ज्ञापन देकर जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने की मांग की।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री मनीष गर्ग ने बताया कि शनिवार को व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल यूपी सदन में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

व्यापारी नेता राजीव गर्ग ने कहा कि पूजा सामग्री को  कर मुक्त किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आम जनता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में लगने वाले मंडी समिति टैक्स को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है।

व्यापारी नेता संजीव गर्ग ने कहा कि आज के समय में दुनिया के अधिकतर देशों में जीएसटी लागू है। लेकिन उसकी दर भारत की अपेक्षा काफी कम है। भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां बड़ी आबादी मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों की है। जीएसटी लागू होने से महंगाई बढ़ेगी।


उन्होंने मंत्री से जीएसटी अगले वित्तीय वर्ष में लागू करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने उनकी समस्या को वित्त मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल में सोनू बंसल, संजीव, सुरेश जिंदल, विपिन पंसारी, आशुतोष सिंहल आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed