{"_id":"57f5155f4f1c1b89322710b7","slug":"scholarship-studies-have-to-leave-in-the-middle-of-heavy","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब छात्रवृत्ति लेकर बीच में पढ़ाई छोड़ना पड़ेगा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब छात्रवृत्ति लेकर बीच में पढ़ाई छोड़ना पड़ेगा भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 05 Oct 2016 08:56 PM IST
विज्ञापन
rupees
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब छात्रवृत्ति लेकर सत्र के बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ी जा सकेगी। ऐसा विचार कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। सत्र पूरा न करने पर छात्रवृत्ति की अब रिकवरी कराई जायेगी। शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है। डीआईओएस ने शासनादेश को स्कूल/कालेजों में लागू कर दिया गया है।
विज्ञापन
अभी तक अनेक छात्र कक्षाओं में प्रवेश सिर्फ इसलिए लेते थे कि उन्हें छात्रवृत्ति मिल सके। छात्रवृत्ति का रुपया खाते में आते ही वह सत्र बीच में छोड़कर घर बैठ जाते थे। ऐसे में परीक्षाओं में अनेक छात्रों की अनुपस्थिति लगती थी।
विज्ञापन
शासन से कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। इसी प्रकार छात्रवृत्ति योजना में कक्षा 11 से परास्नातक तक अध्ययन करने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलता है।
विज्ञापन
अभी तक जिस कोर्स में विद्यार्थी प्रवेश लेते थे, उसके आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ मिलता था। चाहे वह छात्रवृत्ति मिलने पर कोर्स बीच में ही छोड़ जाएं। शासन के नए आदेशों के अनुसार छात्र का पाठ्यक्रम तभी पूरा माना जायेगा जब वह परीक्षा में उपस्थित रहे।
परीक्षा में यदि छात्र उपस्थित नहीं हुए तो उन्हें दी गई छात्रवृत्ति की भी रिकवरी कर ली जायेगी। डीआईओएस बीके शर्मा का कहना है कि शासन ने छात्रवृत्ति योजना में बदलाव किया है। अब बीच में पाठ्यक्रम छोड़ने वाले विद्यार्थी को रकम वापस करनी होगी।