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खाली कुर्सियों पर चल रहे कूलर और एसी

Fri, 03 Jun 2016 09:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Fri, 03 Jun 2016 09:06 PM IST
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Running on empty chairs, coolers and AC.
मरीजों के वार्ड में नहीं घूम रहे पंखे - फोटो : अमर उजाला

भीषण गर्मी में गढ़ रोड स्थित सीएचसी में मरीजों का हाल बेहाल है। चिकित्सकों-अफसरों के कक्षों में खाली कुर्सियों पर भी कूलर-एसी चल रहे हैं। जबकि मरीजों के वार्ड में पंखे तक नहीं घूम रहे। जच्चा-बच्चा कक्ष की स्थिति तो और भी खराब है।

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यहां बेड के गद्दे तक टूटे पड़े हैं। गर्मी से बचाव के लिए तीमारदार हाथ के पंखे से मरीजों की हवा कर रहे हैं। गंदगी के कारण मरीजों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
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सरकार जच्चा-बच्चा मृत्यु दर रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत कर उनके खाने, 48 घंटे तक अस्पतालों में रहने की व्यवस्था करा रही है। इसके बावजूद आला अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली जच्चाओं का हाल बेहाल है।
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शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने गढ़ रोड स्थित सीएचसी का मौका-मुआयना किया तो सच्चाई सामने आयी। अस्पताल परिसर में बने चिकित्सक, अधिकारियों के कक्ष में कूलर, एसी लगातार चल रहे थे।

जबकि इन कक्षों में कोई कर्मचारी तक उपस्थित नहीं था। वहीं मरीजों के वार्ड में पंखे तक नहीं घूम रहे थे। जच्चा-बच्चा को गर्मी से राहत दिलाने के लिए तीमारदार हाथ के पंखे से हवा करते नजर आए।

जच्चा-बच्चा वार्ड में पड़े बेड के गद्दे पूरी तरह से टूटे पड़े थे, उनके ऊपर चादर भी नहीं बिछायी गई थी। वार्ड में गंदगी से जच्चाओं को जीना मुहाल हो रहा था। सीएचसी प्रशासन इस ओर कतई गंभीर नहीं दिख रहा था।

गांव पूठा निवासी भागीरथी का कहना था कि उसकी पुत्रवधु को बच्चा हुआ है, लेकिन वार्ड में  गंदगी से जीना मुहाल हो गया है। सीएचसी प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच सका है।

गांव अल्लीपुर निवासी मुस्लिमा का कहना था कि जच्चा-बच्चा वार्ड में पंखे तक नहीं चल रहे हैं। हाथ के पंखे से जच्चा को हवा करनी पड़ रही है। स्वास्थ्य अफसर कूलर, एसी में मस्त हैं।

गांव बछलौता निवासी संगीता का कहना है कि रात के समय अस्पताल परिसर में बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चल पाता है। ऐसे में रातभर उन्हें मच्छरों से जूझना पड़ा। स्वास्थ्य अफसर शासन के निर्देश को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

नवज्योति कालोनी निवासी सुनीता का कहना है कि जच्चा-बच्चा वार्ड में बेड तक टूटे पड़े हैं। इनपर जच्चाओं को लेटने में बेहद परेशानी हो रही है। गंदगी के कारण बदबु से उनका जीना मुहाल हो रहा है।


मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एके सिंह का कहना है कि सीएचसी के वार्डों में पंखों की व्यवस्था है। लाइट जाने पर जनरेटर से पंखे चला दिए जाते हैं। वह सीएचसी का निरीक्षण कर अव्यवस्था मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

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