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रजवाहे की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद
अमर उजाला, गढ़
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:03 PM IST
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गांव रजपुरा के जंगल में सोमवार देर रात रजवाहे की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। उधर, मामले से भड़की भाकियू ने पीड़ित किसानों को मुआवजा न दिए जाने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने की दशा में आंदोलन की चेतावनी दी है।
मध्य गंग नहर के पास होकर स्याना को जा रहे रजवाहे की पटरी सोमवार देर रात को सिंभावली के गांव रजपुरा के जंगल में टूट गई, इससे आसपास में स्थित बहादुरगढ़ के गांव जखैड़ा रहमतपुर और बुलंदशहर के सीमावर्ती गांव रमपुरा का सैकड़ों बीघा जंगल जलमग्न हो गया।
मंगलवार की सुबह होने पर किसान गन्ने की कटाई समेत खेतीबाड़ी से जुड़े अन्य कामकाज करने जंगल में पहुंचे, तो वहां गन्ना और चारे समेत हाल ही में बोई गई गेहूं-सरसों जैसी फसलों में जलभराव देख उनके होश उड़ गए। किसानों द्वारा लगातार सूचना दिए जाने के बाद भी रजवाहे में पानी की सप्लाई बंद नहीं की गई।
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और न ही सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचा। सूचना पर भाकियू कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और तहसील क्षेत्र उपाध्यक्ष नीरज तोमर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर सिंचाई विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
भाकियू ने पीड़ित किसानों को उनके नुकसान के अनुरूप मुआवजा और सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई न होने की दशा में 28 दिसंबर को कलक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी दी है।
एसडीएम केबी सिंह का कहना है कि रजवाहे की पटरी टूटने की जांच होगी, इसमें सच्चाई सामने आने पर पीड़ित किसानों को हरसंभव स्तर पर मदद दिलाने के साथ ही सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
रजवाहे की पटरी टूटने से सिंभावली के गांव रजपुरा, बहादुरगढ़ के गांव जखैड़ा रहमतपुर और बुलंदशहर के सीमावर्ती गांव रमपुरा के सौ से भी अधिक किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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मध्य गंग नहर के पास होकर स्याना को जा रहे रजवाहे की पटरी सोमवार देर रात को सिंभावली के गांव रजपुरा के जंगल में टूट गई, इससे आसपास में स्थित बहादुरगढ़ के गांव जखैड़ा रहमतपुर और बुलंदशहर के सीमावर्ती गांव रमपुरा का सैकड़ों बीघा जंगल जलमग्न हो गया।
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मंगलवार की सुबह होने पर किसान गन्ने की कटाई समेत खेतीबाड़ी से जुड़े अन्य कामकाज करने जंगल में पहुंचे, तो वहां गन्ना और चारे समेत हाल ही में बोई गई गेहूं-सरसों जैसी फसलों में जलभराव देख उनके होश उड़ गए। किसानों द्वारा लगातार सूचना दिए जाने के बाद भी रजवाहे में पानी की सप्लाई बंद नहीं की गई।
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और न ही सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचा। सूचना पर भाकियू कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और तहसील क्षेत्र उपाध्यक्ष नीरज तोमर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर सिंचाई विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
भाकियू ने पीड़ित किसानों को उनके नुकसान के अनुरूप मुआवजा और सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई न होने की दशा में 28 दिसंबर को कलक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी दी है।
एसडीएम केबी सिंह का कहना है कि रजवाहे की पटरी टूटने की जांच होगी, इसमें सच्चाई सामने आने पर पीड़ित किसानों को हरसंभव स्तर पर मदद दिलाने के साथ ही सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
रजवाहे की पटरी टूटने से सिंभावली के गांव रजपुरा, बहादुरगढ़ के गांव जखैड़ा रहमतपुर और बुलंदशहर के सीमावर्ती गांव रमपुरा के सौ से भी अधिक किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।