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Hapur News: मावा, पनीर और मिठाइयों में वसा कम कुट्टू के आटे में मिले रेत व मिट्टी के कण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:21 AM IST
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Reduced fat content in mawa, paneer, and sweets
हापुड़। पिछले दिनों लिए गए कुट्टू के आटे, किशमिश, पनीर, मावा और छेना रसगुल्ला के नमूने जांच में अद्योमानक मिले हैं। कुट्टू के आटे में रेत व मिट्टी के कण मिले हैं। वहीं पनीर, मावा और छेना रसगुल्ला में वसा कम मिला है। जांच रिपोर्टों पर हुई सुनवाई के बाद न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम संदीप कुमार ने सभी छह कारोबारियों पर 25-25 हजार के अनुसार कुल 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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पिछले कुछ महीनों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग अधिकारियों ने सभी के विरुद्ध वाद दायर किया था। वाद में ही नमूनों की जांच रिपोर्ट भी खोली गई है। यह रिपोर्ट बताती है कि लोग जिन खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, वह उनके शरीर को लाभ ही जगह हानि पहुंचा रहे हैं।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली रोड स्थित सबली गेट के पास एक स्थान से दीपक ब्रांड के सीलबंद कुट्टू आटे का नमूना लिया गया था। रिपोर्ट में कुट्टू और सिंघाड़े के स्टार्च का मिश्रण पाया गया। साथ ही ग्रिट यानी बाहरी कण मौजूद मिले। इसे मानकों के अनुरूप नहीं माना गया।
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इसी प्रकार बहादुरगढ़ की मेन मार्केट स्थित आशीष कुमार की किराना दुकान से करीब चार से पांच किलोग्राम किशमिश का नमूना लिया गया। रिपोर्ट में खराब किशमिश की मात्रा निर्धारित अधिकतम सीमा दो प्रतिशत से अधिक मिला। नमूने को अद्योमानक घोषित किया गया। यानी उपभोक्ता खाद्य सामग्री के लिए धनराशि तो पूरी खर्च कर रहे हैं लेकिन उनके साथ धोखा किया जा रहा है।
पनीर, मावा और छेना रसगुल्ला में भी गड़बड़ी
गढ़ में अल्लाबख्शपुर रेलवे क्रॉसिंग स्थित मनु प्रजापति की डेयरी एंड कन्फेक्शनरी से पनीर का नमूना लिया गया था। जांच रिपोर्ट में पनीर की ब्यूटाइरोरिफ्रैक्टोमीटर रीडिंग निर्धारित अधिकतम सीमा 44.0 से अधिक मिली। मतलब दूध से प्राप्त वसा की गुणवत्ता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं थी। इसी प्रकार ग्राम सोलाना स्थित नेपाल सिंह की भट्टी से लिए गए मावा की जांच रिपोर्ट में मिल्क फैट निर्धारित न्यूनतम 30 प्रतिशत से कम पाया गया। मतलब मावा निर्धारित पोषण/गुणवत्ता मानक पर खरा नहीं उतरा। बता दें कि वसा कम होने पर उससे मिलने वाली ऊर्जा और वसा में घुलने वाले विटामिन (ए, डी, ई और के) की मात्रा भी कम हो जाती है। नगर के मेरठ रोड आवास विकास कॉलोनी में स्थित कंसल स्वीट्स से लिए गए छैना रसगुल्ले की जांच रिपोर्ट में निकाली गई दूध की वसा की ब्यूटाइरोरिफ्रैक्टोमीटर रीडिंग निर्धारित अधिकतम सीमा 44.0 से अधिक मिली। वहीं, गढ़ रोड स्थित बंसल बीकानेर स्वीट्स से लिए गए छैना रसगुल्ले की जांच रिपोर्ट में ब्यूटाइरोरिफ्रैक्टोमीटर रीडिंग 44.0 की निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक पाई गई।



बीमारी का कारण हैं मिलावटी पदार्थ
सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अशरफ का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों से लोगों को किडनी, लीवर, खून में इंफेक्शन और पेट संबंधित बीमारियां अधिक होती हैं। दूध में पोषक तत्व ही नहीं होंगे तो उसका सेवन बेकार है। यदि आटे में रेत और मिट्टी के कण मिल रहे हैं तो इसके सेवन से लोग गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं।

नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय में वाद दायर किए गए थे। न्याय निर्णायक अधिकारी ने सुनवाई के बाद जुर्माने की कार्रवाई की है।

- चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक आयुक्त द्वितीय
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