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साहब! इमरजेंसी में सुविधा शुल्क की होती है वसूली
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 19 May 2017 09:49 PM IST
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सुविधा शुल्क
- फोटो : अमर उजाला
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गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात आशाओं ने चिकित्सकों पर इमरजेंसी में सुविधा शुल्क लिए जाने का आरोप लगाया है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को लाने पर दोपहर 12 बजे के बाद जांच न होने व अल्ट्रासाउंड की तिथि एक माह बाद की देने की भी शिकायत की है।
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सीएमओ के नाम सीएचसी अधीक्षक को लिखे पत्र में आशाओं ने बताया कि जब वह सीएचसी पर गर्भवती महिलाओं को लेकर पहुंचतीं हैं तो लैब में तैनात स्टॉफ दोपहर 12 बजे के बाद जांच करने से इंकार कर देता है।
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गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रांसाउंड भी समय पर नहीं किया जाता। हर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड की एक महीना बाद की डेट दी जाती है। उन्होंने बताय कि इमरजेंसी में मरीज से 100 रुपये सुविधा शुल्क वसूला जाता है।
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सीएचसी में उनके बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए उनके लिए अलग से कार्यालय की व्यवस्था कराई जाए।
पत्र सौंपने वालों में मीनू, चंचल, नीरज, गीता, नौसाबा, सबीता, मनोज तोमर, ऊषा, धनेश्वरी, राजबाला, कविता, रेखा देवी, विमला, सन्नो, मुनेश, रेनू, ललिता, रीतू, रेखा, सुदेश, शशि आदि मौजूद रहीं।
उधर, गढ़ रोड स्थित सीएचसी में रात के समय प्रसूताओं को राम भरोसे छोड़ दिया जाता है। बृहस्पतिवार रात में एक प्रसूता को चक्कर आने लगे। लेकिन परिजनों की सूचना देने के बावजूद चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंच सकी।
ऐसे में प्रसूता चक्कर खाकर बेड से नीचे गिर गई। वहीं, एक अन्य प्रसूता ने भी चिकित्सकों पर अनदेखी का आरोप लगाया है। सुल्तानपुर निवासी इबाबुर्रहमान ने बताया कि उसकी पत्नी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चा हुआ था।
चिकित्सकों ने प्रसूता को सीधे ऊपर के वार्ड में भर्ती करा दिया। रात के समय अचानक प्रसूता को चक्कर आने लगे, आरोप है कि इसकी सूचना तत्काल चिकित्सक को दी। लेकिन चिकित्सक ने सोने की बात कह उसे भगा दिया।
इस दौरान तेज चक्कर आने पर प्रसूता बैड से गिर गई, गनीमत रही कि उसका बच्चे नीचे नहीं गिर सका। वहीं गांव उपैड़ा निवासी सोनू त्यागी ने बताया कि अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है।
पूरी रात वह पानी के लिए अस्पताल परिसर में भटकते रहे, लेकिन पानी नहीं मिल सका। बाद में बाहर दुकान से पानी लाना पड़ा। धौलाना निवासी रामवीर ने बताया कि चिकित्सकों की लापरवाही से प्रसूताओं की जान को खतरा बन रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एके सिंह ने बताया कि मरीजों के स्वास्थ्य से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। वह मामले की जांच कर, कार्रवाई करेंगे।