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Hapur News: सीएचसी की बिजली गुल, अंधेरे में चली ओपीडी
Tue, 30 Sep 2025 10:41 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 30 Sep 2025 10:41 PM IST
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हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं बदहाल हैं। मंगलवार को बिजली गुल होने पर सीएचसी में जनरेटर नहीं चलाया गया। इसके कारण ओपीडी अंधेरे में चली, मोबाइल की रोशनी में मरीजों को दवा बांटी गईं। वहीं, नर्सरी में भर्ती नवजातों की जान पर भी संकट बना रहा। नेत्र और दंत रोग विशेषज्ञों की ओपीडी शुरू ही नहीं हुई। ऐसे में मरीज भटकते रहे।
जिले में सर्वाधिक ओपीडी हापुड़ सीएचसी में होती है। इसके लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए स्वतंत्र फीडर भी बनाया गया है, लेकिन मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे फाल्ट के कारण अस्पताल की बिजली गुल हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि सप्लाई जाने के बाद जनरेटर तक नहीं चलाया गया।
इस कारण पूरे अस्पताल में अंधेरा पसर गया। इंवर्टर से जुड़ी बैट्री का बैकअप भी नहीं मिला। ऐसे में ओपीडी के अंदर मरीजों ने मोबाइल की टॉर्च दिखाई, तब कहीं जाकर चिकित्सक दवा लिख सके। इसके बाद दवा वितरण केंद्र पर भी अंधेरा मिला। यहां फार्मासिस्ट मोबाइल जलाकर दवा बांटते दिखे।
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बता दें कि अस्पताल में ही बच्चा नर्सरी है, यहां अधिकांश बच्चे ऑक्सीजन पर नहीं हैं, इस कारण बिजली जाने से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। यदि ऑक्सीजन सपोर्ट पर बच्चे होते तो ऐसे बच्चों की जान पर बड़ा खतरा भी बन सकता था। बता दें कि पिछले दिनों विभाग की दो सीएचसी में नवजातों और किशोरियों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं।
नेत्र और दंत रोग विशेषज्ञ नहीं आए
सीएचसी में मंगलवार को मरीजों की काफी भीड़ रही, लेकिन नेत्र और दंत रोग विशेषज्ञों के ओपीडी कक्ष बंद ही रहे। ऐसे में दूर दराज से आए मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। बताया गया कि नेत्र रोग विशेषज्ञ कैंप ड्यूटी में थे। हालांकि जिला अस्पताल में अधिक विशेषज्ञ हैं फिर भी कैंप में सीएचसी के एक मात्र नेत्र विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाई जाती है।
कोट -सुबह तेज हवा चलने के दौरान बिजली लाइन में फाल्ट हुआ था। जनरेटर के चैंज ओवर में भी समस्या बन गई। तत्काल इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर उसे ठीक कराया गया।-- डॉ.समरेंद्र राय, सीएचसी अधीक्षक।
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जिले में सर्वाधिक ओपीडी हापुड़ सीएचसी में होती है। इसके लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए स्वतंत्र फीडर भी बनाया गया है, लेकिन मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे फाल्ट के कारण अस्पताल की बिजली गुल हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि सप्लाई जाने के बाद जनरेटर तक नहीं चलाया गया।
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इस कारण पूरे अस्पताल में अंधेरा पसर गया। इंवर्टर से जुड़ी बैट्री का बैकअप भी नहीं मिला। ऐसे में ओपीडी के अंदर मरीजों ने मोबाइल की टॉर्च दिखाई, तब कहीं जाकर चिकित्सक दवा लिख सके। इसके बाद दवा वितरण केंद्र पर भी अंधेरा मिला। यहां फार्मासिस्ट मोबाइल जलाकर दवा बांटते दिखे।
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बता दें कि अस्पताल में ही बच्चा नर्सरी है, यहां अधिकांश बच्चे ऑक्सीजन पर नहीं हैं, इस कारण बिजली जाने से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। यदि ऑक्सीजन सपोर्ट पर बच्चे होते तो ऐसे बच्चों की जान पर बड़ा खतरा भी बन सकता था। बता दें कि पिछले दिनों विभाग की दो सीएचसी में नवजातों और किशोरियों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं।
नेत्र और दंत रोग विशेषज्ञ नहीं आए
सीएचसी में मंगलवार को मरीजों की काफी भीड़ रही, लेकिन नेत्र और दंत रोग विशेषज्ञों के ओपीडी कक्ष बंद ही रहे। ऐसे में दूर दराज से आए मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। बताया गया कि नेत्र रोग विशेषज्ञ कैंप ड्यूटी में थे। हालांकि जिला अस्पताल में अधिक विशेषज्ञ हैं फिर भी कैंप में सीएचसी के एक मात्र नेत्र विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाई जाती है।
कोट -सुबह तेज हवा चलने के दौरान बिजली लाइन में फाल्ट हुआ था। जनरेटर के चैंज ओवर में भी समस्या बन गई। तत्काल इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर उसे ठीक कराया गया।