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Hapur News: हिमाचल से नए आलू की आवक, मंडी में गिरे पुराने के भाव
Fri, 10 Nov 2023 10:04 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 10 Nov 2023 10:04 PM IST
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हापुड़। हिमाचल के आलू की हापुड़ मंडी में आवक शुरू हो गई है, जिसने स्थानीय आलू का बाजार ठंडा कर दिया है। चिप्सोना आलू का कट्टा अब सिर्फ 500 रुपये तक बिक रहा है, हाईब्रिड आलू के खरीदार भी आसानी से नहीं मिल रहे। जल्द ही पंजाब के आलू की भी आवक शुरू हो जाएगी। किसानों का अभी भी मिलों में करीब 30 फीसदी आलू स्टोर है।
जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है, लेकिन इस बार आलू के दाम संतोषजनक नहीं रहे हैं। शीतगृहों में 1.80 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया था। जिसमें अभी भी 30 फीसदी शीतगृहों में ही रखा है, इसके पीछे का कारण आलू के गिरते दाम हैं। मंडी में दस दिन पहले तक 650 रुपये तक आलू का कट्टा बिक रहा था।
लेकिन हिमाचल का ऊना आलू मंडी में पहुंच गया है, जिसके दाम 800 रुपये प्रति कट्टा तक हैं। लेकिन पुराने चिप्सोना आलू के दाम 100 से 150 रुपये तक कम हो गए हैं, हाईब्रिड आलू 250 रुपये तक ही बिक रहा है। कुल मिलाकर किसानों को इस बार फसल से लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है। क्योंकि शीतगृहों में आलू भंडारण का शुल्क ही 140 रुपये प्रति कट्टा है। इसके अलावा बीज, पानी, मजदूरी का पैसा भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
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30 नवंबर तक शीतगृहों को खाली करने के नोटिस
उद्यान विभाग ने शीतगृह संचालकों को नोटिस जारी कर, 30 नवंबर तक आलू की निकासी के आदेश दिए हैं। ऐसे में शीतगृह संचालक भी किसानों पर किराया जमा कराकर आलू निकालने का दबाव बना रहे हैं।
प्याज के दाम हुए स्थिर
नासिक से प्याज की आवक घटते ही मंडी में प्याज के दाम 70 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। लेकिन अब धीरे धीरे दाम स्थिर होने लगे हैं, मंडी में 50 रुपये किलो से कम दाम पर प्याज मिलने लगा है। हालांकि थोक में अभी भी 60 रुपये किलो प्याज मिल रही है।
शीतगृहों को दिए हैं नोटिस
नए आलू के भंडारण की तैयारियों को लेकर शीतगृहों को 30 नवंबर तक खाली कराने के संबंध में शीतगृह संचालकों को नोटिस भेजा गया है।-- डॉ.हरित कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है, लेकिन इस बार आलू के दाम संतोषजनक नहीं रहे हैं। शीतगृहों में 1.80 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया था। जिसमें अभी भी 30 फीसदी शीतगृहों में ही रखा है, इसके पीछे का कारण आलू के गिरते दाम हैं। मंडी में दस दिन पहले तक 650 रुपये तक आलू का कट्टा बिक रहा था।
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लेकिन हिमाचल का ऊना आलू मंडी में पहुंच गया है, जिसके दाम 800 रुपये प्रति कट्टा तक हैं। लेकिन पुराने चिप्सोना आलू के दाम 100 से 150 रुपये तक कम हो गए हैं, हाईब्रिड आलू 250 रुपये तक ही बिक रहा है। कुल मिलाकर किसानों को इस बार फसल से लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है। क्योंकि शीतगृहों में आलू भंडारण का शुल्क ही 140 रुपये प्रति कट्टा है। इसके अलावा बीज, पानी, मजदूरी का पैसा भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
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30 नवंबर तक शीतगृहों को खाली करने के नोटिस
उद्यान विभाग ने शीतगृह संचालकों को नोटिस जारी कर, 30 नवंबर तक आलू की निकासी के आदेश दिए हैं। ऐसे में शीतगृह संचालक भी किसानों पर किराया जमा कराकर आलू निकालने का दबाव बना रहे हैं।
प्याज के दाम हुए स्थिर
नासिक से प्याज की आवक घटते ही मंडी में प्याज के दाम 70 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। लेकिन अब धीरे धीरे दाम स्थिर होने लगे हैं, मंडी में 50 रुपये किलो से कम दाम पर प्याज मिलने लगा है। हालांकि थोक में अभी भी 60 रुपये किलो प्याज मिल रही है।
शीतगृहों को दिए हैं नोटिस
नए आलू के भंडारण की तैयारियों को लेकर शीतगृहों को 30 नवंबर तक खाली कराने के संबंध में शीतगृह संचालकों को नोटिस भेजा गया है।