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गंगा में बहाया शव तो खैर नहीं
अमर उजाला गढ़
Updated Wed, 17 Feb 2016 09:37 PM IST
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शवों को गंगा में बहाने वालों की अब खैर नहीं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और शासन के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन चेत गया है। कप्तान ने गढ़ तहसील क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को गंगा में शव बहाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सांप के काटने पर और शादीशुदा न होने पर शवों को गंगा में बहाने की प्रथा है, पर अब ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। शवों के गंगा में बहाने पर नगर निकाय और ग्राम पंचायतों का सीधा हस्तक्षेप न होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ी हिदायत दी है।
अब इसका बीड़ा सूबे के नगर विकास अनुभाग गंगा सैल ने उठाया है। इसकी जिम्मेदारी खाकी समेत नगर निकाय और ग्राम पंचायत महकमे को सौंपी है।
नगर विकास अनुभाग गंगा सैल के सचिव श्रीप्रकाश के दिशा निर्देशन में एसपी योगेश सिंह ने गढ़ सर्किल से जुड़े सभी थानों के प्रभारियों को पत्र भेजे हैं।
इसमें उल्लेख किया गया है कि गंगा में इंसानों समेत मृत मवेशियों के शव किसी भी रूप में प्रवाहित न होने दिए जाएं। इनसे गंगा में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही मानवमित्र डॉल्फिन समेत दुर्लभ जलीय जीव जंतुओं के अस्तित्व को भी गंभीर खतरा बना रहता है।
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पत्र में यह भी उल्लेख है कि इसके लिए गंगा के तटीय क्षेत्र में रहने वालों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। एसपी ने यह हिदायत भी दी है कि अगर कोई जानबूझकर इसका उल्लंघन करता है तो फिर उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय और इंस्पेक्टर विरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि गंगा में शवों को बहाए जाने पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा निगरानी कराई जाएगी। किसी भी रूप में उल्लंघन करने वालों को चिंहित कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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सांप के काटने पर और शादीशुदा न होने पर शवों को गंगा में बहाने की प्रथा है, पर अब ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। शवों के गंगा में बहाने पर नगर निकाय और ग्राम पंचायतों का सीधा हस्तक्षेप न होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ी हिदायत दी है।
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अब इसका बीड़ा सूबे के नगर विकास अनुभाग गंगा सैल ने उठाया है। इसकी जिम्मेदारी खाकी समेत नगर निकाय और ग्राम पंचायत महकमे को सौंपी है।
नगर विकास अनुभाग गंगा सैल के सचिव श्रीप्रकाश के दिशा निर्देशन में एसपी योगेश सिंह ने गढ़ सर्किल से जुड़े सभी थानों के प्रभारियों को पत्र भेजे हैं।
इसमें उल्लेख किया गया है कि गंगा में इंसानों समेत मृत मवेशियों के शव किसी भी रूप में प्रवाहित न होने दिए जाएं। इनसे गंगा में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही मानवमित्र डॉल्फिन समेत दुर्लभ जलीय जीव जंतुओं के अस्तित्व को भी गंभीर खतरा बना रहता है।
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पत्र में यह भी उल्लेख है कि इसके लिए गंगा के तटीय क्षेत्र में रहने वालों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। एसपी ने यह हिदायत भी दी है कि अगर कोई जानबूझकर इसका उल्लंघन करता है तो फिर उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय और इंस्पेक्टर विरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि गंगा में शवों को बहाए जाने पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा निगरानी कराई जाएगी। किसी भी रूप में उल्लंघन करने वालों को चिंहित कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।