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आक्सीटोक्सिन इंजेक्शन बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी, मालिक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
Updated Mon, 01 May 2017 12:04 AM IST
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इंजेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
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देहात पुलिस और औषधि सुरक्षा एवं प्रशासन विभाग की टीम ने जरौठी रोड पर छापा मारकर आक्सीटोक्सिन बनाने वाली अवैध फैक्ट्री पकड़ी है। फैक्ट्री से करीब 4.5 लाख कीमत के 64 हजार इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
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शनिवार को किसी ने पुलिस को सूचना दी कि जरौठी रोड पर एक फैक्ट्री में अवैध रूप से आक्सीटोक्सिन बनाया जा रहा है। पुलिस जांच के लिए पहुंची, लेकिन फैक्ट्री पर बाहर से लगे ताले को देखकर लौट गई। रविवार को पुलिस ने पुख्ता सूचना पर औषधि सुरक्षा एवं प्रशासन विभाग की टीम को जानकारी देकर एक बार फिर छापा मारा।
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दीवार फांदकर अंदर पहुंची पुलिस टीम को वहां प्रतिबंधित आक्सीटाक्सिन इंजेक्शन बनते हुए मिले। पुलिस ने करीब साढ़े चार लाख रुपये के 64 हजार इंजेक्शन बरामद किए। पुलिस ने इंजेक्शन की खेप जब्त कर फैक्ट्री मालिक आलोक गर्ग निवासी आहता सादक अली को गिरफ्तार कर लिया।
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औषधि सुरक्षा एवं प्रशासन विभाग की टीम में सहायक आयुक्त मेरठ मंडल राजीव श्रीवास्तव, ड्रग इंस्पेक्टर मीरा लाल शामिल थीं। मीरा लाल की तहरीर पर आरोपी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है।
आरोपी बिहार से कच्चा माल मंगवाकर यहां इंजेक्शन तैयार करता था और इसे लोकल बाजार में बेचता था। इंजेक्शन की सप्लाई कहां-कहां होती थी। इसकी जानकारी कर इस कारोबार से जुडे़ सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सेहत के लिए बेहद खतरनाक आक्सीटोसिन
आक्सीटोक्सिन एक हार्मोंस है। यह स्तनों में दूध आने का कारण होता है। कृत्रिम रूप से बनाये गए इस इंजेक्शन का प्रयोग करने से मानव शरीर और पशु दोनों की ही सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। डा. पराग शर्मा बताते हैं कि आक्सीटोक्सिन का दूध जहर से कम नहीं है। ज्यादा कमाई के चक्कर में लोग पशुओं को आक्सीटोक्सिन इंजेक्शन लगाते हैं।
लड़कियों का उम्र से पहले व्यस्क होना, महिलाओं में गर्भपात का खतरा, बच्चों की दृष्टि कमजोर होना, स्तर कैंसर होना जैसी बीमारियां हो सकती हैं। यह फेफड़ों और मस्तिष्क पर भी असर डालता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।
सीवीओ वाईपी सिंह का कहना है कि पशुओं पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। उनमें कैल्शियम और वसा की कमी के साथ हड्डियों में विकार हो सकते हैं। लगातार इसके उपयोग से पशु की आयु 15 से घटकर पांच से सात साल ही रह जाती है।
दो माह से चल रही थी फैक्ट्री
पुलिस के अनुसार यह फैक्ट्री पिछले दो माह से संचालित थी। फैक्ट्री मालिक इतना शातिर था कि वह सभी कर्मचारियों को अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा देता था, ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके, लेकिन इन्हीं संदिग्ध गतिविधियों के कारण वह लोगों की नजर में चढ़ गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया।