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सरावा में घुसा तेंदुआ, दहशत में ग्रामीण
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Sat, 08 Apr 2017 09:29 PM IST
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सरावा में घुसा तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
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मोदीनगर रोड स्थित सरावा गांव में शुक्रवार रात किसी जंगली जानवर ने चार बकरियों को शिकार बना लिया। सुबह गांव में तेंदुए जैसे जानवर के पंजों के निशान देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने खोजबीन की, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखा दिया।
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वहीं सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने पंजे के निशान देखकर तेंदुआ होने से इंकार किया है। सरावा गांव निवासी सदाकत ने शनिवार सुबह बाड़े में देखा कि उसकी चारों बकरियां मृत पड़ी थी। वह क्षतविक्षत हालत में हैं।
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शवों के पास ही तेंदुए जैसे जानवर के पैरों के निशान देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी और जंगल में पैरों के निशान के आधार पर खोजबीन की, लेकिन किसी को तेंदुआ नहीं दिखा।
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ग्रामीणों ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दी। वन विभाग की टीम व पुलिस ने जांच की। जिला प्रभागीय वन अधिकारी सीपी एस मलिक ने बताया कि मौके पर मिले पंजों के निशान तेंदुए के नहीं हैं।
हालांकि यह किस जानवर के हैं यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच की जा रही है। गांव के आसपास रात में वन विभाग की टीम मौजूद रहकर जानवर की तलाश करेगी।
सदाकत की पांच बकरियां को मारने के बाद कथित तेंदुआ पड़ोसी नूरहसन और शहीद के घर मेें भी कूदा था। इनके घरों के फर्श पर खून से सने पंजों के निशान मिले हैं। हालांकि यहां भी बकरियां थी, लेकिन वह सुरक्षित थी। ग्रामीणों का कहना है कि पेट भरा होने के कारण तेंदुए ने इन्हें छोड़ दिया।
तेंदुआ आने की आशंका के चलते गांव के लोग दहशत में हैं। शनिवार को अधिकतर किसान खेत पर नहीं गए। गेहूं की कटाई करने वाले कुछ किसान टोलियों में लाठी-डंडों से लैस होकर जरूर खेतों पर पहुंचे। इसके अलावा ग्रामीणों ने रात में भी पहरा देने का निर्णय लिया है।