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कांवड़ मार्ग के गड्ढों को भरवाने के निर्देश

Tue, 26 Jul 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Tue, 26 Jul 2016 10:53 PM IST
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Kanvad route instructions to fill pits.
डीएम ने कांवड़ियों के आवागमन वाले रास्तों का किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला

डीएम अनिल ढींगरा ने मंगलवार को पूरे लाव लश्कर के साथ कांवड़ियों के आवागमन वाले रास्तों का निरीक्षण किया। सड़क के किनारे गड्ढों को भरवाने व मार्ग व्यवस्था दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए। अफसरों को चेताया कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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साथ ही कहा कि व्यवस्था चाक चौबंद रहे, ताकि कांवड़ियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। मेरठ रोड से बुलंदशहर रोड पर जिले की सीमा तक निरीक्षण कर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि सड़क के किनारे गड्ढों को तुरंत सही कराया जाए।
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पालिका के ईओ को निर्देशित किया कि मार्ग प्रकाश व्यवस्था में किसी भी प्रकार की खामी नहीं होनी चाहिए। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए सीओ यातायात को निर्देश दिए।
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इस दौरान एसपी अलंकृता सिंह, उप जिलाधिकारी सदर मीनू राणा,  पुलिस उपाधीक्षक सिटी विशाल यादव, नगर पालिका परिषद के ईओ संजय मिश्रा व लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

शिवरात्रि पर ड्रोन से शिवभक्तों की सुरक्षा होगी। हर आने-जाने वालों पर पुलिस की पैनी निगाह रखेगी। नवसृजित जिला हापुड़ में पहली बार ड्रोन से निगरानी की जाएगी। पुलिस लाइंस में यह कैमरा आ चुका है।

जिले से बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा का पावन जल लेने के लिए गोमुख और हरिद्वार जाते हैं और यहां के शिवालयों पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। ब्रजघाट स्थित गंगा से भी लाखों की संख्या में कांवड़िए गंगा जल लेने के लिए पहुंचते हैं।

इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आवागमन होगा। इसके मद्देनजर अफसरों ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी का निर्णय लिया है। नवसृजित जिला हापुड़ में पहली बार ड्रोन से निगरानी की जाएगी। पुलिस लाइंस में कैमरा पहुंच गया है।

अफसर अब इसे चालू कराने की तैयारी में जुट गए हैं। सीओ सिटी/लाइन विशाल यादव ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन मिल गया है। जिले के विभिन्न इलाकों में इसे चलवाया जाएगा। मेरठ रोड से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आवागमन होता है, इसलिए वहां इसका ज्यादा प्रयोग किया जाएगा। ब्रजघाट में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर नगर पालिका ने मंदिरों के पास और कांवड़ मार्ग पर सौ कर्मचारियों की टीम साफ-सफाई के लिए लगाई है। इसके साथ ही सबली मंदिर और कांवड़ मार्ग पर मोबाइल टॉयलेट भी बनाए जा रहे हैं।

शिवरात्रि के नजदीक आने के साथ ही दूर दराज के कांवड़ियों का लौटना  शुरू हो गया है। वहीं पालिका ने भी साफ-सफाई शुरू करवा दी है। प्राचीन सबली मंदिर पर जहां हजारों श्रद्धालु और कावड़िये भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं वहां सफाई कार्य शुरू हो गया है।

इसके अलावा पालिका की टीम ने मेरठ रोड, गढ़ रोड, फ्रीगंज रोड, दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड पर भी सफाई अभियान शुरू करवा दिया है। पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक दिलशाद हसन ने कहा कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सफाई अभियान शुरू करवाया गया है।

100 कर्मचारियों की टीम को इस कार्य में लगाया गया है। मंदिरों पर प्रतिदिन चूना लगवाया जा रहा है। सबली मंदिर, मेरठ रोड और फ्रीगंज रोड मोबाइल टॉयलेट लगवाए जा रहे हैं।

सभी सफाई निरीक्षक और सफाई नायकों को निर्देशित किया गया है कि अपने अपने क्षेत्र के शिवालयों पर विशेष सफाई व्यवस्था कराई जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पंचक बीतने के बाद कांवड़ यात्रा में तेजी आने लगी है। इससे भगवा वस्त्र पहने कांवड़ियों के जत्थों का आवागमन होने से गंगानगरी और नेशनल हाईवे सहित संपर्क मार्गों पर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे हैं।

बता दें कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा इस बार 20 जुलाई को प्रारंभ हुई थी। इसमें महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक एक अगस्त को किया जाएगा है। कांवड़ यात्रा अपने प्रारंभिक दौर में रफ्तार नहीं पकड़ पाई थी, क्योंकि अगले ही दिन 21 जुलाई की रात में पंचकों का आगमन हो गया था।

इनका समापन मंगलवार सुबह 11.26 बजे हुआ। इसके बाद कांवड़ यात्रियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। पंडित रमाशंकर तिवारी, पंडित उमेश सेनरा और कथा वाचक गोपाल बाबा ने बताया कि हरियाणा और राजस्थान के शिवभक्त पंचकों को नहीं मानते हैं


लेकिन यूपी और दिल्ली के शिवभक्तों में पंचकों के दौरान लकड़ी का सामान न खरीदने की मान्यता प्रचलित है। इसलिए ब्रजघाट गंगानगरी में पंचकों के दौरान शिवभक्तों की संख्या कम रही।

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