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एएनएम, स्टाफ नर्सों की हड़ताल से खतरे में जननी सुरक्षा योजना
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 12 Sep 2016 08:22 PM IST
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स्टाफ नर्सों की हड़ताल से खतरे में जननी सुरक्षा योजना
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कही जाने वाली एएनएम, स्टाफ नर्सों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से जननी सुरक्षा योजना खतरे में पड़ गई है। जिला अस्पताल में सिर्फ दो महिला चिकित्सकों पर डिलीवरी कराने का जिम्मा है।
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एएनएम कार्यकत्रियों के काम न करने से नवजात बच्चों का टीकाकरण, गणना, डिलीवरी प्रभावित हो रही है। वहीं आशाओं की हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में गर्भवतियों के पहुंचने की संख्या 40 फीसदी घट गई है। वहीं एएनएम, आशाओं ने सोमवार को भी सीएमओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
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जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार ने जननी सुरक्षा योजना शुरू की हुई है। सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाली प्रसूताओं की डिलीवरी कराने में एएनएम कार्यकत्रियों की बड़ी जिम्मेदारी है, स्टॉफ नर्स भी इसमें पूरा सहयोग करती हैं।
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इतना ही नहीं नवजात बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उनके टीकाकरण व गणना का जिम्मा भी एएनएम कार्यकत्रियों पर रहता है। कई दिन से नियमितिकरण की मांग को लेकर कार्यकत्रियां सीएमओ कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं।
इनके साथ स्टाफ नर्स भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में जननी सुरक्षा योजना खतरे में पड़ गई है। गढ़ रोड स्थित सीएचसी पर एएनएम, स्टाफ नर्सों की हड़ताल से डिलीवरी का जिम्मा दो महिला चिकित्सकों पर रह गया है।
ऐसे में एक चिकित्सक दिन में डिलीवरी कराती है दूसरी की ड्यूटी रात में लगती है। एएनएम, आशाओं की हड़ताल से सरकारी अस्पताल पर पहुंचने वाले गर्भवतियों की संख्या 40 फीसदी घट गई है। क्योंकि गर्भवतियों को स्वास्थ्य केंद्र पर लाने का कार्य आशा करती हैं।
नियमितिकरण की मांग को लेकर एएनएम कार्यकत्रियों व आशाओं ने सीएमओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। राहत नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डा.नेक सिंह, रविंद्र मावी, अफजाल अहमद, शान मोहम्मद, स्वाति गोयल, रजनी, सुनीता पंवार आदि मौजूद रहे।
गढ़ रोड स्थित सामुदायिक केंद्र पर तैनात दोनों सफाई कर्मियों को बुखार आ गया है। इनमें एक को सीएचसी में ही भर्ती कराया गया है। ऐसे में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। हालांकि अधीक्षक ने बाहर से सफाई कर्मियों को बुलाकर व्यवस्था बना दी है।
सोमवार को पूरे दिन 102 व 108 नंबर एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल रहने की अफवाह उड़ती रही। शाम को एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी अभिषेक श्रीवास्तव ने हड़ताल में शामिल न होने की घोषणा कर दी। एंबुलेंस सेवा का कोई कर्मचारी हड़ताल पर नहीं रह सका।