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सुबह हो या शाम, शहर में जाम है आम
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:46 PM IST
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जाम
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में जाम अब आम हो गया है। बाजार और चौराहों पर अतिक्रमण और पुलिसकर्मियों की लापरवाही से शहरवासियों के लिए ट्रैफिक नासूर हो जा रहा है। हालात ये हैं कि शहर के दो चौराहों को पार करने में लोगों को घंटों का समय लगता है। फिलहाल प्रशासन के पास शहर की सड़कों को जाम मुक्त करने के लिए कोई प्रभावशाली योजना नहीं है।
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शहर में मेरठ तिराहा, तहसील चौपला, पक्काबाग चौराहा, गढ़ रोड रेलवे क्रोसिंग और स्वर्ग आश्रम रोड जाम के मुख्य प्वांइट हैं। सुबह 9 बजते के बाद इन जगहोें पर वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हो जाता है। दोपहर में कुछ राहत के बाद शाम को एक बार फिर यही हाल होता है।
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लोगों को जाम से दो चार होना पड़ता है। गढ़ रोड पर बन रहे फ्लाईओवर के कारण यहां ट्रेनों के आवागमन होने पर जाम की समस्या रहती है। मेरठ रोड पर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर खड़े डग्गामार वाहनों के कारण वाहनों की रफ्तार रुक जाती है।
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ये हैं जाम के कारण
शहर में जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण और सड़क पर दौड़ रहे बेलगाम ई-रिक्शा हैं। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर दुकानदारों और सड़क पर ठेले वालों, डग्गामार वाहनों के कब्जे से सड़के सिकुड़ गई हैं। ट्रैफिक लाइटें हैं ही नहीं। ऐसी स्थिति में शहर में जाम लगना आम बात हो गयी है। हापुड़ शहर में करीब पांच हजार ईं रिक्शाएं दौड़ रही हैं जो जाम का मुख्य कारण हैं। बेतरतीब सड़क पर खड़े ई-रिक्शा ट्रैफिक के लिए बड़ी चुनौती है।
अवैध उगाही में रहती है पुलिस
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कमी के बावजूद जिले में कई प्वाइंटों पर अवैध उगाही की जाती है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने को छोड़कर बुलंदशहर रोड फ्लाईओवर, मेरठ रोड पुलिस लाइन के बाहर, ततारपुर बाईपास, गढ़ स्याना चौपला कई ऐसे स्थान हैं, जहां ट्रैफिक पुलिस पूरे दिन उगाही में लिप्त रहती है।
ट्रैफिक पुलिस की कमी
शहर में एक टीएसआई, 20 हेड कांस्टेबल, 23 कांस्टेबल और 15 होमगार्ड तैनात हैं। जबकि ट्रैफिक की सही व्यवस्था के लिए इतने ही कर्मचारियों की और आवश्यकता है, लेकिन कमी के कारण इतने ही पुलिसकर्मियों से काम चलाया जा रहा है।
चार लाख वाहन हैं हापुड़ में
एआरटीओ के अनुसार जिले में ट्रक, बस, कार, टैंपो, बाइक आदि सहित करीब चार लाख वाहन हैं। इसके अलावा लखनऊ दिल्ली हाईवे, मेरठ बुलंदशहर हाईवे, मेरठ गढ़ हाईवे के साथ गढ़ गंगा होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। जाम लगता है तो दूसरे जिलों के लोगों को भी बड़ी परेशानी होती है।
शहर को जाम मुक्त करने के लिए योजना बनायी जाएगी। जाम के जो भी कारण हैं, उन्हें दूर कर शहर को जाम मुक्त किया जाएगा। - हेमंत कुटियाल, एसपी