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Hapur News: प्राधिकरण की सीमा का होगा विस्तार, 51 फीसदी आवासीय क्षेत्र को मंजूरी
Sat, 24 Feb 2024 10:11 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 24 Feb 2024 10:11 PM IST
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हापुड़। जिले में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। शनिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अन्य जिले के साथ हापुड़ प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा इसका प्रस्तुतिकरण दिया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ने प्राधिकरण से इसकी सीमा विस्तार का प्रस्ताव मांगा है। जिसके बाद महायोजना 2031 को जिले में लागू कर दिया जाएगा।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण बेहतर रहा है। जिसके बाद मार्च माह की शुरूआत में ही महायोजना 2031 के लागू होने की पूरी उम्मीद है। महायोजना के तहत जिले में प्राधिकरण की सीमा का विस्तार होगा। जिले में प्राधिकरण की कुल सीमा का 51 फीसदी आवासीय क्षेत्र रहेगा, जबकि 9.6 फीसदी औद्योगिक क्षेत्र और पूरे क्षेत्र का 2.8 फीसदी व्यावसायिक रहेगा। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों के भी मानक निर्धारित कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री बोले समुचित तरीके से हो जिले का विकास -
वीसी डॉ. नितिन गौड ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सुनियोजित विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले की स्थानीय प्रमुखताओं को गौर रखते हुए प्रोत्साहित किया जाए। स्थानीय शिल्पकला और परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए कलस्टर विकसित किए जाएं। नए मास्टर प्लान में औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को विस्तार दिया जाए। जिसके लिए प्राधिकरण द्वारा एक दो दिन में इसकी नई रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी जाएगी। अभी तक प्राधिकरण की सीमा में जिले 137 गांव शामिल थे। पूर्व में 22 गांव इसमें शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। अब इनमें बढ़ोतरी हो जाएगी।
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भू-उपयोग क्षेत्र बदलेगा, तेजी से होगा विकास
महायोजना के तहत प्राधिकरण के स्थान का भू-उपयोग परिवर्तित हो जाएगा। भू-उपयोग निर्धारित होने का इंतजार उद्यमी काफी समय से कर रहे थे। समिट में आए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव भी महायोजना के इंतजार में लटके हुए थे। महायोजना लागू होने के बाद भू-उपयोग के आधार पर उद्यमी निवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही इससे जुड़े लोगों पर मुकदमो का भार भी कम होगा। मुख्यमंत्री ने भू-उपयोग की जानकारी ऑनलाइन करने की भी घोषणा की है। ताकि हर कोई भूमि की जानकारी आसानी से जान सके।
वर्तमान में महायोजना की स्थिति -
- हापुड़ महायोजना 2005 के तहत शहरी निर्मित क्षेत्र का क्षेत्रफल 412 हेक्टेयर
- पिलखुवा महायोजना 2021 के तहत शहरी निर्मित क्षेत्र का क्षेत्रफल 161.26 हेक्टेयर
- दोनों महायोजनाओं का क्षेत्रफल 573.13 हेक्टेयर
- महायोजना में शामिल है जिले के कुल क्षेत्रफल का आठ प्रतिशत भाग
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प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण बेहतर रहा है। जिसके बाद मार्च माह की शुरूआत में ही महायोजना 2031 के लागू होने की पूरी उम्मीद है। महायोजना के तहत जिले में प्राधिकरण की सीमा का विस्तार होगा। जिले में प्राधिकरण की कुल सीमा का 51 फीसदी आवासीय क्षेत्र रहेगा, जबकि 9.6 फीसदी औद्योगिक क्षेत्र और पूरे क्षेत्र का 2.8 फीसदी व्यावसायिक रहेगा। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों के भी मानक निर्धारित कर दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री बोले समुचित तरीके से हो जिले का विकास -
वीसी डॉ. नितिन गौड ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सुनियोजित विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले की स्थानीय प्रमुखताओं को गौर रखते हुए प्रोत्साहित किया जाए। स्थानीय शिल्पकला और परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए कलस्टर विकसित किए जाएं। नए मास्टर प्लान में औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को विस्तार दिया जाए। जिसके लिए प्राधिकरण द्वारा एक दो दिन में इसकी नई रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी जाएगी। अभी तक प्राधिकरण की सीमा में जिले 137 गांव शामिल थे। पूर्व में 22 गांव इसमें शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। अब इनमें बढ़ोतरी हो जाएगी।
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भू-उपयोग क्षेत्र बदलेगा, तेजी से होगा विकास
महायोजना के तहत प्राधिकरण के स्थान का भू-उपयोग परिवर्तित हो जाएगा। भू-उपयोग निर्धारित होने का इंतजार उद्यमी काफी समय से कर रहे थे। समिट में आए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव भी महायोजना के इंतजार में लटके हुए थे। महायोजना लागू होने के बाद भू-उपयोग के आधार पर उद्यमी निवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही इससे जुड़े लोगों पर मुकदमो का भार भी कम होगा। मुख्यमंत्री ने भू-उपयोग की जानकारी ऑनलाइन करने की भी घोषणा की है। ताकि हर कोई भूमि की जानकारी आसानी से जान सके।
वर्तमान में महायोजना की स्थिति -
- हापुड़ महायोजना 2005 के तहत शहरी निर्मित क्षेत्र का क्षेत्रफल 412 हेक्टेयर
- पिलखुवा महायोजना 2021 के तहत शहरी निर्मित क्षेत्र का क्षेत्रफल 161.26 हेक्टेयर
- दोनों महायोजनाओं का क्षेत्रफल 573.13 हेक्टेयर
- महायोजना में शामिल है जिले के कुल क्षेत्रफल का आठ प्रतिशत भाग