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Hapur News: तीन साल में तीन गुना बढ़ी प्राधिकरण की आय
Sun, 19 Jan 2025 10:26 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 19 Jan 2025 10:26 PM IST
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हापुड़। महायोजना 2031 के लागू होने के बाद से हापुड़ में कारोबार की संभावनाएं बढ़ गई है। इस वित्तीय वर्ष के महज दस महीने में 201 से अधिक बड़े मानचित्र प्राधिकरण ने स्वीकृत किए हैं, जिसके सापेक्ष एचपीडीए को रिकॉर्ड 17.98 करोड़ की आय हुई है। पिछले तीन वर्ष के मुकाबले प्राधिकरण की आय तीन गुना बढ़ गई है।
दरअसल, एनसीआर में हापुड़ की लोकप्रियता काफी बढ़ी हुई है। क्योंकि आस पास हाईवे और यहां की भौगोलिक स्थिति कारोबार के लिए अनुकूल है।
पांच साल पहले प्राधिकरण के खर्चे भी उसकी आय से पूरे नहीं हो पाते थे। ऐसे में अफसरों को विशेष योजना बनानी पड़ी। महायोजना 2031 ने प्राधिकरण का भंडार ही भर दिया। इस सकारात्मक माहौल के बीच आवासीय तलपट मानचित्र, औद्योगिक क्षेत्र, वेयर हाउसिंग के कई मानचित्रों का प्राधिकरण में आवेदन किया गया।
वर्तमान वित्त वर्ष में प्राधिकरण ने 320 के सापेक्ष 201 मानचित्रों को स्वीकृति दी है। इसके सापेक्ष प्राधिकरण को 17.98 करोड़ की आय हुई है। दो महीने अभी शेष हैं, कई अन्य बड़े मानचित्र भी इस अवधि में आने को तैयार है।
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सात साल में प्राधिकरण को मानचित्र से हुई आय
वर्ष प्राप्त मानचित्र स्वीकृत कुल आय
2018-19 287 202 4.44 करोड़
2019-20 247 184 5.46 करोड़
2020-21 225 176 2.51 करोड़
2021-22 337 273 9.79 करोड़
2022-23 350 285 6.15 करोड़
2023-24 384 204 5.34 करोड़
2024-25 320 201 17.98 करोड़
(नोट : वर्ष 2024-25 में प्राप्त आय के आंकड़ें 15 जनवरी 2025 तक के हैं।)
प्राधिकरण के गठन से अब तक कार्रवाई की स्थिति-
कुल चिह्नित अवैध निर्माण-- -7925
कुल निस्तारित वादों की संख्या-- 4184
ध्वस्त निर्माणों की संख्या-- -- -- 1620
शमनित निर्माणों की संख्या-- -- -2564
स्टाफ की कमी से जूझ रहा प्राधिकरण, फिर भी बढ़ी आय
* प्राधिकरण में सिर्फ आठ अवर अभियंता बचे हैं, जोकि दो वर्ष पूर्व तक 21 थे।
* सिर्फ चार सहायक अभियंता हैं, जो अप्रैल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
* प्लानिंग अनुभाग में सिर्फ एक नगर नियोजक कार्यरत है।
* प्राधिकरण में सचिव और ओएसडी नहीं हैं।
कोट -
एचपीडीए को इस वित्तीय वर्ष में मानचित्र स्वीकृति से 17.98 करोड़ की आय हुई है। समस्त स्टाफ की मेहनत के बाद ही यह उपलब्धि मिली है। साथ ही हापुड़ को भी नए मानचित्रों की स्वीकृति से विकास के पंख लगेंगे। - डॉ.नितिन गौड, वीसी एचपीडीए।
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दरअसल, एनसीआर में हापुड़ की लोकप्रियता काफी बढ़ी हुई है। क्योंकि आस पास हाईवे और यहां की भौगोलिक स्थिति कारोबार के लिए अनुकूल है।
पांच साल पहले प्राधिकरण के खर्चे भी उसकी आय से पूरे नहीं हो पाते थे। ऐसे में अफसरों को विशेष योजना बनानी पड़ी। महायोजना 2031 ने प्राधिकरण का भंडार ही भर दिया। इस सकारात्मक माहौल के बीच आवासीय तलपट मानचित्र, औद्योगिक क्षेत्र, वेयर हाउसिंग के कई मानचित्रों का प्राधिकरण में आवेदन किया गया।
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वर्तमान वित्त वर्ष में प्राधिकरण ने 320 के सापेक्ष 201 मानचित्रों को स्वीकृति दी है। इसके सापेक्ष प्राधिकरण को 17.98 करोड़ की आय हुई है। दो महीने अभी शेष हैं, कई अन्य बड़े मानचित्र भी इस अवधि में आने को तैयार है।
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सात साल में प्राधिकरण को मानचित्र से हुई आय
वर्ष प्राप्त मानचित्र स्वीकृत कुल आय
2018-19 287 202 4.44 करोड़
2019-20 247 184 5.46 करोड़
2020-21 225 176 2.51 करोड़
2021-22 337 273 9.79 करोड़
2022-23 350 285 6.15 करोड़
2023-24 384 204 5.34 करोड़
2024-25 320 201 17.98 करोड़
(नोट : वर्ष 2024-25 में प्राप्त आय के आंकड़ें 15 जनवरी 2025 तक के हैं।)
प्राधिकरण के गठन से अब तक कार्रवाई की स्थिति-
कुल चिह्नित अवैध निर्माण
कुल निस्तारित वादों की संख्या
ध्वस्त निर्माणों की संख्या
शमनित निर्माणों की संख्या
स्टाफ की कमी से जूझ रहा प्राधिकरण, फिर भी बढ़ी आय
* प्राधिकरण में सिर्फ आठ अवर अभियंता बचे हैं, जोकि दो वर्ष पूर्व तक 21 थे।
* सिर्फ चार सहायक अभियंता हैं, जो अप्रैल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
* प्लानिंग अनुभाग में सिर्फ एक नगर नियोजक कार्यरत है।
* प्राधिकरण में सचिव और ओएसडी नहीं हैं।
कोट -
एचपीडीए को इस वित्तीय वर्ष में मानचित्र स्वीकृति से 17.98 करोड़ की आय हुई है। समस्त स्टाफ की मेहनत के बाद ही यह उपलब्धि मिली है। साथ ही हापुड़ को भी नए मानचित्रों की स्वीकृति से विकास के पंख लगेंगे। - डॉ.नितिन गौड, वीसी एचपीडीए।