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Hapur News: उच्च न्यायालय ने एसपी को किया तलब
Wed, 29 May 2024 10:51 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 29 May 2024 10:51 PM IST
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हापुड़। उच्च न्यायालय ने गंभीर धाराओं में दर्ज किए गए एक वाद को गलत मानते हुए पुलिस अधीक्षक को तलब किया है। साथ ही संबंधित कोतवाल पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।
मोहल्ला न्यू शिवपुरी निवासी ओमवीर सिंह ने बताया कि मोहल्ला रेवतीकुंज निवासी शिल्प कुमार गर्ग द्वारा उनके व परिवार के खिलाफ एक वाद दायर कराने के लिए 156(3) सीआरपीसी के अन्तर्गत सीजेएम न्यायालय में एक विधिक प्रार्थना पत्र दिया। जिसको न्यायालय ने आठ फरवरी 2024 को खंडित कर दिया। जिसके बाद शिल्प कुमार ने दस मई 2024 को नगर कोतवाली में गंभीर धाराओं में एक मुकदमा दर्ज करा दिया।
जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे को गलत माना तथा पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए है कि वह मामले की अगली तारीख पर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करे। साथ ही एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिसमें कहा है कि सीजेएम कोर्ट के आदेश के साथ ही हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए उन पर क्यों न पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए। एसपी अभिषेक वर्मा का कहना है कि आदेशों के संबंध में फिलहाल जानकारी नहीं हैं, जो भी आदेश होंगे उनका पालन कराया जाएगा।
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मोहल्ला न्यू शिवपुरी निवासी ओमवीर सिंह ने बताया कि मोहल्ला रेवतीकुंज निवासी शिल्प कुमार गर्ग द्वारा उनके व परिवार के खिलाफ एक वाद दायर कराने के लिए 156(3) सीआरपीसी के अन्तर्गत सीजेएम न्यायालय में एक विधिक प्रार्थना पत्र दिया। जिसको न्यायालय ने आठ फरवरी 2024 को खंडित कर दिया। जिसके बाद शिल्प कुमार ने दस मई 2024 को नगर कोतवाली में गंभीर धाराओं में एक मुकदमा दर्ज करा दिया।
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जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे को गलत माना तथा पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए है कि वह मामले की अगली तारीख पर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करे। साथ ही एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिसमें कहा है कि सीजेएम कोर्ट के आदेश के साथ ही हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए उन पर क्यों न पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए। एसपी अभिषेक वर्मा का कहना है कि आदेशों के संबंध में फिलहाल जानकारी नहीं हैं, जो भी आदेश होंगे उनका पालन कराया जाएगा।
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