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हेपेटाइटिस ने ली एक और युवक की जान
अमर उजाला, गढ़
Updated Sun, 10 Jan 2016 10:23 PM IST
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दूषित पानी पीने से हुई गंभीर बीमारियों का शिकार एक और युवक हुआ है। औद्योगिक नगरी सिंभावली क्षेत्र के गांव बक्सर का जीशान (23) की रविवार सुबह हेपेटाइटिस से मौत हो गई।
उसका इलाज मेरठ के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। बता दें कि गढ़ और सिंभावली तहसील में पिछले चार साल में 100 से अधिक लोग कैंसर के कारण दम तोड़ चुके हैं।
औद्योगिक नगरी सिंभावली के निकटवर्ती गांव बक्सर में हैंडपंपों से भी दूषित आता है। जिसके पीने से ग्रामीणों को पेट, लीवर और आंतों की बीमारियां हो रही हैं।
बक्सर निवासी इकरामुद्दीन खां के जीशान को करीब एक माह पहले पेट में दर्द हुआ था। परिजनों ने दिल्ली और नोएडा में जांच कराई तो डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस सी से पीड़ित बताया था।
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इकरामुद्दीन खां ने बेटे जीशान को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान ही जीशान की रविवार सुबह मौत हो गई।
चार साल में 100 की कैंसर से मौत हाल ही में कैंसर ने कई महिला-पुरुषों को मौत की नींद सुला दिया है। गढ़ और सिंभावली तहसील में पिछले चार साल में 100 से अधिक लोग कैंसर के कारण दम तोड़ चुके हैं।
पिछले तीन सप्ताह में ब्रजघाट में राकेश, गढ़ में पालिका सदस्य अमित शर्मा, कुलपुरोहित संतोष कौशिक की पूर्व अध्यापिका पत्नी, गांव सेहल में ब्रिजेश देवी, सिंभावली के गांव रतूपुरा में हुस्नजहां, गांव गंदूनंगला में तारादेवी और गांव मुरादपुर इकरार खां की जान कैंसर ले चुका है।
पर्यावरणविद् प्रो. अब्बास अली का कहना है कि गढ़ क्षेत्र में दूषित भूजल लोगों के लिए जानलेवा बना है। दूषित भूजल होने का कारण गंगा में गिर रहा फैक्ट्रियों का वेस्ट है। यह पानी हेपेटाइटिस, पीलिया, लीवर में कैंसर आदि फैला रहा है।
हेपेटाइटिस बी और सी पानी के कारण नहीं होते हैं। फिर भी शिकायत आने पर भूजल के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। हेपेटाइटिस से मौत की जानकारी नहीं है। - डॉ. सुभाष चंद्र गुप्ता, सीएमओ
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उसका इलाज मेरठ के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। बता दें कि गढ़ और सिंभावली तहसील में पिछले चार साल में 100 से अधिक लोग कैंसर के कारण दम तोड़ चुके हैं।
औद्योगिक नगरी सिंभावली के निकटवर्ती गांव बक्सर में हैंडपंपों से भी दूषित आता है। जिसके पीने से ग्रामीणों को पेट, लीवर और आंतों की बीमारियां हो रही हैं।
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बक्सर निवासी इकरामुद्दीन खां के जीशान को करीब एक माह पहले पेट में दर्द हुआ था। परिजनों ने दिल्ली और नोएडा में जांच कराई तो डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस सी से पीड़ित बताया था।
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इकरामुद्दीन खां ने बेटे जीशान को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान ही जीशान की रविवार सुबह मौत हो गई।
चार साल में 100 की कैंसर से मौत हाल ही में कैंसर ने कई महिला-पुरुषों को मौत की नींद सुला दिया है। गढ़ और सिंभावली तहसील में पिछले चार साल में 100 से अधिक लोग कैंसर के कारण दम तोड़ चुके हैं।
पिछले तीन सप्ताह में ब्रजघाट में राकेश, गढ़ में पालिका सदस्य अमित शर्मा, कुलपुरोहित संतोष कौशिक की पूर्व अध्यापिका पत्नी, गांव सेहल में ब्रिजेश देवी, सिंभावली के गांव रतूपुरा में हुस्नजहां, गांव गंदूनंगला में तारादेवी और गांव मुरादपुर इकरार खां की जान कैंसर ले चुका है।
पर्यावरणविद् प्रो. अब्बास अली का कहना है कि गढ़ क्षेत्र में दूषित भूजल लोगों के लिए जानलेवा बना है। दूषित भूजल होने का कारण गंगा में गिर रहा फैक्ट्रियों का वेस्ट है। यह पानी हेपेटाइटिस, पीलिया, लीवर में कैंसर आदि फैला रहा है।
हेपेटाइटिस बी और सी पानी के कारण नहीं होते हैं। फिर भी शिकायत आने पर भूजल के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। हेपेटाइटिस से मौत की जानकारी नहीं है। - डॉ. सुभाष चंद्र गुप्ता, सीएमओ