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Hapur News: हापुड़ बनेगा हब, कारगो टर्मिनल से प्रतिमाह मुंबई और कोलकाता जाएंगी 50 मालगाड़ियां
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हापुड़। रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के दी गति शक्ति कार्गो टर्मिनल का बृहस्पतिवार (आज) शुभारंभ होगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रवीन कुमार इसका शुभारंभ करेंगे। कुराना टोल प्लाजा के पास 12 एकड़ में बने पहले स्टेशन का शुभारंभ होने से प्रतिमाह मुंबई और कोलकाता तक 50 मालगाड़ियां प्रतिमाह यहां से जाएंगी। इन मालगाड़ियों में चार पहिया वाहनों को लोड करके भेजा जाएगा।
सुशीला वेंकेटेश्वर इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक के डायरेक्टर अक्षय चौहान ने बताया कि मालगाड़ियों के सफल संचालन के लिए केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण रेलवे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना के अंतर्गत इसका निर्माण कराया गया है। परियोजना के तहत पश्चिम उत्तर प्रदेश के पांच स्टेशनों को विशेष दर्जा दिया जाएगा। इन पांच स्टेशनों में हापुड़ का नाम भी शामिल है। यात्री रेलगाड़ियों को पुराने रेलमार्ग पर संचालित किया जाएगा, जबकि इस लाइन पर सिर्फ मालगाड़ियों का संचालन इस पर होगा। उन्होंने बताया कि हापुड़ के जिलों से माल को लोड करने के लिए अभी कोई स्टेशन नहीं था, यह पहला स्टेशन होगा। बुलंदशहर, गाजियाबाद चार पहिया कार की लोडिंग और अनलोडिंग का यहां पर हब बनेगा। प्रत्येक मालगाड़ी में 252 ट्रेन इसमें लोड होकर आया और जाया करेंगी। गुरुग्राम के मारुति के प्लांट से गाड़ी यहां आएंगी और यहां से लोड होकर दूसरे प्रदेशों में जाएंगी। इस प्रकार से यह स्टेशन एक पूरा हब बनेगा। इसके अलावा स्टील भरकर भी गाड़ियों से भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के डानकुनी से पंजाब के लुधियाना, मुंबई तक बनेगा। इसकी लंबाई करीब 1839 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश में पांच स्टेशन बनेंगे। इन पांचों स्टेशनों पर सामान रखने के यार्ड बनाए जाने हैं। जिन स्टेशनों का यार्ड के लिए चयन किया गया था, इसमें हापुड़ का भी नाम शामिल है। इस कारण हापुड़ जिले को विकास की नई रफ्तार भी मिलेगी।
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सुशीला वेंकेटेश्वर इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक के डायरेक्टर अक्षय चौहान ने बताया कि मालगाड़ियों के सफल संचालन के लिए केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण रेलवे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना के अंतर्गत इसका निर्माण कराया गया है। परियोजना के तहत पश्चिम उत्तर प्रदेश के पांच स्टेशनों को विशेष दर्जा दिया जाएगा। इन पांच स्टेशनों में हापुड़ का नाम भी शामिल है। यात्री रेलगाड़ियों को पुराने रेलमार्ग पर संचालित किया जाएगा, जबकि इस लाइन पर सिर्फ मालगाड़ियों का संचालन इस पर होगा। उन्होंने बताया कि हापुड़ के जिलों से माल को लोड करने के लिए अभी कोई स्टेशन नहीं था, यह पहला स्टेशन होगा। बुलंदशहर, गाजियाबाद चार पहिया कार की लोडिंग और अनलोडिंग का यहां पर हब बनेगा। प्रत्येक मालगाड़ी में 252 ट्रेन इसमें लोड होकर आया और जाया करेंगी। गुरुग्राम के मारुति के प्लांट से गाड़ी यहां आएंगी और यहां से लोड होकर दूसरे प्रदेशों में जाएंगी। इस प्रकार से यह स्टेशन एक पूरा हब बनेगा। इसके अलावा स्टील भरकर भी गाड़ियों से भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के डानकुनी से पंजाब के लुधियाना, मुंबई तक बनेगा। इसकी लंबाई करीब 1839 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश में पांच स्टेशन बनेंगे। इन पांचों स्टेशनों पर सामान रखने के यार्ड बनाए जाने हैं। जिन स्टेशनों का यार्ड के लिए चयन किया गया था, इसमें हापुड़ का भी नाम शामिल है। इस कारण हापुड़ जिले को विकास की नई रफ्तार भी मिलेगी।
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