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पिलखुवा और धौलाना औद्योगिक क्षेत्र के लिए दमकल केंद्र की दरकार
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पिलखुवा और धौलाना के औद्योगिक क्षेत्र के लिए दमकल केंद्र की दरकार
पिलखुवा। पिलखुवा-धौलाना औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां अभी तक दमकल केंद्र स्थापित नहीं हो सका है। हजारों फैक्टरियां और छोटे-बड़े कारखाने स्थापित होने के कारण यहां से करोड़ों का राजस्व सरकार को मिलता है। लापरवाही का आलम यह है कि 21 वर्ष पहले एचपीडीए ने टेक्सटाइल की स्थापना के दौरान अग्निशमन केंद्र के लिए जमीन आवंटित की थी लेकिन बजट न मिलने के कारण इसका निर्माण नहीं हो सका। कई बार दोनों ही औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित फैक्टरियों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें जान माल का भी काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद भी न तो जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई कवायद की गई और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने ध्यान दिया।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्रधिकरण (एचपीडीए) ने साल 2000 में डूहरी पेट्रोल पंप के पीछे टेक्सटाइल सेंटर की स्थापना की थी, वहीं पर लगभग पांच हजार वर्ग मीटर जमीन दमकल केंद्र के लिए आवंटित की थी। इसके बाद जिला स्तर से दमकल केंद्र की स्थापना के लिए नक्शा और प्रस्ताव बनाकर शासन को रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण इसका निर्माण अधर में अटका है। दो दशक से शासन में बजट के लिए फाइल लंबित हैं। बता दें कि हैंडलूम नगरी पिलखुवा में चादर की रंगाई, छपाई और धुलाई का बड़े स्तर पर काम होता हैं, वहीं धौलाना में केमिकल के अलावा अन्य उत्पादन की फैक्टरियां है। दोनों स्थानों पर साढ़े चार हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरी एवं कारखाने संचालित है।
छह माह में घटित आग की प्रमुख घटनाएं
- 22 नवंबर को ऑर्गेनो में लगी भीषण आग में दो श्रमिक बुरी तरह झुलसे।
- 29 अक्तूबर को सजल पेट्रोकेमिकल्स में भयंकर आग लगी।
- 17 जुलाई को कबाड़ में आग लगने से पड़ोसी फैक्टरी स्वामी झुलसा।
- तीन जुलाई को लीना आर्गेनिक्स के सामने टैंकर में लगी आग।
उद्यमियों को हो रहा नुकसान
दमकल केंद्र की स्थापना नहीं होने के कारण पिलखुवा और धौलाना की फैक्टरियों एवं कारखानों में आग लगने से लाखों रुपयों का नुकसान हो जाता है। कई बार दमकल केंद्र बनाने की मांग कर चुके है, लेकिन जमीन मिलने के बाद भी निर्माण नहीं हुआ। - विकास शर्मा, संरक्षक, टेक्सटाइल सेंटर व्यापारी एसोसिएशन पिलखुवा।
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घोषणा पत्र में शामिल करें राजनीतिक दल
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षाओं के चलते, पिलखुवा टेक्सटाइल सेंटर में जमीन आवंटित होने के बाद भी अभी तक दमकल केंद्र स्थापित नहीं हो सका है। राजनीतिक दलों को इसे अपने घोषण पत्र में शामिल करना चाहिए।
- दीपांशु गर्ग, कारोबारी।
सरकार को करोड़ों का मिलता है राजस्व
पिलखुवा और धौलाना औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां पर दमकल केंद्र का नहीं होना चिंता का विषय है। इतना तो तब है, जब दोनों जगह से करोड़ का राजस्व सरकार को दिया जाता है। जबकि आग से हर साल नुकसान भी होता है।
विवेक शर्मा, कारोबारी।
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पिलखुवा। पिलखुवा-धौलाना औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां अभी तक दमकल केंद्र स्थापित नहीं हो सका है। हजारों फैक्टरियां और छोटे-बड़े कारखाने स्थापित होने के कारण यहां से करोड़ों का राजस्व सरकार को मिलता है। लापरवाही का आलम यह है कि 21 वर्ष पहले एचपीडीए ने टेक्सटाइल की स्थापना के दौरान अग्निशमन केंद्र के लिए जमीन आवंटित की थी लेकिन बजट न मिलने के कारण इसका निर्माण नहीं हो सका। कई बार दोनों ही औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित फैक्टरियों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें जान माल का भी काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद भी न तो जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई कवायद की गई और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने ध्यान दिया।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्रधिकरण (एचपीडीए) ने साल 2000 में डूहरी पेट्रोल पंप के पीछे टेक्सटाइल सेंटर की स्थापना की थी, वहीं पर लगभग पांच हजार वर्ग मीटर जमीन दमकल केंद्र के लिए आवंटित की थी। इसके बाद जिला स्तर से दमकल केंद्र की स्थापना के लिए नक्शा और प्रस्ताव बनाकर शासन को रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण इसका निर्माण अधर में अटका है। दो दशक से शासन में बजट के लिए फाइल लंबित हैं। बता दें कि हैंडलूम नगरी पिलखुवा में चादर की रंगाई, छपाई और धुलाई का बड़े स्तर पर काम होता हैं, वहीं धौलाना में केमिकल के अलावा अन्य उत्पादन की फैक्टरियां है। दोनों स्थानों पर साढ़े चार हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरी एवं कारखाने संचालित है।
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छह माह में घटित आग की प्रमुख घटनाएं
- 22 नवंबर को ऑर्गेनो में लगी भीषण आग में दो श्रमिक बुरी तरह झुलसे।
- 29 अक्तूबर को सजल पेट्रोकेमिकल्स में भयंकर आग लगी।
- 17 जुलाई को कबाड़ में आग लगने से पड़ोसी फैक्टरी स्वामी झुलसा।
- तीन जुलाई को लीना आर्गेनिक्स के सामने टैंकर में लगी आग।
उद्यमियों को हो रहा नुकसान
दमकल केंद्र की स्थापना नहीं होने के कारण पिलखुवा और धौलाना की फैक्टरियों एवं कारखानों में आग लगने से लाखों रुपयों का नुकसान हो जाता है। कई बार दमकल केंद्र बनाने की मांग कर चुके है, लेकिन जमीन मिलने के बाद भी निर्माण नहीं हुआ। - विकास शर्मा, संरक्षक, टेक्सटाइल सेंटर व्यापारी एसोसिएशन पिलखुवा।
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घोषणा पत्र में शामिल करें राजनीतिक दल
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षाओं के चलते, पिलखुवा टेक्सटाइल सेंटर में जमीन आवंटित होने के बाद भी अभी तक दमकल केंद्र स्थापित नहीं हो सका है। राजनीतिक दलों को इसे अपने घोषण पत्र में शामिल करना चाहिए।
- दीपांशु गर्ग, कारोबारी।
सरकार को करोड़ों का मिलता है राजस्व
पिलखुवा और धौलाना औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां पर दमकल केंद्र का नहीं होना चिंता का विषय है। इतना तो तब है, जब दोनों जगह से करोड़ का राजस्व सरकार को दिया जाता है। जबकि आग से हर साल नुकसान भी होता है।
विवेक शर्मा, कारोबारी।