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पिलखुवा में सभासदों के हंगामे में फंस गया 75 करोड़ का विकास
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पिलखुवा में सभासदों के हंगामे में फंस गया 75 करोड़ का विकास
पिलखुवा। नगर पालिका पिलखुवा की तीसरी बार हुई बोर्ड बैठक सभासदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई जिसके चलते विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित 75 करोड़ का बजट पास नहीं हो सका। बोर्ड बैठक में सभासदों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। बजट को पारित कराने के पक्ष में सात और विरोध में चौदह सभासद रहे, वहीं चार सभासद बैठक से अनुपस्थित थे।
पिलखुवा का विकास पिछले तीन साल से पालिकाध्यक्ष, ईओ व सभासदों की आपसी खींचतान के चलते अटका हुआ है। शहर के विकास के लिए 75 करोड़ की योजना बनाई गई है लेकिन सभासदों के हंगामे के चलते कोरम पूरा नहीं हो रहा है। शुक्रवार को पालिका सभागार में तीसरी बार बैठक बुलाई गई। कई सदस्यों के देरी से आने के कारण बैठक 22 मिनट देरी से शुरू हुई। बैठक शुरू होने से पहले ही सभासद संजय चेतन राणा ने अबैठक को नियम विरुद्ध बताते हुए स्थगित करने की मांग की। जिस पर पालिकाध्यक्ष के निर्देश पर पालिका नियमावली का अध्ययन किया, जिसके बाद ईओ ने बैठक को वैधानिक बताया। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष गीता गोयल ने कहा कि बैठक में केवल बजट पर ही चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सभासदों में हुई नोकझोंक
बजट पर चर्चा के दौरान सभासदों के बीच नोकझोंक हुई। सभासद इस्लाम मलिक ने बजट के पक्ष में बोलते हुए कहा कि आपसी रार के चलते पिछले दो साल से शहर का विकास रुका हैं। उनके वार्ड में ढेरों समस्याएं है जिनका समाधान होना है। इस पर सभासद संजय चेतन राणा, संजीव शर्मा गुड्डू, मनोज हेडली और सुशील तोमर ने कहा कि नगर का विकास कराने के नाम पर शहरवासियों को ठगा जा रहा है। हस्तक्षेप करते हुए पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने सभी को शांत कराया और बजट पारित करने के लिए सबका का मत जाना। जिसमें सभासद इस्लाम मलिक, दीपेश माहेश्वरी, राकेश शर्मा, प्रदीप चौधरी, मानसी मित्तल, इरशाद मलिक और सुगरा बेगम ने बजट पारित करने के पक्ष में मत किया। वहीं कुसुम देवी, कट्टो, गजराज कोरी, प्रेमचंद, मनोज, संजय कुमार, संजीव शर्मा, सुशील तोमर, लोकेश, अमरीन बानो, प्रदीप कुमार, विकास तोमर, ओमवीर, सबीला ने बजट के विरोध में मत किया। इसके अलावा अंशुल मित्तल, सुनीता, भावना, कविता रानी सभासद अनुपस्थित रहे।
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तीसरी बार बुलाई गई बैठक
पालिकाध्यक्ष द्वारा मूल बजट पारित कराने के लिए शुक्रवार को तीसरी बार बैठक बुलाई गई थी। इससे पहले 27 मई को वर्चुअल बोर्ड बैठक रखी गई थी। जिसका सभासदों ने विरोध किया था और कोरम पूरा नहीं होने के चलते बैठक स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद 31 मई को दोबारा जूम एप के माध्यम से बोर्ड बैठक हुई। जिसमें बहुमत नहीं मिलने के चलते बजट पारित नहीं हो सका था।
पालिकध्यक्ष के निर्देशानुसार आगामी तय तिथि पर चौथी बार बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी। नियमानुसार बजट पारित कराने के लिए तीन बार बैठक में चर्चा होनी अनिवार्य है। पहली बैठक स्थगित होने के चलते अब तक दो बार बैठकों में बजट को लेकर बहस हो चुकी है। इसीलिए एक बार फिर बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी। यदि उस बैठक में भी बजट पारित नहीं होता है, शासन स्तर से बजट को पारित कराया जाएगा।
- विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी पिलखुवा।
शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य होने है। मानसून के मद्देनजर शहर को जलभराव से मुक्त कराना है। क्षतिग्रस्त सड़क दुरुस्त होनी है। ऐसे में मूल बजट पारित नहीं होने के चलते कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। सभासदों से अनुरोध है कि शहर हित में बजट पारित करने में सहयोग प्रदान करें। अगर बजट पास हो जाएगा तो उससे शहर का ही विकास होगा। जनता को भी राहत मिलेगी।
- गीता गोयल, पालिकाध्यक्ष पिलखुवा।
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पिलखुवा। नगर पालिका पिलखुवा की तीसरी बार हुई बोर्ड बैठक सभासदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई जिसके चलते विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित 75 करोड़ का बजट पास नहीं हो सका। बोर्ड बैठक में सभासदों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। बजट को पारित कराने के पक्ष में सात और विरोध में चौदह सभासद रहे, वहीं चार सभासद बैठक से अनुपस्थित थे।
पिलखुवा का विकास पिछले तीन साल से पालिकाध्यक्ष, ईओ व सभासदों की आपसी खींचतान के चलते अटका हुआ है। शहर के विकास के लिए 75 करोड़ की योजना बनाई गई है लेकिन सभासदों के हंगामे के चलते कोरम पूरा नहीं हो रहा है। शुक्रवार को पालिका सभागार में तीसरी बार बैठक बुलाई गई। कई सदस्यों के देरी से आने के कारण बैठक 22 मिनट देरी से शुरू हुई। बैठक शुरू होने से पहले ही सभासद संजय चेतन राणा ने अबैठक को नियम विरुद्ध बताते हुए स्थगित करने की मांग की। जिस पर पालिकाध्यक्ष के निर्देश पर पालिका नियमावली का अध्ययन किया, जिसके बाद ईओ ने बैठक को वैधानिक बताया। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष गीता गोयल ने कहा कि बैठक में केवल बजट पर ही चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं की जाएगी।
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बैठक के दौरान सभासदों में हुई नोकझोंक
बजट पर चर्चा के दौरान सभासदों के बीच नोकझोंक हुई। सभासद इस्लाम मलिक ने बजट के पक्ष में बोलते हुए कहा कि आपसी रार के चलते पिछले दो साल से शहर का विकास रुका हैं। उनके वार्ड में ढेरों समस्याएं है जिनका समाधान होना है। इस पर सभासद संजय चेतन राणा, संजीव शर्मा गुड्डू, मनोज हेडली और सुशील तोमर ने कहा कि नगर का विकास कराने के नाम पर शहरवासियों को ठगा जा रहा है। हस्तक्षेप करते हुए पालिका के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने सभी को शांत कराया और बजट पारित करने के लिए सबका का मत जाना। जिसमें सभासद इस्लाम मलिक, दीपेश माहेश्वरी, राकेश शर्मा, प्रदीप चौधरी, मानसी मित्तल, इरशाद मलिक और सुगरा बेगम ने बजट पारित करने के पक्ष में मत किया। वहीं कुसुम देवी, कट्टो, गजराज कोरी, प्रेमचंद, मनोज, संजय कुमार, संजीव शर्मा, सुशील तोमर, लोकेश, अमरीन बानो, प्रदीप कुमार, विकास तोमर, ओमवीर, सबीला ने बजट के विरोध में मत किया। इसके अलावा अंशुल मित्तल, सुनीता, भावना, कविता रानी सभासद अनुपस्थित रहे।
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तीसरी बार बुलाई गई बैठक
पालिकाध्यक्ष द्वारा मूल बजट पारित कराने के लिए शुक्रवार को तीसरी बार बैठक बुलाई गई थी। इससे पहले 27 मई को वर्चुअल बोर्ड बैठक रखी गई थी। जिसका सभासदों ने विरोध किया था और कोरम पूरा नहीं होने के चलते बैठक स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद 31 मई को दोबारा जूम एप के माध्यम से बोर्ड बैठक हुई। जिसमें बहुमत नहीं मिलने के चलते बजट पारित नहीं हो सका था।
पालिकध्यक्ष के निर्देशानुसार आगामी तय तिथि पर चौथी बार बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी। नियमानुसार बजट पारित कराने के लिए तीन बार बैठक में चर्चा होनी अनिवार्य है। पहली बैठक स्थगित होने के चलते अब तक दो बार बैठकों में बजट को लेकर बहस हो चुकी है। इसीलिए एक बार फिर बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी। यदि उस बैठक में भी बजट पारित नहीं होता है, शासन स्तर से बजट को पारित कराया जाएगा।
- विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी पिलखुवा।
शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य होने है। मानसून के मद्देनजर शहर को जलभराव से मुक्त कराना है। क्षतिग्रस्त सड़क दुरुस्त होनी है। ऐसे में मूल बजट पारित नहीं होने के चलते कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। सभासदों से अनुरोध है कि शहर हित में बजट पारित करने में सहयोग प्रदान करें। अगर बजट पास हो जाएगा तो उससे शहर का ही विकास होगा। जनता को भी राहत मिलेगी।
- गीता गोयल, पालिकाध्यक्ष पिलखुवा।