{"_id":"60411a528ebc3ec5446dbc3f","slug":"hapur-news-pilakhwa-news-gbd21483748","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की मौत से सदमे में बेटे ने भी तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता की मौत से सदमे में बेटे ने भी तोड़ा दम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिता की मौैत से सदमे में बेटे ने भी तोड़ा दम
पिलखुवा। शहर के मोहल्ला गढ़ी में कैंसर की बीमारी से ग्रस्त पिता की मौत के सदमे में बेटे ने भी दम तोड़ दिया। परिवार में एक साथ दो मौत से कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार को गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया।
शहर के मोहल्ला गढ़ी निवासी 82 वर्षीय शिव सिंह पिछले काफी समय से गले में कैंसर की बीमारी से पीड़ित चल रहे थे। इसके चलते बुधवार की रात शिव सिंह की मौत हो गई। अन्य रिश्तेदारों के आने के चलते रात में अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। बृहस्पतिवार की सुबह शिव सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी। इसी बीच शिव सिंह के 42 वर्षीय पुत्र गजराज सिंह ने भी दम तोड़ दिया। यह देख परिजनों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। पिता-पुत्र की मौत की खबर सुनकर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। परिजनों का कहना है कि गजराज अपने पिता से बहुत प्यार करता था और पिता की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर पाया था। पिता-पुत्र का बृहस्पतिवार को एक साथ श्मशान में अंतिम संस्कार हुआ। दोनों की एक साथ चिता जलती देख सभी की आंखें नम हो गई।
विज्ञापन
पिलखुवा। शहर के मोहल्ला गढ़ी में कैंसर की बीमारी से ग्रस्त पिता की मौत के सदमे में बेटे ने भी दम तोड़ दिया। परिवार में एक साथ दो मौत से कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार को गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया।
शहर के मोहल्ला गढ़ी निवासी 82 वर्षीय शिव सिंह पिछले काफी समय से गले में कैंसर की बीमारी से पीड़ित चल रहे थे। इसके चलते बुधवार की रात शिव सिंह की मौत हो गई। अन्य रिश्तेदारों के आने के चलते रात में अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। बृहस्पतिवार की सुबह शिव सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी। इसी बीच शिव सिंह के 42 वर्षीय पुत्र गजराज सिंह ने भी दम तोड़ दिया। यह देख परिजनों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। पिता-पुत्र की मौत की खबर सुनकर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। परिजनों का कहना है कि गजराज अपने पिता से बहुत प्यार करता था और पिता की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर पाया था। पिता-पुत्र का बृहस्पतिवार को एक साथ श्मशान में अंतिम संस्कार हुआ। दोनों की एक साथ चिता जलती देख सभी की आंखें नम हो गई।
विज्ञापन