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कोकाकोला प्लांट मून बेवरेज के हाथों होगा संचालित
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कोकाकोला प्लांट मून बेवरेज के हाथों होगा संचालित
धौलाना। चार दिसंबर से 11 जनवरी तक अनवरत 38 दिन तक के विरोध प्रदर्शन के बाद हिंदुस्तान कोका कोला वेबरेज लिमिटेड के डासना बाटलिंग प्लांट के कर्मचारियों का संघर्ष रंग लाया और कोका कोला द्वारा मून वैबरेज को बेचे गए कंपनी के मालिकाना हक का विरोध भी शांत हो गया। सोमवार से कोकाकोला का बॉटलिंग प्लांट मून बेवरेज के हाथों संचालित होगा। शनिवार को गाजियाबाद जिला श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा के नेतृत्व में बैठक में श्रमिक यूनियन के पदाधिकारियों, बाटलिंग प्लांट के कर्मचारियों, कोकाकोला प्रबंधन एवं मून बेवरेज लिमिटेड के प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौता हुआ। मालिकाना हक मिलने पर अब सोमवार से कोकाकोला का बॉटलिंग प्लांट मून बेवरेज के हाथों संचालित किया जाएगा। बता दें कि 38 दिन तक के विरोध प्रदर्शन के फलस्वरूप स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों में विफल रहने पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच कई बार नोकझोंक हुई। डीएलसी के हस्तक्षेप के बाद कई चरणों में चली बैठकों के उपरांत 11 जनवरी को एक बार पुन: इस संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिला श्रम आयुक्त ने क्त्रस्ेता विक्त्रस्ेता एवं कर्मचारियों के अलावा श्रमिक यूनियन के अधिकारियों का पक्ष सुना। 10 घंटे तक चली बैठक में सभी पक्षों के बीच एक लिखित समझौता तय हुआ। जिला श्रम आयुक्त की उपस्थिति में लिखित समझौते में तय किया गया कि कर्मचारियों की सेवा पूर्व की भांति निरंतर जारी रहेंगी । कोका कोला अलग से एक्स ग्रेशिया पॉलिसी के अंतर्गत 0-10 वर्ष तक कंपनी में कार्य कर चुके कर्मचारियों को 3 लाख, 10-20 वर्ष तक 3.50 लाख, 20 वर्ष से ऊपर की सेवा पर 4.5 लाख स्वेच्छा से प्रदान करेगी। कर्मचारियों की सेवाएं और शर्तें यथावत रहेंगी। समझौते में श्रमिकों की सेवाएं व शर्ते यथावत बनी रहने, क्त्रस्ेता विक्त्रस्ेता के मध्य समझौते के अनुरूप श्रमिकों की सेवा शर्तें 2 वर्ष तक यथावत रहने और उसके बाद दीर्घकालिक समझौता श्रमिक संगठन एवं सेवायोजक के मध्य तय अवधि हेतु किया जाएगा। सेवा शर्तें संशोधन आपसी वार्ता एवं सामंजस्य से किया जाएगा। इस पर सहमति जताते हुए सभी पक्ष एक राय हुए। समझौते में यह भी तय किया कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध उत्पीड़न कार्यवाही द्वेष भावना से नहीं की जाएगी। श्रम कानूनों के अंतर्गत क्त्रस्ेता द्वारा कार्रवाई किए जाने का प्रावधान भी सुरक्षित किया गया। वही कर्मचारियों से सौहार्र्दपूर्ण वातावरण में काम पर वापस जाने और सेवायोजन के उत्पादन में पूर्ववत सहयोग प्रदान करने की शर्तें लागू की गई। समझौते में यह भी प्रावधान रखा गया है कि यदि कोई श्रमिक समझौते से सहमत नहीं है तो वह विधि सम्मत कानूनी कार्यवाही के लिए स्वतंत्र है। इस दौरान श्रमिक यूनियन सीटू के जिला प्रभारी दिनेश मिश्रा जेपी शुक्ला, हिंदुस्तान कोका कोला एम्पलाई यूनियन अध्यक्ष वेद पाल नागर, सचिव कन्हैयालाल मिश्रा ,सुशील कुमार, कैलाश चंद पांडे, सतीश, दिनेश, प्रवेश कुमार ,विश्वदीप एवं एटक के जिला प्रभारी प्रताप सिंह, पश्चिमी उत्तर प्रदेश कोकाकोला यूनियन अध्यक्ष सुलेमान ,महामंत्री अजीत त्यागी ,जाकिर हुसैन ,नदीम खान, विकास राणा ,श्रीपाल सहित दर्जन भर से अधिक कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे।
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धौलाना। चार दिसंबर से 11 जनवरी तक अनवरत 38 दिन तक के विरोध प्रदर्शन के बाद हिंदुस्तान कोका कोला वेबरेज लिमिटेड के डासना बाटलिंग प्लांट के कर्मचारियों का संघर्ष रंग लाया और कोका कोला द्वारा मून वैबरेज को बेचे गए कंपनी के मालिकाना हक का विरोध भी शांत हो गया। सोमवार से कोकाकोला का बॉटलिंग प्लांट मून बेवरेज के हाथों संचालित होगा। शनिवार को गाजियाबाद जिला श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा के नेतृत्व में बैठक में श्रमिक यूनियन के पदाधिकारियों, बाटलिंग प्लांट के कर्मचारियों, कोकाकोला प्रबंधन एवं मून बेवरेज लिमिटेड के प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौता हुआ। मालिकाना हक मिलने पर अब सोमवार से कोकाकोला का बॉटलिंग प्लांट मून बेवरेज के हाथों संचालित किया जाएगा। बता दें कि 38 दिन तक के विरोध प्रदर्शन के फलस्वरूप स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों में विफल रहने पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच कई बार नोकझोंक हुई। डीएलसी के हस्तक्षेप के बाद कई चरणों में चली बैठकों के उपरांत 11 जनवरी को एक बार पुन: इस संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिला श्रम आयुक्त ने क्त्रस्ेता विक्त्रस्ेता एवं कर्मचारियों के अलावा श्रमिक यूनियन के अधिकारियों का पक्ष सुना। 10 घंटे तक चली बैठक में सभी पक्षों के बीच एक लिखित समझौता तय हुआ। जिला श्रम आयुक्त की उपस्थिति में लिखित समझौते में तय किया गया कि कर्मचारियों की सेवा पूर्व की भांति निरंतर जारी रहेंगी । कोका कोला अलग से एक्स ग्रेशिया पॉलिसी के अंतर्गत 0-10 वर्ष तक कंपनी में कार्य कर चुके कर्मचारियों को 3 लाख, 10-20 वर्ष तक 3.50 लाख, 20 वर्ष से ऊपर की सेवा पर 4.5 लाख स्वेच्छा से प्रदान करेगी। कर्मचारियों की सेवाएं और शर्तें यथावत रहेंगी। समझौते में श्रमिकों की सेवाएं व शर्ते यथावत बनी रहने, क्त्रस्ेता विक्त्रस्ेता के मध्य समझौते के अनुरूप श्रमिकों की सेवा शर्तें 2 वर्ष तक यथावत रहने और उसके बाद दीर्घकालिक समझौता श्रमिक संगठन एवं सेवायोजक के मध्य तय अवधि हेतु किया जाएगा। सेवा शर्तें संशोधन आपसी वार्ता एवं सामंजस्य से किया जाएगा। इस पर सहमति जताते हुए सभी पक्ष एक राय हुए। समझौते में यह भी तय किया कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध उत्पीड़न कार्यवाही द्वेष भावना से नहीं की जाएगी। श्रम कानूनों के अंतर्गत क्त्रस्ेता द्वारा कार्रवाई किए जाने का प्रावधान भी सुरक्षित किया गया। वही कर्मचारियों से सौहार्र्दपूर्ण वातावरण में काम पर वापस जाने और सेवायोजन के उत्पादन में पूर्ववत सहयोग प्रदान करने की शर्तें लागू की गई। समझौते में यह भी प्रावधान रखा गया है कि यदि कोई श्रमिक समझौते से सहमत नहीं है तो वह विधि सम्मत कानूनी कार्यवाही के लिए स्वतंत्र है। इस दौरान श्रमिक यूनियन सीटू के जिला प्रभारी दिनेश मिश्रा जेपी शुक्ला, हिंदुस्तान कोका कोला एम्पलाई यूनियन अध्यक्ष वेद पाल नागर, सचिव कन्हैयालाल मिश्रा ,सुशील कुमार, कैलाश चंद पांडे, सतीश, दिनेश, प्रवेश कुमार ,विश्वदीप एवं एटक के जिला प्रभारी प्रताप सिंह, पश्चिमी उत्तर प्रदेश कोकाकोला यूनियन अध्यक्ष सुलेमान ,महामंत्री अजीत त्यागी ,जाकिर हुसैन ,नदीम खान, विकास राणा ,श्रीपाल सहित दर्जन भर से अधिक कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे।