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दस गांवों में फैला लंपी रोग, 10 पशुओं की मौत, सैकड़ों बीमार
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दस गांवों में फैला लंपी रोग, 10 पशुओं की मौत, सैकड़ों बीमार
हापुड़। सिंभावली ब्लॉक के गांवों में लंपी रोग ने पशुओं की हालत बिगाड़ दी है। अब तक 10 पशुओं की मौत हो जाने का दावा ग्रामीणों ने किया है, जबकि सैकड़ों पशु बीमार हो गए हैं। चिकन पॉक्स की तरह ही पशुओं के शरीर में गांठें पड़ रही हैं, जिनमें पस बनने के बाद उनकी मौत हो रही है। शासन ने एडवाइजरी जारी कर दी है, पशुपालन विभाग की टीमों ने गांवों में डेरा डाल दिया है, बाहर से पशुओं के खरीद फरोख्त पर भी रोक लगायी जा सकती है।
लंपी स्कीन डिजीज (एलएसडी) राजस्थान में फैला था, हापुड़ के गांव शुकरामपुरा में इस रोग ने पैर पसार दिए हैं, 60 से ज्यादा पशुओं में इस बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं। इसके अलावा डिबाई, शरीकपुर, धनपुरा, सिलारपुर, श्यामपुर, मुक्तेश्वरा, मतनौरा, अट्टा, औरंगाबाद में भी पशुओं के शरीर में गांठें बनने का मामला सामने आ रहा है। भाकियू के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने बताया कि अब तक इन गांवों में दस पशुओं की मौत इसी रोग के कारण हो गई है, सैकड़ों पशु अभी भी बीमार पड़े हैं। पशुपालन विभाग की टीमें आ रही हैं, लेकिन इस बीमारी के नियंत्रण के लिए कोई टीका अभी तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पशुओं को लक्षण के आधार पर ही दवाएं दी जा रही हैं।
पशु के बीमार होने पर विभाग को दें जानकारी
सीवीओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि पशु के बीमार होने पर इसकी जानकारी तत्काल पशुपालन विभाग को दें, टीमें गठित कर दी गई हैं जो पशुओं की निगरानी कर रही हैं। बाहर के पशुओं का हापुड़ में प्रवेश रोकना होगा।
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हापुड़। सिंभावली ब्लॉक के गांवों में लंपी रोग ने पशुओं की हालत बिगाड़ दी है। अब तक 10 पशुओं की मौत हो जाने का दावा ग्रामीणों ने किया है, जबकि सैकड़ों पशु बीमार हो गए हैं। चिकन पॉक्स की तरह ही पशुओं के शरीर में गांठें पड़ रही हैं, जिनमें पस बनने के बाद उनकी मौत हो रही है। शासन ने एडवाइजरी जारी कर दी है, पशुपालन विभाग की टीमों ने गांवों में डेरा डाल दिया है, बाहर से पशुओं के खरीद फरोख्त पर भी रोक लगायी जा सकती है।
लंपी स्कीन डिजीज (एलएसडी) राजस्थान में फैला था, हापुड़ के गांव शुकरामपुरा में इस रोग ने पैर पसार दिए हैं, 60 से ज्यादा पशुओं में इस बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं। इसके अलावा डिबाई, शरीकपुर, धनपुरा, सिलारपुर, श्यामपुर, मुक्तेश्वरा, मतनौरा, अट्टा, औरंगाबाद में भी पशुओं के शरीर में गांठें बनने का मामला सामने आ रहा है। भाकियू के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने बताया कि अब तक इन गांवों में दस पशुओं की मौत इसी रोग के कारण हो गई है, सैकड़ों पशु अभी भी बीमार पड़े हैं। पशुपालन विभाग की टीमें आ रही हैं, लेकिन इस बीमारी के नियंत्रण के लिए कोई टीका अभी तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पशुओं को लक्षण के आधार पर ही दवाएं दी जा रही हैं।
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पशु के बीमार होने पर विभाग को दें जानकारी
सीवीओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि पशु के बीमार होने पर इसकी जानकारी तत्काल पशुपालन विभाग को दें, टीमें गठित कर दी गई हैं जो पशुओं की निगरानी कर रही हैं। बाहर के पशुओं का हापुड़ में प्रवेश रोकना होगा।
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