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सात साल से भरतपुर में छिपकर खेती कर रहा था हत्यारोपी
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सात साल से भरतपुर में छिपकर खेती कर रहा था हत्यारोपी
हापुड़। बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव पोटा कबूलपुर की सीमा से लगे उदयपुर के जंगल में वर्ष 2015 में हुई गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी के मोहित शर्मा की हत्या के मामले में बाबूगढ़ पुलिस ने सात साल बाद हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हत्या के बाद से राजस्थान के जिला भरतपुर में अपने मामा के यहां खेती कर रहा था। आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
एक अप्रैल 2015 में गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी मूलचंद ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि पोटा कबूलपुर में उसकी पुत्री की शादी हुई है। 29 मार्च 2015 की शाम उसका पुत्र मोहित अपनी बहन पूजा के घर आया था। एक अप्रैल को इस गांव की सीमा से सटे बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर के जंगल में उसके बेटे का शव मिला था। इस मामले में मोहित के जीजा योगेश, गजेंद्र सिंह, जिला अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र के गांव हजियापुर निवासी राजू और जिला बुलंदशहर के थाना सलेमपुर क्षेत्र के गांव बनवारी पुर निवासी लाखन सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में पता चला था कि योगेश अपनी जमीन को बेचना चाहता था। उसकी पत्नी पूजा और साला मोहित जमीन बेचने का विरोध करते थे। जिसके चलते योगेश ने योजनाबद्ध तरीके से मोहित की हत्या कर दी थी। पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जबकि लाखन की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। फरार आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार के ईनाम की घोषणा की थी।
सीओ एसएन वैभव पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से लाखन राजस्थान के जिला भरतपुर क्षेत्र के गांव बलदेव बांश निवासी किसान मानसिंह के यहां मजदूर बनकर खेतीबाड़ी कर रहा था। मंगलवार को वह अपने गांव में आधार कार्ड बनवाने आया था। जिसकी पुलिस को भनक लग गई। बुधवार को थाना बाबूगढ़ प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट ने टीम के साथ मिलकर लाखन को गांव दयानतपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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हापुड़। बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव पोटा कबूलपुर की सीमा से लगे उदयपुर के जंगल में वर्ष 2015 में हुई गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी के मोहित शर्मा की हत्या के मामले में बाबूगढ़ पुलिस ने सात साल बाद हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हत्या के बाद से राजस्थान के जिला भरतपुर में अपने मामा के यहां खेती कर रहा था। आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
एक अप्रैल 2015 में गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी मूलचंद ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि पोटा कबूलपुर में उसकी पुत्री की शादी हुई है। 29 मार्च 2015 की शाम उसका पुत्र मोहित अपनी बहन पूजा के घर आया था। एक अप्रैल को इस गांव की सीमा से सटे बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर के जंगल में उसके बेटे का शव मिला था। इस मामले में मोहित के जीजा योगेश, गजेंद्र सिंह, जिला अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र के गांव हजियापुर निवासी राजू और जिला बुलंदशहर के थाना सलेमपुर क्षेत्र के गांव बनवारी पुर निवासी लाखन सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में पता चला था कि योगेश अपनी जमीन को बेचना चाहता था। उसकी पत्नी पूजा और साला मोहित जमीन बेचने का विरोध करते थे। जिसके चलते योगेश ने योजनाबद्ध तरीके से मोहित की हत्या कर दी थी। पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जबकि लाखन की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। फरार आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार के ईनाम की घोषणा की थी।
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सीओ एसएन वैभव पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से लाखन राजस्थान के जिला भरतपुर क्षेत्र के गांव बलदेव बांश निवासी किसान मानसिंह के यहां मजदूर बनकर खेतीबाड़ी कर रहा था। मंगलवार को वह अपने गांव में आधार कार्ड बनवाने आया था। जिसकी पुलिस को भनक लग गई। बुधवार को थाना बाबूगढ़ प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट ने टीम के साथ मिलकर लाखन को गांव दयानतपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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