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जमीन होगी महंगी, पांच साल बाद 30 फीसदी बढ़ेंगे सर्किल रेट
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गांव चितौली स्थित रजिस्ट्री कार्यालय । संवाद
- फोटो : HAPUR
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जमीन होगी महंगी, पांच साल के बाद 30 फीसदी बढ़ेंगे सर्किल रेट
हापुड़। जिले में अब जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। पांच साल बाद सर्किल रेट में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी होने जा रही है। डीएम ने निबंधन विभाग की रिपोर्ट पर सर्वे की अनुमति दे दी है। छह जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में विशेष बैठक होगी, जिसमें सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा कर जमीन, मकान, दुकानों के सर्किल रेट पर अहम फैसला लिया जाएगा। आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वर्ष 2017 में अंतिम बार सर्किल रेट तय हुए थे, अब पांच साल बाद फिर इनमें बढ़ोतरी होगी। सर्वे में पहली बार नव विकसित कॉलोनियों, सड़कों को शामिल किया जा सकता है। शहरी क्षेत्र का सर्वे एसडीएम सदर, तहसीलदार व उप निबंधक करेंगे। बाजार मूल्य का आंकलन किया जाएगा। कृषि, आवासीय व व्यावसायिक तीन तरह की श्रेणियां बनेंगी। पुराने बैनामों से कीमतों का मिलान होगा। बाजार मूल्य के अनुकूल सर्किल रेट निर्धारित किए जाएंगे और इसकी सूची जल्द तैयार की जाएगी।
एक्सप्रेसवे, हाईवे से कृषि भूमि के सर्किल रेट में आएगा उछाल
हापुड़ जिले से होकर गंगा एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है। इसके अलावा कई बाईपास भी हापुड़ से होकर निकले हैं। एचपीडीए की महायोजना 2031 भी लागू होने जा रही है। ऐसे में सबसे अधिक तेजी कृषि भूमि में देखी गई है, रजिस्ट्री भी देहात में ही सबसे अधिक हो रही हैं। ऐसे में वहां भी सर्किल रेट आंकलन कर ही बढ़ाया जाएगा।
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एक्सप्रेसवे पर भी तय होंगे रेट
एडीएम वित्त व प्रशासन श्रद्धा शांडिल्यायन के अनुसार नए सर्किल रेट में गंगा एक्सप्रेसवे, सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग और उनके लिंक मार्गों को शामिल किया जाएगा। वहां जमीनों की खरीद-फरोख्त का सर्वे होगा। एक्सप्रेसवे व अन्य मार्गों के सर्किल रेट नए सिरे से तय होंगे।
अधिवक्ता और व्यापारियों से मांगे जाएंगे सुझाव
नए सर्किल रेट को लेकर प्रशासन ने जन प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, बिल्डर, चार्टर्ड अकाउंटेंट व अन्य पेशेवरों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। एडीएम वित्त ने बताया कि इनके अलावा कोई भी व्यक्ति अपने सुझाव संबंधित तहसील के एसडीएम व उप निबंधक कार्यालय में जमा करा सकते हैं।
आपत्तियों के लिए मिलेंगे 15 दिन
सर्वे रिपोर्ट व नई रेट लिस्ट तैयार होने के बाद जिलाधिकारी की संस्तुति ली जाएगी। इसके बाद प्रस्तावित सर्किल रेट पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी। इसके लिए 15 दिन का समय मिलेगा। डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी आपत्तियों का निस्तारण कर सर्किल रेट लागू कर सकती है।
25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव
नए सर्किल रेट पांच साल बाद तय हो रहे हैं। पहले इसे हर दो साल बाद बढ़ाया जाता था। तब रेट में 10 फीसदी से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी होती थी। ऐसे में संभावना है कि इस बार सर्किल रेट 25 फीसदी से 30 फीसदी तक बढ़ेंगे। हालांकि इस संबंध में प्रशासन ने अभी स्थिति को स्पष्ट नहीं किया है।
सर्किल प्रथम की पॉश कॉलोनियों के वर्तमान रेट
कॉलोनी सर्किल रेट
अशोक कॉलोनी 24000
अलकापुरम 24000
कबाड़ी बाजार 32000
खिड़की बाजार 31000
पापड़ वाली गली 28500
पुराना बाजार 28500
सब्जी बाजार 30000
ज्ञान लोक 27500
भोला गंज 25000
न्यू आलोक कॉलोनी 25000
इंडियन कोल्ड स्टोरेज 25000
आलोक कॉलोनी 30000
---
सर्किल द्वितीय की पॉश कॉलोनियों के वर्तमान रेट-
कॉलोनी रेट
इंद्रलोक कॉलोनी 22000
शिवपुरी 20000
श्रीनगर 20000
कृष्णानगर 10000
केशव विहार 18000
खुर्जा पेच 19000
चंडी मंदिर 15000
त्यागीनगर 20000
देवलोक 15000
नारायण गंज 20000
परमानंद पुरम 22000
पक्का बाग 22000
पटेल नगर 20000
बैंक कॉलोनी (श्रीनगर) 20000
भगवती गंज 22000
रामगंज 20000
रेवती गंज 20000
कृष्णानगर 10000
अर्जुननगर स्वर्ग आश्रम रोड 8500
(नोट: कॉलोनियों के ये रेट हजार रुपये प्रति गज में हैं। सर्किल रेट निबंधन कार्यालय से लिया गया है।)
मुआवजा मिलने के बाद गांवों की जमीन की बढ़ी रजिस्ट्री
जिले से होकर निकल रहे हाईवे व विकास की योजनाओं में अधिग्रहण का किसानों को मुआवजा मिल रहा है। इससे कृषि भूमि की खरीद फरोख्त काफी बढ़ गई है। राजस्व के मामले में रजिस्ट्री विभाग को शहर से ज्यादा देहात क्षेत्र में लाभ हो रहा है। वर्ष 2021-22 में देहात की रजिस्ट्री में जबरदस्त उछाल आया है, बीते सालों के मुकाबले में यह दोगुनी हो गई हैं।
कृषि और शहरी रजिस्ट्री की स्थिति
वर्ष कृषि रजिस्ट्री आय अकृषि रजिस्ट्री आय
2017-18 4378 4255.34 13103 6607.20
2018-19 4801 4837.87 15084 7540.39
2019-20 5067 5405.90 16167 8103.40
2020-21 4990 5497.87 16922 8324.89
2021-22 9367 11774 19919 10688.27
कोट -
सर्किल रेट बढ़ोत्तरी को लेकर सर्वे शुरू हो गया है, डीएम ने इसकी अनुमति दे दी है। छह जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सर्किल रेट को लेकर बैठक होगी। जिन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई है वह जल्द से जल्द करा लें। - अरुण शर्मा, एआईजी।
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हापुड़। जिले में अब जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। पांच साल बाद सर्किल रेट में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी होने जा रही है। डीएम ने निबंधन विभाग की रिपोर्ट पर सर्वे की अनुमति दे दी है। छह जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में विशेष बैठक होगी, जिसमें सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा कर जमीन, मकान, दुकानों के सर्किल रेट पर अहम फैसला लिया जाएगा। आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वर्ष 2017 में अंतिम बार सर्किल रेट तय हुए थे, अब पांच साल बाद फिर इनमें बढ़ोतरी होगी। सर्वे में पहली बार नव विकसित कॉलोनियों, सड़कों को शामिल किया जा सकता है। शहरी क्षेत्र का सर्वे एसडीएम सदर, तहसीलदार व उप निबंधक करेंगे। बाजार मूल्य का आंकलन किया जाएगा। कृषि, आवासीय व व्यावसायिक तीन तरह की श्रेणियां बनेंगी। पुराने बैनामों से कीमतों का मिलान होगा। बाजार मूल्य के अनुकूल सर्किल रेट निर्धारित किए जाएंगे और इसकी सूची जल्द तैयार की जाएगी।
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एक्सप्रेसवे, हाईवे से कृषि भूमि के सर्किल रेट में आएगा उछाल
हापुड़ जिले से होकर गंगा एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है। इसके अलावा कई बाईपास भी हापुड़ से होकर निकले हैं। एचपीडीए की महायोजना 2031 भी लागू होने जा रही है। ऐसे में सबसे अधिक तेजी कृषि भूमि में देखी गई है, रजिस्ट्री भी देहात में ही सबसे अधिक हो रही हैं। ऐसे में वहां भी सर्किल रेट आंकलन कर ही बढ़ाया जाएगा।
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एक्सप्रेसवे पर भी तय होंगे रेट
एडीएम वित्त व प्रशासन श्रद्धा शांडिल्यायन के अनुसार नए सर्किल रेट में गंगा एक्सप्रेसवे, सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग और उनके लिंक मार्गों को शामिल किया जाएगा। वहां जमीनों की खरीद-फरोख्त का सर्वे होगा। एक्सप्रेसवे व अन्य मार्गों के सर्किल रेट नए सिरे से तय होंगे।
अधिवक्ता और व्यापारियों से मांगे जाएंगे सुझाव
नए सर्किल रेट को लेकर प्रशासन ने जन प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, बिल्डर, चार्टर्ड अकाउंटेंट व अन्य पेशेवरों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। एडीएम वित्त ने बताया कि इनके अलावा कोई भी व्यक्ति अपने सुझाव संबंधित तहसील के एसडीएम व उप निबंधक कार्यालय में जमा करा सकते हैं।
आपत्तियों के लिए मिलेंगे 15 दिन
सर्वे रिपोर्ट व नई रेट लिस्ट तैयार होने के बाद जिलाधिकारी की संस्तुति ली जाएगी। इसके बाद प्रस्तावित सर्किल रेट पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी। इसके लिए 15 दिन का समय मिलेगा। डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी आपत्तियों का निस्तारण कर सर्किल रेट लागू कर सकती है।
25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव
नए सर्किल रेट पांच साल बाद तय हो रहे हैं। पहले इसे हर दो साल बाद बढ़ाया जाता था। तब रेट में 10 फीसदी से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी होती थी। ऐसे में संभावना है कि इस बार सर्किल रेट 25 फीसदी से 30 फीसदी तक बढ़ेंगे। हालांकि इस संबंध में प्रशासन ने अभी स्थिति को स्पष्ट नहीं किया है।
सर्किल प्रथम की पॉश कॉलोनियों के वर्तमान रेट
कॉलोनी सर्किल रेट
अशोक कॉलोनी 24000
अलकापुरम 24000
कबाड़ी बाजार 32000
खिड़की बाजार 31000
पापड़ वाली गली 28500
पुराना बाजार 28500
सब्जी बाजार 30000
ज्ञान लोक 27500
भोला गंज 25000
न्यू आलोक कॉलोनी 25000
इंडियन कोल्ड स्टोरेज 25000
आलोक कॉलोनी 30000
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सर्किल द्वितीय की पॉश कॉलोनियों के वर्तमान रेट-
कॉलोनी रेट
इंद्रलोक कॉलोनी 22000
शिवपुरी 20000
श्रीनगर 20000
कृष्णानगर 10000
केशव विहार 18000
खुर्जा पेच 19000
चंडी मंदिर 15000
त्यागीनगर 20000
देवलोक 15000
नारायण गंज 20000
परमानंद पुरम 22000
पक्का बाग 22000
पटेल नगर 20000
बैंक कॉलोनी (श्रीनगर) 20000
भगवती गंज 22000
रामगंज 20000
रेवती गंज 20000
कृष्णानगर 10000
अर्जुननगर स्वर्ग आश्रम रोड 8500
(नोट: कॉलोनियों के ये रेट हजार रुपये प्रति गज में हैं। सर्किल रेट निबंधन कार्यालय से लिया गया है।)
मुआवजा मिलने के बाद गांवों की जमीन की बढ़ी रजिस्ट्री
जिले से होकर निकल रहे हाईवे व विकास की योजनाओं में अधिग्रहण का किसानों को मुआवजा मिल रहा है। इससे कृषि भूमि की खरीद फरोख्त काफी बढ़ गई है। राजस्व के मामले में रजिस्ट्री विभाग को शहर से ज्यादा देहात क्षेत्र में लाभ हो रहा है। वर्ष 2021-22 में देहात की रजिस्ट्री में जबरदस्त उछाल आया है, बीते सालों के मुकाबले में यह दोगुनी हो गई हैं।
कृषि और शहरी रजिस्ट्री की स्थिति
वर्ष कृषि रजिस्ट्री आय अकृषि रजिस्ट्री आय
2017-18 4378 4255.34 13103 6607.20
2018-19 4801 4837.87 15084 7540.39
2019-20 5067 5405.90 16167 8103.40
2020-21 4990 5497.87 16922 8324.89
2021-22 9367 11774 19919 10688.27
कोट -
सर्किल रेट बढ़ोत्तरी को लेकर सर्वे शुरू हो गया है, डीएम ने इसकी अनुमति दे दी है। छह जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सर्किल रेट को लेकर बैठक होगी। जिन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई है वह जल्द से जल्द करा लें। - अरुण शर्मा, एआईजी।