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खाद संकट : गोदामों में यूरिया खत्म, भटक रहे 20 हजार किसान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 10:30 PM IST
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गांव चमरी में बंद पड़ा खाद का गोदाम। संवाद - फोटो : HAPUR
खाद संकट : गोदामों में यूरिया खत्म, भटक रहे 20 हजार किसान
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हापुड़। जिले की खाद समिति और केंद्रों पर यूरिया संकट गहरा गया है, हापुड़ गन्ना समिति के गोदाम में तीन दिन से खाद खत्महै। चमरी स्थित समिति का गोदाम भी खाली हो गया। जिले के 20 हजार किसान खाद के लिए भटक रहे हैं, जहां यूरिया की उपलब्धता है वहां मारामारी मची है। एक किसान को अधिकतम पांच कट्टे ही मिल पा रहे हैं। हालांकि अधिकारी पीसीएफ गोदाम में करीब 1200एमटी यूरिया होने का दावा कर रहे हैं।
जिले में बड़े पैमाने पर खेती होती है, गन्ना और धान की फसल की तैयारी में किसान जुटे हैं। गन्ने में उर्वरक लगाने का उपयुक्त समय चल रहा है। जिसके चलते प्रतिदिन की डिमांड 180एमटी तक पहुंच गई है। किसानों की जबरदस्त डिमांड के चलते समितियों के गोदाम खाली होने लगे हैं।
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सोमवार को अमर उजाला की टीम ने समिति व खाद केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी स्थित गन्ना समिति के गोदाम पर ताला जड़ा था, कोई कर्मचारी भी यहां मौजूद नहीं था। गन्ना पर्यवेक्षक सुरेंद्र सिंह खाद वितरण का कार्य देखते हैं, उनसे वार्ता पर पता चला कि तीन दिन से खाद खत्म है। यहां से किसानों को उधार में खाद मिलता है, करीब 20 हजार किसान इस समिति के सदस्य हैं, फिर भी अधिकारियों का ध्यान इस और नहीं है।
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इसके अलावा चमरी स्थित हापुड़ पश्चिमी समिति के गोदाम पर भी ताला जड़ा था, यहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि खाद का स्टाक खत्म हो गया है। डिमांड भेजी जा चुकी है। उधर, कुचेसर रोड चौपला स्थित खाद समिति से उर्वरक का वितरण हो रहा था, लेकिन यहां किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही थी। ऐसे में एक बार में एक किसान को अधिकतम पांच कट्टे ही दिए जा रहे थे।
हालांकि अधिकारियों का दावा है कि पीसीएफ गोदाम में अभी भी 1200 एमटी यूरिया और 800 एमटी डीएपी का स्टाक है, फिर भी खाद समितियों के गोदाम खाली पड़े हैं, जो बात किसानों को हजम नहीं हो रही है।
खाद किल्लत परेशानी
यूरिया की किल्लत से परेशानी हो रही है, फसलों में खाद लगाने का उपयुक्त समय चल रहा है। लेकिन किसानों को अधिकतम पांच कट्टा यूरिया ही दिया जा रहा है, बहुत से केंद्रों पर यूरिया ही नहीं है। - चंद्रपाल, किसान।--फोटो संख्या--10
रोज लगाने पड़ रहे चक्कर
जरूरत के समय खाद की किल्लत फसल को प्रभावित कर रही है। एक बार में दो से पांच कट्टे दिए जा रहे हैं, हर दूसरे दिन गोदाम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कोई समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। - कपिल, किसान।--फोटो संख्या--11
किसानों को नहीं मिली राहत
खाद के लिए कई केंद्रों के चक्कर लगाकर मंडी में आया हूं। यहां गन्ना समिति का केंद्र भी बंद है, वाह्य छोर पर स्थित केंद्र पर खाद मिला है। लेकिन यहां भी पांच कट्टे दिए जाने की बाध्यता है।--महेंद्र, किसान।--फोटो संख्या--12
दिनभर परेशान रहते है किसान
कुचेसर रोड चौपला पर खाद का केंद्र है, भीड़ अधिक होने के कारण यहां मारामारी मची रहती है। समिति के भवन की हालत जर्जर है, यहां सालों से खाद नहीं आता। किसानों को काफी परेशानी हो रही है।--जतिन चौधरी, किसान।--फोटो संख्या--13

कोट-
पीसीएफ गोदाम में 1200 एमटी से अधिक यूरिया उपलब्ध है, केंद्रों पर लगातार यूरिया भेजा जा रहा है। अगले सप्ताह एक और रैक आ जाएगी, डीएपी की रैक हापुड़ के लिए रवाना हो गई है। यूरिया के कट्टों के साथ नैनो यूरिया की व्यवस्था भी केंद्रों पर की गई है।--विकास नेहरा, एआर कोऑपरेटिव।

मंडी मे बंद पड़ा खाद का गोदाम। संवाद

मंडी मे बंद पड़ा खाद का गोदाम। संवाद- फोटो : HAPUR

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