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दुष्कर्म के दोषी को 7 वर्ष का कारावास
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दुष्कर्म के दोषी को 7 वर्ष का कारावास
हापुड। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया। जिसमें न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि थाना देहात के मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने आठ नवंबर 2014 को थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि मोहल्ला पन्नापुरी निवासी अतुल पुत्र फूल सिंह उसकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद किया था। नाबालिग के बयान व साक्ष्य के आधार तथा पूर्ण विवेचना कर पुलिस ने आरोपी पर अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने मामले की चार्जशीट अदालत में पेश की। पीड़ित के नाबालिग होने के कारण मामला अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय में चल रहा था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने मामले में फैसला सुनाया। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़ित को देने के भी आदेश किए। न्यायालय ने पीड़िता के पुर्नवास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक लाख रुपये की राहत राशि देने के भी आदेश दिए। प्राधिकरण के पास धनराशि न होने पर जिला अधिकारी एक माह के अंदर उक्त राहत राशि पीड़िता को देने के भी आदेश किए।
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हापुड। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया। जिसमें न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि थाना देहात के मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने आठ नवंबर 2014 को थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि मोहल्ला पन्नापुरी निवासी अतुल पुत्र फूल सिंह उसकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद किया था। नाबालिग के बयान व साक्ष्य के आधार तथा पूर्ण विवेचना कर पुलिस ने आरोपी पर अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने मामले की चार्जशीट अदालत में पेश की। पीड़ित के नाबालिग होने के कारण मामला अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय में चल रहा था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने मामले में फैसला सुनाया। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत धनराशि पीड़ित को देने के भी आदेश किए। न्यायालय ने पीड़िता के पुर्नवास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक लाख रुपये की राहत राशि देने के भी आदेश दिए। प्राधिकरण के पास धनराशि न होने पर जिला अधिकारी एक माह के अंदर उक्त राहत राशि पीड़िता को देने के भी आदेश किए।
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