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सीएचसी में अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह का इंतजार
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सीएचसी में अल्ट्रासाउंड के लिए एक माह का इंतजार
हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। केवल सुबह नौ बजे तक ही यहां अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। मरीजों की अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी लाइन लगी रहती है। वहीं, अल्ट्रासाउंड की सीमित संख्या निर्धारित होने के कारण मरीजों को एक माह बाद का समय दिया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट के दो पद हैं। इनमें से एक विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह आठ से 12 और एक चिकित्सक दोपहर 12 से दो बजे तक अल्ट्रासाउंड करते हैं। लेकिन, अस्पताल में एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन होने के कारण पुरुषों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। उनका अल्ट्रासाउंड करने के लिए सुबह आठ से नौ बजे तक का ही केवल एक घंटे का समय निर्धारित किया हुआ है।
एक घंटे में केवल 10 से 12 लोगों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। जिसके कारण पुरुषों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कई दिनों तक का इंतजार करना पड़ता है। उन्हें एक माह आगे तक का पर्ची पर समय लिखकर दे दिया जाता है। इतना ही नहीं यदि कोई पुरुष समय से न पहुंचे तो उसे वापिस भेजकर अगली तारीख दे दी जाती है। ऐसे में प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आने वाले मरीजों को सिर्फ आगे की तारीख ही मिलती है।
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नौ बजे के बाद महिलाओं के होते हैं अल्ट्रासाउंड
नौ बजे के बाद दो बजे तक अस्पताल में केवल महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। इतना समय मिलने के बाद भी अस्पताल पहुंचने वाली सभी महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते हैं। उन्हें भी दो सप्ताह आगे तक का भी समय दे दिया जाता है।
निजी अस्पताल में करनी पड़ रही जेब ढीली
मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी तारीख मिलने के कारण उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। उन्हें निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
एक और लगाई जाएगी मशीन
अस्पताल में एक और अल्ट्रासाउंड मशीन के लगवाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। एक मशीन और लग जाने के बाद अधिक से अधिक मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा सकेंगे। - डॉ. दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक
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हापुड़। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। केवल सुबह नौ बजे तक ही यहां अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। मरीजों की अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी लाइन लगी रहती है। वहीं, अल्ट्रासाउंड की सीमित संख्या निर्धारित होने के कारण मरीजों को एक माह बाद का समय दिया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट के दो पद हैं। इनमें से एक विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह आठ से 12 और एक चिकित्सक दोपहर 12 से दो बजे तक अल्ट्रासाउंड करते हैं। लेकिन, अस्पताल में एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन होने के कारण पुरुषों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। उनका अल्ट्रासाउंड करने के लिए सुबह आठ से नौ बजे तक का ही केवल एक घंटे का समय निर्धारित किया हुआ है।
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एक घंटे में केवल 10 से 12 लोगों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। जिसके कारण पुरुषों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कई दिनों तक का इंतजार करना पड़ता है। उन्हें एक माह आगे तक का पर्ची पर समय लिखकर दे दिया जाता है। इतना ही नहीं यदि कोई पुरुष समय से न पहुंचे तो उसे वापिस भेजकर अगली तारीख दे दी जाती है। ऐसे में प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आने वाले मरीजों को सिर्फ आगे की तारीख ही मिलती है।
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नौ बजे के बाद महिलाओं के होते हैं अल्ट्रासाउंड
नौ बजे के बाद दो बजे तक अस्पताल में केवल महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। इतना समय मिलने के बाद भी अस्पताल पहुंचने वाली सभी महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते हैं। उन्हें भी दो सप्ताह आगे तक का भी समय दे दिया जाता है।
निजी अस्पताल में करनी पड़ रही जेब ढीली
मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी तारीख मिलने के कारण उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। उन्हें निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
एक और लगाई जाएगी मशीन
अस्पताल में एक और अल्ट्रासाउंड मशीन के लगवाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। एक मशीन और लग जाने के बाद अधिक से अधिक मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा सकेंगे। - डॉ. दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक