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प्रवेश उत्सव :11 से 14 साल की छात्राओं के प्रवेश को चलेगा अभियान
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प्रवेश उत्सव : 11 से 14 साल की छात्राओं के दाखिले को चलेगा अभियान
हापुड़। जिले में 11 से 14 साल की बालिकाएं शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहेंगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव शुरू करने जा रहा है। छात्राओं को चिन्हित कर सूचना प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। शासन से आदेश मिलने के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।
जिले में प्राइमरी और जूनियर स्कूलों की संख्या 630 से अधिक है। इन विद्यालयों में 84 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों को छात्रों के नामांकन का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल करने का दावा किया जाता है। जिले में बहुत सी बालिकाएं घर के कामकाज और गरीबी के कारण स्कूलों तक नहीं जा पाती हैं।
शासन ने ऐसी 11 से 14 साल की बालिकाओं को शिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें बहुत सी छात्राएं ऐसी भी हैं, जिन्होंने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी है। ऐसी छात्राओं को दाखिला दिलाने के लिए कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव शुरू किया गया है। छात्राओं को चिन्हित करने के बाद इनकी काउंसलिंग कराई जाएगी, इसके बाद इनका डाटा प्रबंध पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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पूरा करना होगा लक्ष्य
स्कूल चलो अभियान और कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के तहत नामांकन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में बीएसए ने पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं।
अभिभावकों को जागरूक करेंगे शिक्षक
अभियान को सफल बनाने के लिए ऐसे परिवारों को जागरूक किया जाएगा, जो अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजते हैं। शिक्षकों के अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी निभानी होगी।
कोट-
कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव में 11 से 14 साल की किशोरियों को प्रवेश दिलाया जाएगा। चयन प्रक्रिया शुरू करा दी गई है, शिक्षकों को इस संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए हैं।
- अर्चना गुप्ता, बीएसए हापुड़
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हापुड़। जिले में 11 से 14 साल की बालिकाएं शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहेंगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव शुरू करने जा रहा है। छात्राओं को चिन्हित कर सूचना प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। शासन से आदेश मिलने के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।
जिले में प्राइमरी और जूनियर स्कूलों की संख्या 630 से अधिक है। इन विद्यालयों में 84 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों को छात्रों के नामांकन का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल करने का दावा किया जाता है। जिले में बहुत सी बालिकाएं घर के कामकाज और गरीबी के कारण स्कूलों तक नहीं जा पाती हैं।
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शासन ने ऐसी 11 से 14 साल की बालिकाओं को शिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें बहुत सी छात्राएं ऐसी भी हैं, जिन्होंने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी है। ऐसी छात्राओं को दाखिला दिलाने के लिए कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव शुरू किया गया है। छात्राओं को चिन्हित करने के बाद इनकी काउंसलिंग कराई जाएगी, इसके बाद इनका डाटा प्रबंध पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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पूरा करना होगा लक्ष्य
स्कूल चलो अभियान और कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के तहत नामांकन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में बीएसए ने पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं।
अभिभावकों को जागरूक करेंगे शिक्षक
अभियान को सफल बनाने के लिए ऐसे परिवारों को जागरूक किया जाएगा, जो अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजते हैं। शिक्षकों के अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी निभानी होगी।
कोट-
कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव में 11 से 14 साल की किशोरियों को प्रवेश दिलाया जाएगा। चयन प्रक्रिया शुरू करा दी गई है, शिक्षकों को इस संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए हैं।
- अर्चना गुप्ता, बीएसए हापुड़