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वकीलों ने लगाया जाम, विधायक का किया घेराव
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वकीलों ने लगाया जाम, विधायक का किया घेराव
हापुड़। राज्य सरकार के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल द्वारा अधिवक्ताओं पर की गई टिप्पणी पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील चौपला पर जाम लगा दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक लगे जाम से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान विधायक की कार को भी अधिवक्ताओं ने घेर लिया जिसके कारण उन्हें ई-रिक्शा से जाना पड़ा। वहीं ज्ञापन देने के लिए अधिवक्ता डीएम को बुलाने पर अड़े रहे, लेकिन बाद में एसडीएम को ज्ञापन देकर जाम खोल दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत चौधरी व सचिव रविंद्र सिंह निमेष ने बताया कि विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल ने जारी पत्र में अधिवक्ताओं के प्रति टिप्पणी की थी, जो अशोभनीय और अमर्यादित है। इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने हड़ताल की घोषणा करते हुए डीएम को मौके पर ज्ञापन लेेने के लिए बुलाया था।
गुस्साए अधिवक्ताओं ने तहसील चौपले पर मानव श्रंखला बनाते हुए जाम लगा दिया। जिसके कारण गढ़-दिल्ली रोड के अलावा मेरठ रोड, बुलंदशहर रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर एसडीएम दिग्विजय सिंह, सीओ डॉ. तेजवीर सिंह सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से ज्ञापन देने की बात कही। लेकिन अधिवक्ता डीएम मेधा रूपम को मौके पर बुलाने पर अड़े थे। हालांकि डेढ़ घंटे बाद अधिवक्ता माने और एसडीएम को ज्ञापन देकर जाम खोल दिया।
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विधायक के चालक से हुई धक्कामुक्की
अधिवक्ताओं ने तहसील चौपले पर कार से पहुंचे विधायक विजयपाल आढ़ती को भी घेर लिया गया। अधिवक्ताओं के कहने के बावजूद विधायक कार से बाहर नहीं निकले। काफी देर हंगामे के बाद विधायक पैदल ही कार से उतरकर चले गए। विधायक के चालक से धक्कामुक्की हुई। चालक भी कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। जिसके बाद विधायक ई-रिक्शा में सवार होकर निकले। उन्होंने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के तरीके को गलत बताया, उन्होंने कहा कि वे एक दुर्घटना में घायल को देखने के लिए जा रहे थे।
वाहन चालकों से खूब हुई नोकझोंक
अधिवक्ताओं और वाहन चालकों के बीच निकलने को लेकर काफी नोकझोंक भी हुई। गर्मी में जाम में फंसे वाहन चालक निकलने का प्रयास करते तो अधिवक्ता उन्हें रोक लेते। हालांकि अधिवक्ताओं ने स्कूली बच्चों, महिलाओं और घोड़ा तांगा आदि को निकलने की अनुमति दे रखी थी।
स्कूल बसों से उतरकर पैदल ही पार हुए बच्चे
गर्मी में जाम के कारण स्कूल की बसें भी जाम में फंस गई। इससे बच्चे भी जाम में फंस गए तो वे बस से उतरकर पैदल ही जाम को पार करते नजर आए। बच्चों के अभिभावकों को भी उनकी खासी चिंता हुई।
राजस्व व चकबंदी अदालतों का किया बहिष्कार
डीएम के मौके पर न आने से नाराज अधिवक्ताओं ने राजस्व व चकबंदी की अदालतों का बहिष्कार कर दिया है। अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि एसोसिएशन के अग्रिम आदेशों तक कोई अधिवक्ता इन अदालतों में न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
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हापुड़। राज्य सरकार के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल द्वारा अधिवक्ताओं पर की गई टिप्पणी पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील चौपला पर जाम लगा दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक लगे जाम से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान विधायक की कार को भी अधिवक्ताओं ने घेर लिया जिसके कारण उन्हें ई-रिक्शा से जाना पड़ा। वहीं ज्ञापन देने के लिए अधिवक्ता डीएम को बुलाने पर अड़े रहे, लेकिन बाद में एसडीएम को ज्ञापन देकर जाम खोल दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत चौधरी व सचिव रविंद्र सिंह निमेष ने बताया कि विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल ने जारी पत्र में अधिवक्ताओं के प्रति टिप्पणी की थी, जो अशोभनीय और अमर्यादित है। इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने हड़ताल की घोषणा करते हुए डीएम को मौके पर ज्ञापन लेेने के लिए बुलाया था।
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गुस्साए अधिवक्ताओं ने तहसील चौपले पर मानव श्रंखला बनाते हुए जाम लगा दिया। जिसके कारण गढ़-दिल्ली रोड के अलावा मेरठ रोड, बुलंदशहर रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर एसडीएम दिग्विजय सिंह, सीओ डॉ. तेजवीर सिंह सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से ज्ञापन देने की बात कही। लेकिन अधिवक्ता डीएम मेधा रूपम को मौके पर बुलाने पर अड़े थे। हालांकि डेढ़ घंटे बाद अधिवक्ता माने और एसडीएम को ज्ञापन देकर जाम खोल दिया।
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विधायक के चालक से हुई धक्कामुक्की
अधिवक्ताओं ने तहसील चौपले पर कार से पहुंचे विधायक विजयपाल आढ़ती को भी घेर लिया गया। अधिवक्ताओं के कहने के बावजूद विधायक कार से बाहर नहीं निकले। काफी देर हंगामे के बाद विधायक पैदल ही कार से उतरकर चले गए। विधायक के चालक से धक्कामुक्की हुई। चालक भी कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। जिसके बाद विधायक ई-रिक्शा में सवार होकर निकले। उन्होंने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के तरीके को गलत बताया, उन्होंने कहा कि वे एक दुर्घटना में घायल को देखने के लिए जा रहे थे।
वाहन चालकों से खूब हुई नोकझोंक
अधिवक्ताओं और वाहन चालकों के बीच निकलने को लेकर काफी नोकझोंक भी हुई। गर्मी में जाम में फंसे वाहन चालक निकलने का प्रयास करते तो अधिवक्ता उन्हें रोक लेते। हालांकि अधिवक्ताओं ने स्कूली बच्चों, महिलाओं और घोड़ा तांगा आदि को निकलने की अनुमति दे रखी थी।
स्कूल बसों से उतरकर पैदल ही पार हुए बच्चे
गर्मी में जाम के कारण स्कूल की बसें भी जाम में फंस गई। इससे बच्चे भी जाम में फंस गए तो वे बस से उतरकर पैदल ही जाम को पार करते नजर आए। बच्चों के अभिभावकों को भी उनकी खासी चिंता हुई।
राजस्व व चकबंदी अदालतों का किया बहिष्कार
डीएम के मौके पर न आने से नाराज अधिवक्ताओं ने राजस्व व चकबंदी की अदालतों का बहिष्कार कर दिया है। अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि एसोसिएशन के अग्रिम आदेशों तक कोई अधिवक्ता इन अदालतों में न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।