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धौलाना में पहचान छिपाकर रह रहे दो रोहिंग्या गिरफ्तार
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शुक्रवार को धौलाना पुलिस द्वारा पकड़े गये आरोपी । संवाद
- फोटो : HAPUR
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धौलाना में पहचान छिपाकर रह रहे दो रोहिंग्या किए गिरफ्तार
हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र के गांव खिचरा के पास पहचान छिपाकर रह रहे दो रोहिंग्या को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से फर्जी तरीके से बनवाए गए आधार कार्ड, पासपोर्ट और रिफ्यूजी कार्ड भी मिले हैं। इनके जरिए दोनों सऊदी अरब तक का सफर कर आए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरोह से जुड़े जालसाजों की तलाश तेज कर दी है।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि शुक्रवार को यूपीएसआईडीसी चौकी प्रभारी संदीप मलिक पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान सूचना मिली कि अवैध रूप से दो रोहिंग्या मुसलमान थाना क्षेत्र के गांव खिचरा के पास रह रहे हैं। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। आरोपी म्यांमार निवासी फैय्याज और दिल मोहम्मद उर्फ फारूख हैं। दिल मोहम्मद वर्ष 2006 में भारत आया था। कुछ दिन तक सहारनपुर जिले में रहने के बाद वर्ष 2008 में मेरठ के थाना मवाना क्षेत्र में आकर बस गया था। मवाना के पते से उसने आधार कार्ड भी बनवाया था। करीब तीन साल पहले वह खिचरा गांव में आकर रहने लगा। फैय्याज ने वर्ष 2007 में माता-पिता के साथ भारत आया था। वह अलीगढ़ में करीब आठ वर्ष तक रहा। इसके बाद वह गांव खिचरा में आकर रहने लगा।
मेरठ में रहते हुए बनवाया पासपोर्ट
मेरठ में रहते हुए दिल मोहम्मद की मुलाकात चाऊमीन नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसने दिल मोहम्मद को सैय्यद उर्फ दिलशाद से मिलवाया था। चाऊमीन और सैय्यद भी रोहिंग्या हैं। इन्हीं दोनों ने ही दिल मोहम्मद का पासपोर्ट बनवाया था। जिसके आधार पर दिल मोहम्मद वर्ष 2018 साउदी अरब गया था। गांव खिचरा में रहने के दौरान दिल मोहम्मद की मुलाकात फैय्याज से हुई। दिल मोहम्मद ने चाऊमीन और सैय्यद की मदद से फैय्याज का भी पासपोर्ट बनवाया। वर्ष 2021 में फैय्याज भी काम की तलाश में दुबई गया था।
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सीओ पिलखुवा करेंगे जांच
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आधार कार्ड किस एजेंसी ने बनाया, किन-किन लोगों की मिलीभगत से और पुलिसकर्मियों की लापरवाही से आरोपितों ने पासपोर्ट बनवा लिया, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ पिलखुवा को सौंपी गई है। जिन-जिन लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं, उनकी भी पुलिस तलाश कर रही है। जल्द ही मामले में बड़ी सफलता पुलिस के हाथ लगेगी।
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हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र के गांव खिचरा के पास पहचान छिपाकर रह रहे दो रोहिंग्या को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से फर्जी तरीके से बनवाए गए आधार कार्ड, पासपोर्ट और रिफ्यूजी कार्ड भी मिले हैं। इनके जरिए दोनों सऊदी अरब तक का सफर कर आए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरोह से जुड़े जालसाजों की तलाश तेज कर दी है।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि शुक्रवार को यूपीएसआईडीसी चौकी प्रभारी संदीप मलिक पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान सूचना मिली कि अवैध रूप से दो रोहिंग्या मुसलमान थाना क्षेत्र के गांव खिचरा के पास रह रहे हैं। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। आरोपी म्यांमार निवासी फैय्याज और दिल मोहम्मद उर्फ फारूख हैं। दिल मोहम्मद वर्ष 2006 में भारत आया था। कुछ दिन तक सहारनपुर जिले में रहने के बाद वर्ष 2008 में मेरठ के थाना मवाना क्षेत्र में आकर बस गया था। मवाना के पते से उसने आधार कार्ड भी बनवाया था। करीब तीन साल पहले वह खिचरा गांव में आकर रहने लगा। फैय्याज ने वर्ष 2007 में माता-पिता के साथ भारत आया था। वह अलीगढ़ में करीब आठ वर्ष तक रहा। इसके बाद वह गांव खिचरा में आकर रहने लगा।
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मेरठ में रहते हुए बनवाया पासपोर्ट
मेरठ में रहते हुए दिल मोहम्मद की मुलाकात चाऊमीन नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसने दिल मोहम्मद को सैय्यद उर्फ दिलशाद से मिलवाया था। चाऊमीन और सैय्यद भी रोहिंग्या हैं। इन्हीं दोनों ने ही दिल मोहम्मद का पासपोर्ट बनवाया था। जिसके आधार पर दिल मोहम्मद वर्ष 2018 साउदी अरब गया था। गांव खिचरा में रहने के दौरान दिल मोहम्मद की मुलाकात फैय्याज से हुई। दिल मोहम्मद ने चाऊमीन और सैय्यद की मदद से फैय्याज का भी पासपोर्ट बनवाया। वर्ष 2021 में फैय्याज भी काम की तलाश में दुबई गया था।
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सीओ पिलखुवा करेंगे जांच
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आधार कार्ड किस एजेंसी ने बनाया, किन-किन लोगों की मिलीभगत से और पुलिसकर्मियों की लापरवाही से आरोपितों ने पासपोर्ट बनवा लिया, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ पिलखुवा को सौंपी गई है। जिन-जिन लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं, उनकी भी पुलिस तलाश कर रही है। जल्द ही मामले में बड़ी सफलता पुलिस के हाथ लगेगी।