{"_id":"62190e5ac5c7875992126ac4","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2346007180","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुकर्म के दोषी को 20 वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुकर्म के दोषी को 20 वर्ष का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुकर्म के दोषी को 20 वर्ष का कारावास
हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने नाबालिग बच्चे से कुकर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। वहीं 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने कहा कि यदि दोषी अर्थदंड नहीं देता है तो एक वर्ष का कारावास बढ़ा दिया जाएगा।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र कुमार त्यागी ने बताया कि 24 जून 2019 को नगर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें पीड़ित ने बताया कि 24 जून 2019 को उसका दस वर्षीय पुत्र घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान गांव सबली निवासी गुलफाम पुत्र नवाब उनके पुत्र को चॉकलेट देने के बहाने एक खाली प्लाट में ले गया था। जहां आरोपी ने उनके पुत्र के साथ कुकर्म किया। घटना के बाद उनका पुत्र रोते हुए घर पहुंचा। पूछताछ करने पर पुत्र ने घटना के बारे में परिजनों को बताया। जिसको सुनने के बाद वह आरोपी के घर पहुंचे। जहां आरोपी से घटना के बारे में शिकायत की। आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज करने के साथ धक्का-मुक्की करते हुए घर से निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में भी आरोप सही पाए गए और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में आरंभ हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्वेता दीक्षित ने शुक्रवार को आरोपी गुलफाम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़ित को देने के आदेश किए। इसके अलावा न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पीड़ित को पुर्नवास के लिए एक लाख रुपये की धनराशी देने के लिए कहा।
विज्ञापन
हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने नाबालिग बच्चे से कुकर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। वहीं 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने कहा कि यदि दोषी अर्थदंड नहीं देता है तो एक वर्ष का कारावास बढ़ा दिया जाएगा।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र कुमार त्यागी ने बताया कि 24 जून 2019 को नगर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें पीड़ित ने बताया कि 24 जून 2019 को उसका दस वर्षीय पुत्र घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान गांव सबली निवासी गुलफाम पुत्र नवाब उनके पुत्र को चॉकलेट देने के बहाने एक खाली प्लाट में ले गया था। जहां आरोपी ने उनके पुत्र के साथ कुकर्म किया। घटना के बाद उनका पुत्र रोते हुए घर पहुंचा। पूछताछ करने पर पुत्र ने घटना के बारे में परिजनों को बताया। जिसको सुनने के बाद वह आरोपी के घर पहुंचे। जहां आरोपी से घटना के बारे में शिकायत की। आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज करने के साथ धक्का-मुक्की करते हुए घर से निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में भी आरोप सही पाए गए और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में आरंभ हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्वेता दीक्षित ने शुक्रवार को आरोपी गुलफाम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़ित को देने के आदेश किए। इसके अलावा न्यायाधीश ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पीड़ित को पुर्नवास के लिए एक लाख रुपये की धनराशी देने के लिए कहा।
विज्ञापन