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जिले में घर से ही वोट कर सकेंगे आठ सौ बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता
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घर बैठे वोट कर सकेंगे आठ सौ बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता
हापुड़। जिले की तीनों विधानसभाओं में 80 साल से ऊपर के 626 बुजुर्ग और 174 दिव्यांग इस बार घर बैठकर मतदान करेंगे। उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। चुनाव आयोग के आदेश के बाद जिले में भी यह व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत जिले की तीनों विधानसभाओं में छह से आठ फरवरी तक कर्मचारियों की टीम घर-घर जाकर वोट डलवाएगी।
जिले की तीन विधानसभा सीटों पर करीब आठ सौ लोगों ने पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन किया है। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की नई पहल के बाद हुई है। दरअसल, चुनाव आयोग ने इस बार 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों और दिव्यांगों को वोट के लिए अलग से छूट दी है। ये दोनों श्रेणी के मतदाता अपने घर बैठकर ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिले की तीन विधानसभा सीटों के लिए 80 वर्ष से ऊपर के 626 बुजुर्गों और 174 दिव्यांगों ने घर से वोट करने के लिए आवेदन किया है। इन्हें वोट डालने के लिए दो मौके दिए जाएंगे। जिले में छह, सात और आठ फरवरी को 40 टीमें घर-घर जाकर यह कार्य करेंगी। पहली बार घर पर मतदाता के न मिलने पर अगले दिन भी टीम जाएगी, लेकिन इसके बाद घर से मतदान का मौका नहीं मिलेगा।
जिला उप निर्वाचन अधिकारी श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन किया गया है। वोटिंग से पहले क्षेत्र के प्रत्याशी और उस वोटर को सूचना दे दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से अपनाई जाएगी। रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। वीडियोग्राफी के साथ सभी नियमों का ध्यान रखा जाएगा। इस कार्य को पारदर्शी तरीके से किया जा सके, इसके लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो आबजर्वर के अलावा पुलिस फोर्स भी मौजूद रहेगी।
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ये होगी प्रक्रिया -
पोलिंग पार्टी एक दिन पहले ही मतदाता को फोन पर सूचना दे दी जाएगी। पोलिंग पार्टी मतदाता के घर पहुंचेगी, फिर उसे एक फार्म दिया जाएगा, जिसमें घर से वोट करने के नियम लिखे होंगे, जिसे वह पढ़ सकता है। इसके बाद उससे एक घोषणा पत्र भरवाएगा जाएगा। अगर वह हस्ताक्षर कर सकता है तो ठीक, नहीं तो अंगूठे का निशान लगवाया जाएगा। उसके बाद बैलेट पेपर दिया जाएगा। जिस पर वह मतदान कर सकता है। इसके बाद घोषणा पत्र, बैलेट पेपर को लिफाफे में सील कर बाक्स में डाल दिया जाएगा। बॉक्स को ट्रेजरी में सुरक्षित रखा जाएगा।
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हापुड़। जिले की तीनों विधानसभाओं में 80 साल से ऊपर के 626 बुजुर्ग और 174 दिव्यांग इस बार घर बैठकर मतदान करेंगे। उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। चुनाव आयोग के आदेश के बाद जिले में भी यह व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत जिले की तीनों विधानसभाओं में छह से आठ फरवरी तक कर्मचारियों की टीम घर-घर जाकर वोट डलवाएगी।
जिले की तीन विधानसभा सीटों पर करीब आठ सौ लोगों ने पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन किया है। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की नई पहल के बाद हुई है। दरअसल, चुनाव आयोग ने इस बार 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों और दिव्यांगों को वोट के लिए अलग से छूट दी है। ये दोनों श्रेणी के मतदाता अपने घर बैठकर ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिले की तीन विधानसभा सीटों के लिए 80 वर्ष से ऊपर के 626 बुजुर्गों और 174 दिव्यांगों ने घर से वोट करने के लिए आवेदन किया है। इन्हें वोट डालने के लिए दो मौके दिए जाएंगे। जिले में छह, सात और आठ फरवरी को 40 टीमें घर-घर जाकर यह कार्य करेंगी। पहली बार घर पर मतदाता के न मिलने पर अगले दिन भी टीम जाएगी, लेकिन इसके बाद घर से मतदान का मौका नहीं मिलेगा।
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जिला उप निर्वाचन अधिकारी श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन किया गया है। वोटिंग से पहले क्षेत्र के प्रत्याशी और उस वोटर को सूचना दे दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से अपनाई जाएगी। रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। वीडियोग्राफी के साथ सभी नियमों का ध्यान रखा जाएगा। इस कार्य को पारदर्शी तरीके से किया जा सके, इसके लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो आबजर्वर के अलावा पुलिस फोर्स भी मौजूद रहेगी।
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ये होगी प्रक्रिया -
पोलिंग पार्टी एक दिन पहले ही मतदाता को फोन पर सूचना दे दी जाएगी। पोलिंग पार्टी मतदाता के घर पहुंचेगी, फिर उसे एक फार्म दिया जाएगा, जिसमें घर से वोट करने के नियम लिखे होंगे, जिसे वह पढ़ सकता है। इसके बाद उससे एक घोषणा पत्र भरवाएगा जाएगा। अगर वह हस्ताक्षर कर सकता है तो ठीक, नहीं तो अंगूठे का निशान लगवाया जाएगा। उसके बाद बैलेट पेपर दिया जाएगा। जिस पर वह मतदान कर सकता है। इसके बाद घोषणा पत्र, बैलेट पेपर को लिफाफे में सील कर बाक्स में डाल दिया जाएगा। बॉक्स को ट्रेजरी में सुरक्षित रखा जाएगा।