फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

बूंदाबांदी से बढ़ी ठिठुरन, छह डिग्री गिरा तापमान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 11:06 PM IST
विज्ञापन
hapur news
बूंदाबांदी से बढ़ी ठिठुरन, छह डिग्री गिरा तापमान
विज्ञापन

हापुड़। मंगलवार सुबह मौसम ने करवट बदली और बूंदाबांदी शुरू हो गयी। पूरे दिन रुक रुककर हुई बारिश से ठिठुरन बढ़ गई। पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए और दिन के तापमान में छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। दिन में सड़कों और बाजारों में चहल पहल कम रही। अगले कुछ दिन और इसी प्रकार के मौसम की आशंका व्यक्त की जा रही है।
मंगलवार रात को हल्की धुंध थी और पहले से ही मौसम में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन बुधवार की सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी होते ही पारा अचानक गिर गया। अधिकतम 22 डिग्री से लुढ़ककर 16 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। पूरे दिन रुक रुककर बूंदाबांदी होती रही, आसमान पर पूरे दिन ही बादल छाए रहे और सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। धीमी बारिश से शहर की सड़कों पर गंदगी की वजह से फिसलन भी हुई। जिसके कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञानी हंसराज सिंह ने बताया कि अगले चार दिन इसी प्रकार बारिश का मौसम रहेगा और इसके बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।
विज्ञापन

बाजार और सड़कों पर कम दिखाई दिए लोग -
बूंदाबांदी के बाद शहर की सड़कों पर लोग कम ही दिखाई दिए। इन दिन में जाम रहने वाली सड़कें अपेक्षाकृत सूनी रही। कुल मिलाकर बाजारों और सड़कों पर ऐसे ही लोग नजर आए जिनकी बाहर निकलना मजबूरी थी। ठंड के कारण बुजुर्ग और बच्चे घरों में ही रजाई में दुबके रहे। लोगों ने घरों में रहकर हर अलाव, हीटर जैसे साधनों का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बूंदाबांदी के बावजूद प्रदूषण नहीं हुआ कम
बूंदाबांदी के कारण कयास लगाए जा रहे थे कि जिले में प्रदूषण की स्थिति कुछ ठीक होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस दौरान कुछ कमी दर्ज जरूर की गई, लेकिन अभी भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है। बुधवार को जिले का एक्यूआई 335 दर्ज किया। बारिश तेज होती है तो प्रदूषण का स्तर भी कम होता।

कोट-
चिकित्सक जीवोत्तम नारंग का कहना है कि बुजुर्गों और बच्चों को इस मौसम में खासतौर पर देखभाल की आवश्यकता है। बुजुर्ग बिस्तर में ही रहे तो बेहतर रहेगा। बच्चों के कपड़ों आदि का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed