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ओमिक्रॉन का डर : खांसी-जुकाम के मरीजों की कराई जाएगी जांच
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ओमिक्रॉन का डर : खांसी-जुकाम के मरीजों की कराई जाएगी जांच
हापुड़/पिलखुवा। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर अब सरकारी अस्पतालों में खांसी, जुकाम, बुखार के हर मरीज की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। उपचार से पहले ही जांच करानी होगी। अस्पतालों के साथ जिले में अलग से जांच कैंपों की व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने रोजाना 1500 लोगों की जांच का लक्ष्य रखा है।
ओमिक्रॉन से पीड़ित कई मरीज अब देश में मिल चुके हैं। इस संक्रमण के फैलने की रफ्तार काफी तेज बतायी जा रही है। हापुड़ में इसका प्रसार न हो, इसकी तैयारियों में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। कोरोना से पीड़ित मरीजों में नजला, खांसी, बुखार प्रमुख लक्षण होते हैं। इन दिनों कोल्ड के भी मरीजों में इस तरह के लक्षण मिल रहे हैं। नए स्वरूप के खतरे को लेकर सरकारी अस्पतालों में इस तरह के लक्षण वाले मरीजों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। सीएमओ डॉ रेखा शर्मा ने बताया कि खांसी, जुकाम होने पर भी मरीज खुद ही अस्पताल जाकर कोविड की जांच करा लें, ताकि संक्रमण के प्रसार पर रोक लगायी जा सके। सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है।
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बाहर से आने वालों से सचेत रहने की जरूरत
पिलखुवा प्रभारी चिकित्सक डॉ. चंदनप्रकाश का कहना है कि पिलखुवा की चादर विश्व विख्यात है। यहां विदेशों से बाजार करने आने वाले लोगों से सचेत रहने की जरूरत है। जिन देशों में ओमिक्रॉन ने पैर पसर लिए है, वहां से लोगों से अधिक सचेत रहने की जरूरत है। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होने के बावजूद भी उन्हें कम से कम एक सप्ताह तक होम आईसोलेशन में रहना जरूरी है।
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रोजाना 1500 जांच कराने का लक्ष्य
कोरोना महामारी के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में फोकस जांच शुरू करा दी है। रोजाना 1500 जांच का लक्ष्य है, इसमें 1200 के करीब रोजाना सैंपलिंग हो रही है। राहत की बात यह है कि जिले में अब कोरोना का कोई मरीज नहीं है।
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कोरोना के लक्षण-
सूखी खांसी होना।
बुखार आना, सिरदर्द।
थकान महसूस होना।
शरीर के हर हिस्से में दर्द होना।
बोलने में परेशानी महसूर करना।
सांस फेलना, दस्त लगना।
गले में खराश होना।
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इन निर्देशों का करना होगा ख्याल -
- मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
- भीड़ वाले स्थानों पर दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें।
- बुखार-खांसी-जुकाम होने पर कोरोना की जांच अवश्य कराएं।
- घर या ऑफिस की खिड़कियां खोलकर रखें।
- हैंडवाश करते रहे और सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
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हापुड़/पिलखुवा। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर अब सरकारी अस्पतालों में खांसी, जुकाम, बुखार के हर मरीज की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। उपचार से पहले ही जांच करानी होगी। अस्पतालों के साथ जिले में अलग से जांच कैंपों की व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने रोजाना 1500 लोगों की जांच का लक्ष्य रखा है।
ओमिक्रॉन से पीड़ित कई मरीज अब देश में मिल चुके हैं। इस संक्रमण के फैलने की रफ्तार काफी तेज बतायी जा रही है। हापुड़ में इसका प्रसार न हो, इसकी तैयारियों में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। कोरोना से पीड़ित मरीजों में नजला, खांसी, बुखार प्रमुख लक्षण होते हैं। इन दिनों कोल्ड के भी मरीजों में इस तरह के लक्षण मिल रहे हैं। नए स्वरूप के खतरे को लेकर सरकारी अस्पतालों में इस तरह के लक्षण वाले मरीजों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। सीएमओ डॉ रेखा शर्मा ने बताया कि खांसी, जुकाम होने पर भी मरीज खुद ही अस्पताल जाकर कोविड की जांच करा लें, ताकि संक्रमण के प्रसार पर रोक लगायी जा सके। सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है।
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बाहर से आने वालों से सचेत रहने की जरूरत
पिलखुवा प्रभारी चिकित्सक डॉ. चंदनप्रकाश का कहना है कि पिलखुवा की चादर विश्व विख्यात है। यहां विदेशों से बाजार करने आने वाले लोगों से सचेत रहने की जरूरत है। जिन देशों में ओमिक्रॉन ने पैर पसर लिए है, वहां से लोगों से अधिक सचेत रहने की जरूरत है। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होने के बावजूद भी उन्हें कम से कम एक सप्ताह तक होम आईसोलेशन में रहना जरूरी है।
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रोजाना 1500 जांच कराने का लक्ष्य
कोरोना महामारी के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में फोकस जांच शुरू करा दी है। रोजाना 1500 जांच का लक्ष्य है, इसमें 1200 के करीब रोजाना सैंपलिंग हो रही है। राहत की बात यह है कि जिले में अब कोरोना का कोई मरीज नहीं है।
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कोरोना के लक्षण-
सूखी खांसी होना।
बुखार आना, सिरदर्द।
थकान महसूस होना।
शरीर के हर हिस्से में दर्द होना।
बोलने में परेशानी महसूर करना।
सांस फेलना, दस्त लगना।
गले में खराश होना।
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इन निर्देशों का करना होगा ख्याल -
- मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
- भीड़ वाले स्थानों पर दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें।
- बुखार-खांसी-जुकाम होने पर कोरोना की जांच अवश्य कराएं।
- घर या ऑफिस की खिड़कियां खोलकर रखें।
- हैंडवाश करते रहे और सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
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