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ओमिक्रॉन संक्रमितों के लिए जिला अस्पताल में 40 बेड रिजर्व
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सरकारी अस्पताल में कोरोना की जाँच कराती महिला संवाद
- फोटो : HAPUR
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ओमिक्रॉन संक्रमितों के लिए जिला अस्पताल में 40 बेड रिजर्व
हापुड़। जिले में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल में 40 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। विदेशों से आने वाले लोगों को यहीं क्वारंटीन कराया जाएगा। नजर रखने के लिए सर्विलांस टीमें गठित कर दी गई हैं, सीएचसी में भी स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं।
जिले में तीन महीने से कोरोना संक्रमण का असर नहीं है। हालांकि बीते दिनों एक महिला मरीज जरूर कोरोना पॉजिटिव निकली, जिसे पहले से टीबी भी था। लेकिन इन दिनों विदेशों से शुरू हुए ओमिक्रॉन को लेकर सरकारें गंभीर हो गई हैं। जिसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
जिले में फिलहाल इस वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी सतर्कता बरतने के लिए जिला अस्पताल को ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों के लिए रिजर्व कर दिया गया है। इसमें 20 बेड पर वेंटिलेटर और 20 बेड ऑक्सीजन से लैस हैं।
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हवाई अड्डों से मिलेगी सूचना
हवाई अड्डों से भी विदेशों से आने वाले लोगों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी। इस सूचना पर सर्विलांस टीमें ऐसे लोगों की जांच के साथ ही आठ दिन तक उनकी निगरानी करेंगी।
दस दिन में 11 हजार जांच, एक पॉजिटिव
जिले में दस दिन के अंदर 11 हजार जांच की जा चुकी हैं। इसमें आरटीपीसीआर की जांच में सिर्फ एक मरीज ही पॉजिटिव मिला है। मेरठ से इस मरीज को संक्रमण लगा था, ट्रैवलिंग हिस्ट्री में यह खुलासा हुआ है। हालांकि अब यह मरीज स्वस्थ हो गई है।
डेंगू, टीबी, टाइफॉयड के मरीजों पर भी नजर
ओमिक्रॉन की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर प्राइवेट पैथोलॉजी लैब को निर्देश दिया है कि कोरोना जांच के अलावा अन्य सभी जांच की रिपोर्ट प्रतिदिन दी जाए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ जेपी त्यागी ने बताया कि कोरोना समेत मलेरिया, टाइफॉयड, सीटी स्केन, डेंगू और टीबी की जांच कराने वाले लोगों की निगरानी तेज कर दी गई है।
नए स्वरूप को लेकर बढ़ायी सतर्कता
कोरोना के नए स्वरूप को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला अस्पताल को रिजर्व केंद्र बना दिया गया है, मरीजों के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। विदेशों से आने वाले अपनी जांच अवश्य करा लें।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। जिले में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल में 40 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। विदेशों से आने वाले लोगों को यहीं क्वारंटीन कराया जाएगा। नजर रखने के लिए सर्विलांस टीमें गठित कर दी गई हैं, सीएचसी में भी स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं।
जिले में तीन महीने से कोरोना संक्रमण का असर नहीं है। हालांकि बीते दिनों एक महिला मरीज जरूर कोरोना पॉजिटिव निकली, जिसे पहले से टीबी भी था। लेकिन इन दिनों विदेशों से शुरू हुए ओमिक्रॉन को लेकर सरकारें गंभीर हो गई हैं। जिसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
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जिले में फिलहाल इस वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी सतर्कता बरतने के लिए जिला अस्पताल को ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों के लिए रिजर्व कर दिया गया है। इसमें 20 बेड पर वेंटिलेटर और 20 बेड ऑक्सीजन से लैस हैं।
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हवाई अड्डों से मिलेगी सूचना
हवाई अड्डों से भी विदेशों से आने वाले लोगों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी। इस सूचना पर सर्विलांस टीमें ऐसे लोगों की जांच के साथ ही आठ दिन तक उनकी निगरानी करेंगी।
दस दिन में 11 हजार जांच, एक पॉजिटिव
जिले में दस दिन के अंदर 11 हजार जांच की जा चुकी हैं। इसमें आरटीपीसीआर की जांच में सिर्फ एक मरीज ही पॉजिटिव मिला है। मेरठ से इस मरीज को संक्रमण लगा था, ट्रैवलिंग हिस्ट्री में यह खुलासा हुआ है। हालांकि अब यह मरीज स्वस्थ हो गई है।
डेंगू, टीबी, टाइफॉयड के मरीजों पर भी नजर
ओमिक्रॉन की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर प्राइवेट पैथोलॉजी लैब को निर्देश दिया है कि कोरोना जांच के अलावा अन्य सभी जांच की रिपोर्ट प्रतिदिन दी जाए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ जेपी त्यागी ने बताया कि कोरोना समेत मलेरिया, टाइफॉयड, सीटी स्केन, डेंगू और टीबी की जांच कराने वाले लोगों की निगरानी तेज कर दी गई है।
नए स्वरूप को लेकर बढ़ायी सतर्कता
कोरोना के नए स्वरूप को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला अस्पताल को रिजर्व केंद्र बना दिया गया है, मरीजों के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। विदेशों से आने वाले अपनी जांच अवश्य करा लें।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।