{"_id":"60fda6d78ebc3e57f55be675","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2229262131","type":"story","status":"publish","title_hn":"हार्ट, शुगर और सांस की दवाएं 15 फीसदी तक महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हार्ट, शुगर और सांस की दवाएं 15 फीसदी तक महंगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हार्ट, शुगर और सांस की दवाएं 15 फीसदी तक महंगी
हापुड़। जीवन रक्षक दवाओं के दामों में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी से मरीजों की जेब पर भार बढ़ गया है। सांस, हृदय, शुगर के मरीजों का इलाज भी महंगा हो गया है। इसके अलावा एंटीबायोटिक, बुखार, दर्द निवारक दवाओं पर भी महंगाई की मार पड़ी है। कोरोना महामारी में महंगे उपचार के बाद अब दवाओं के दामों में आए उछाल से मरीजों का हाल बेहाल है।
पेट्रोल, डीजल में लगातार बढ़ोत्तरी से कच्चे माल के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसका असर दवाओं के दामों पर भी पड़ रहा है। हृदय, सांस, गर्भावस्था संबंधी बीमारियों के अलावा एंटीबायोटिक दवाओं की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। कई जीवनरक्षक दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें मरीजों को लंबे समय तक खाना पड़ता है। उनके भी दाम बढ़े हैं। दवाओं के रोजाना दाम बढ़ने से मरीजों के साथ दवा विक्रेता भी परेशान हैं।
आलम यह है कि कोरोना महामारी में संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद पोस्ट कोविड से जूझ रहे मरीजों की महंगी दवाओं से जेब ढीली हो रही है।
कच्चे माल के दाम बढ़े
पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से कच्चे माल के दाम भी काफी महंगे हो गए हैं। जिसका असर दवाओं पर भी पड़ रहा है। कच्चा माल महंगा होने के कारण ही दवाओं के दामों में उछाल आ रहा है। - विकास गर्ग, महासचिव, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।
विज्ञापन
कंपनी ने बढ़ाए हैं दाम
दवा कंपनियों ने ही दवाओं के दामों में इजाफा किया है। उन्हें पीछे से जिस दाम पर दवाएं मिल रही हैं, आगे उसी हिसाब से बिक्री की जा रही है। दवाओं की कीमतों में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई है। - अमित कुमार गोयल, दवा कारोबारी।
विज्ञापन
हापुड़। जीवन रक्षक दवाओं के दामों में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी से मरीजों की जेब पर भार बढ़ गया है। सांस, हृदय, शुगर के मरीजों का इलाज भी महंगा हो गया है। इसके अलावा एंटीबायोटिक, बुखार, दर्द निवारक दवाओं पर भी महंगाई की मार पड़ी है। कोरोना महामारी में महंगे उपचार के बाद अब दवाओं के दामों में आए उछाल से मरीजों का हाल बेहाल है।
पेट्रोल, डीजल में लगातार बढ़ोत्तरी से कच्चे माल के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसका असर दवाओं के दामों पर भी पड़ रहा है। हृदय, सांस, गर्भावस्था संबंधी बीमारियों के अलावा एंटीबायोटिक दवाओं की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। कई जीवनरक्षक दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें मरीजों को लंबे समय तक खाना पड़ता है। उनके भी दाम बढ़े हैं। दवाओं के रोजाना दाम बढ़ने से मरीजों के साथ दवा विक्रेता भी परेशान हैं।
विज्ञापन
आलम यह है कि कोरोना महामारी में संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद पोस्ट कोविड से जूझ रहे मरीजों की महंगी दवाओं से जेब ढीली हो रही है।
कच्चे माल के दाम बढ़े
पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से कच्चे माल के दाम भी काफी महंगे हो गए हैं। जिसका असर दवाओं पर भी पड़ रहा है। कच्चा माल महंगा होने के कारण ही दवाओं के दामों में उछाल आ रहा है। - विकास गर्ग, महासचिव, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।
विज्ञापन
कंपनी ने बढ़ाए हैं दाम
दवा कंपनियों ने ही दवाओं के दामों में इजाफा किया है। उन्हें पीछे से जिस दाम पर दवाएं मिल रही हैं, आगे उसी हिसाब से बिक्री की जा रही है। दवाओं की कीमतों में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई है। - अमित कुमार गोयल, दवा कारोबारी।