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कोविड एंटीबॉडी की जांच के लिए 278 बच्चों के भेजे सैंपल
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कोविड एंटीबॉडी की जांच के लिए 278 बच्चों के भेजे सैंपल
हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर से 278 छोटे बच्चों के सैंपल एंटीबॉडी जांच के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद भी संक्रमण की स्थिति का खुलासा होगा। हालांकि तीसरी लहर से बचाव के लिए अस्पतालों में बच्चों के लिए 25 हजार दवाओं की किट उपलब्ध करा दी गई हैं। पीआईसीयू व अन्य वार्ड भी बनाए जा रहे हैं।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में छोटे बच्चे भी संक्रमित हुए थे। हालांकि बच्चों में संक्रमण खतरनाक नहीं रहा है। विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक खतरा बताया गया है। जिससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों के 278 बच्चों में एंटीबॉडी की जांच कराने का निर्णय लिया है ताकि इससे संक्रमण की स्थिति का पता चल सके।
इसके लिए चारों ब्लॉकों से 278 बच्चों के ब्लड सैंपल लेक र जांच के लिए लैब भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो जाएगा कि बच्चों में कोरोना संक्रमण का कितना प्रसार हुआ है। इसी के आधार पर इससे निपटने की योजना बनाई जाएगी।
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तीसरी लहर से निपटने की तैयारी
* जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 20 वार्ड बने, 20 की चल रही तैयारी।
* समस्त सीएचसी में 20-20 बेड बच्चों के लिए आरक्षित।
* अस्पतालों में 25 हजार से अधिक दवाओं की किट का स्टॉक कराया उपलब्ध।
* मेडिकल कॉलेजों को पीआईसीयू की व्यवस्था कराने के आदेश दिए।
* 50 से अधिक वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था।
दो लहरों में संक्रमित हुए बच्चों की स्थिति-
लहर पॉजिटिव
पहली लहर 160
दूसरी लहर 1240
---
बच्चों में ये लक्षण मिलें तो हो जाएं सतर्क
* अचानक बुखार का स्तर 100 से अधिक पहुंच जाना।
* बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होना, बेहोशी छा जाना।
* बच्चे को लगातार खांसी होना, नाक बहना।
ऐसे करें बचाव-
* बच्चों के संपर्क में आने से पहले खुद को सैनिटाइज करें।
* बच्चों को भीड़ वाले स्थानों पर न लेकर जाएं।
* बासी खाना, ज्यादा ठंडी चींजे न खिलाएं।
* दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श दिलाएं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
बच्चों में कोरोना संक्रमण की स्थिति का जायजा लेने के लिए एंटीबॉडी टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। जल्द ही रिपोर्ट आने पर आगे की तैयारियां शुरू की जाएगी।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर से 278 छोटे बच्चों के सैंपल एंटीबॉडी जांच के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद भी संक्रमण की स्थिति का खुलासा होगा। हालांकि तीसरी लहर से बचाव के लिए अस्पतालों में बच्चों के लिए 25 हजार दवाओं की किट उपलब्ध करा दी गई हैं। पीआईसीयू व अन्य वार्ड भी बनाए जा रहे हैं।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में छोटे बच्चे भी संक्रमित हुए थे। हालांकि बच्चों में संक्रमण खतरनाक नहीं रहा है। विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक खतरा बताया गया है। जिससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों के 278 बच्चों में एंटीबॉडी की जांच कराने का निर्णय लिया है ताकि इससे संक्रमण की स्थिति का पता चल सके।
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इसके लिए चारों ब्लॉकों से 278 बच्चों के ब्लड सैंपल लेक र जांच के लिए लैब भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो जाएगा कि बच्चों में कोरोना संक्रमण का कितना प्रसार हुआ है। इसी के आधार पर इससे निपटने की योजना बनाई जाएगी।
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तीसरी लहर से निपटने की तैयारी
* जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 20 वार्ड बने, 20 की चल रही तैयारी।
* समस्त सीएचसी में 20-20 बेड बच्चों के लिए आरक्षित।
* अस्पतालों में 25 हजार से अधिक दवाओं की किट का स्टॉक कराया उपलब्ध।
* मेडिकल कॉलेजों को पीआईसीयू की व्यवस्था कराने के आदेश दिए।
* 50 से अधिक वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था।
दो लहरों में संक्रमित हुए बच्चों की स्थिति-
लहर पॉजिटिव
पहली लहर 160
दूसरी लहर 1240
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बच्चों में ये लक्षण मिलें तो हो जाएं सतर्क
* अचानक बुखार का स्तर 100 से अधिक पहुंच जाना।
* बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होना, बेहोशी छा जाना।
* बच्चे को लगातार खांसी होना, नाक बहना।
ऐसे करें बचाव-
* बच्चों के संपर्क में आने से पहले खुद को सैनिटाइज करें।
* बच्चों को भीड़ वाले स्थानों पर न लेकर जाएं।
* बासी खाना, ज्यादा ठंडी चींजे न खिलाएं।
* दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श दिलाएं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
बच्चों में कोरोना संक्रमण की स्थिति का जायजा लेने के लिए एंटीबॉडी टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। जल्द ही रिपोर्ट आने पर आगे की तैयारियां शुरू की जाएगी।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।