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प्याज भंडारण के लिए बनेंगे 25 मीट्रिक टन क्षमता के 10 स्टोर
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प्याज भंडारण के लिए बनेंगे 25 मीट्रिक टन क्षमता के 10 स्टोर
हापुड़। जिले के प्याज उत्पादक किसानों को अब भंडारण की दिक्कत नहीं होगी। उद्यान विभाग जिले में किसानों के सहयोग से 25 मीट्रिक टन क्षमता के 10 स्टोर स्थापित कराएगा। इसमें प्रत्येक पर 87500 रुपये का अनुदान भी मुहैया कराया जाएगा। आवेदन अधिक होने पर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से जिले में प्याज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
जिले में पहली बार खरीफ सीजन में प्याज उत्पादन किया जाना है। शासन से उद्यान विभाग को यह आदेश मिला है, इस मौसम में यहां प्याज की खेती सफल होने पर प्रदेशभर में हापुड़ मॉडल को लागू किया जा सकेगा। हालांकि जिले में अभी तक प्याज स्टोरेज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। किसान या तो खेत से प्याज निकालते ही सीधे मंडी ले जाते हैं या फिर घरों पर ही रखते हैं।
दोनों ही स्थिति में किसानों को नुकसान होता है, क्योंकि सीजन में प्याज का मुनासिब दाम मंडी में नहीं मिला और घर पर प्याज में गलन बढ़ने लगती है। लेकिन अब इस समस्या से राहत दिलाने को उद्यान विभाग ने किसानों के सहयोग से जिले में प्याज भंडारण केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जिले में 10 केंद्र बनने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि इसके लिए किसानों की तलाश की जा रही है।
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दो लाख रुपये आएगी भंडार केंद्र की लागत-
प्याज स्टोरेज के लिए किसान खेत या घर पर 25 मीट्रिक टन क्षमता का भंडारण केंद्र बनाएंगे। इस पर दो लाख रुपये की लागत आएगी। यह केंद्र कवर्ड होगा, जो जमीन से करीब एक फिट उठाकर बनाया जाएगा। बल्लियां लगाकर ऐसी व्यवस्था कराई जाएगी, जिससे स्टोर में हवा का संचार हो सकेगा।
600 हेक्टेयर में होती है प्याज की खेती
जिले के 600 हेक्टेयर रकबे में प्याज की फसल उगाई जा रही है। जिसमें डेढ़ लाख क्विंटल प्याज का उत्पादन हो रहा है। हालांकि जिले की डिमांड के हिसाब से यह पर्याप्त नहीं है। जबकि यहां डिमांड पांच लाख क्विंटल तक है।
खरीफ सीजन में पहली बार उगेगी प्याज, मिलेगा 12 हजार अनुदान
खरीफ सीजन में पहली बार जिले में प्याज उगाई जानी है। इस पर किसानों को 12 हजार रुपये/हेक्टेयर की दर से अनुदान भी दिया जाएगा। बड़ी बात यह है कि हापुड़ के किसान अब साल में दो बार प्याज की फसल उगा सकेंगे।
जिले में प्याज की स्थिति-
प्याज का कुल रकबा---600 हेक्टेयर
प्याज का उत्पादन-----1.50 लाख क्विंटल
प्याज की डिमांड-----पांच लाख क्विंटल
अधिकारी कहिन-
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि जो किसान प्याज भंडारण के लिए केंद्र बनाना चाहते हैं वह विभाग में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के अनुसार ही भंडार केंद्र स्थापित कराए जाएंगे।
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हापुड़। जिले के प्याज उत्पादक किसानों को अब भंडारण की दिक्कत नहीं होगी। उद्यान विभाग जिले में किसानों के सहयोग से 25 मीट्रिक टन क्षमता के 10 स्टोर स्थापित कराएगा। इसमें प्रत्येक पर 87500 रुपये का अनुदान भी मुहैया कराया जाएगा। आवेदन अधिक होने पर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से जिले में प्याज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
जिले में पहली बार खरीफ सीजन में प्याज उत्पादन किया जाना है। शासन से उद्यान विभाग को यह आदेश मिला है, इस मौसम में यहां प्याज की खेती सफल होने पर प्रदेशभर में हापुड़ मॉडल को लागू किया जा सकेगा। हालांकि जिले में अभी तक प्याज स्टोरेज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। किसान या तो खेत से प्याज निकालते ही सीधे मंडी ले जाते हैं या फिर घरों पर ही रखते हैं।
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दोनों ही स्थिति में किसानों को नुकसान होता है, क्योंकि सीजन में प्याज का मुनासिब दाम मंडी में नहीं मिला और घर पर प्याज में गलन बढ़ने लगती है। लेकिन अब इस समस्या से राहत दिलाने को उद्यान विभाग ने किसानों के सहयोग से जिले में प्याज भंडारण केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जिले में 10 केंद्र बनने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि इसके लिए किसानों की तलाश की जा रही है।
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दो लाख रुपये आएगी भंडार केंद्र की लागत-
प्याज स्टोरेज के लिए किसान खेत या घर पर 25 मीट्रिक टन क्षमता का भंडारण केंद्र बनाएंगे। इस पर दो लाख रुपये की लागत आएगी। यह केंद्र कवर्ड होगा, जो जमीन से करीब एक फिट उठाकर बनाया जाएगा। बल्लियां लगाकर ऐसी व्यवस्था कराई जाएगी, जिससे स्टोर में हवा का संचार हो सकेगा।
600 हेक्टेयर में होती है प्याज की खेती
जिले के 600 हेक्टेयर रकबे में प्याज की फसल उगाई जा रही है। जिसमें डेढ़ लाख क्विंटल प्याज का उत्पादन हो रहा है। हालांकि जिले की डिमांड के हिसाब से यह पर्याप्त नहीं है। जबकि यहां डिमांड पांच लाख क्विंटल तक है।
खरीफ सीजन में पहली बार उगेगी प्याज, मिलेगा 12 हजार अनुदान
खरीफ सीजन में पहली बार जिले में प्याज उगाई जानी है। इस पर किसानों को 12 हजार रुपये/हेक्टेयर की दर से अनुदान भी दिया जाएगा। बड़ी बात यह है कि हापुड़ के किसान अब साल में दो बार प्याज की फसल उगा सकेंगे।
जिले में प्याज की स्थिति-
प्याज का कुल रकबा---600 हेक्टेयर
प्याज का उत्पादन-----1.50 लाख क्विंटल
प्याज की डिमांड-----पांच लाख क्विंटल
अधिकारी कहिन-
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि जो किसान प्याज भंडारण के लिए केंद्र बनाना चाहते हैं वह विभाग में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के अनुसार ही भंडार केंद्र स्थापित कराए जाएंगे।