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हापुड़ में ब्लैक फंगस के तीन नए संक्रमित मिले, मेरठ रेफर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 11:25 PM IST
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हापुड़ में ब्लैक फंगस के तीन नए संक्रमित मिले, मेरठ रेफर
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हापुड़। जिले में ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। तीनों मरीजों को मेरठ रेफर कर दिया गया है। इनमें से दो मरीज हाल ही में कोरोना से स्वस्थ हुए थे, जबकि एक संक्रमित चल रहा था। जिले में अब ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। सीएमओ ने टीमों को अलर्ट कर दिया है,वहीं डायबिटिज से पीड़ित कोरोना मरीजों की खास निगरानी की जा रही है।
जिलें में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अभी थमा भी नहीं है, ऐसे में ब्लैक फंगस मुसीबत बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक चार रोगी मिले हैं, जिनमें एक पहले से ही नोएडा के अस्पताल में भर्ती है, जबकि तीन अन्य मरीजों को मेरठ रेफर किया गया है।
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बताया गया है कि नए मरीजों में दो ऐसे हैं जो हाल ही में कोरोना से ठीक हुए हैं, जिनकी उम्र करीब 55 साल है, वहीं एक मरीज कोरोना से संक्रमित है। जिले में ब्लैक फंगस के रोगियों के उपचार की कोई सुविधा शुरू नहीं की गई है। ऐसे में यहां से मरीजों को मेरठ, नोएडा रेफर करना ही एक मात्र विकल्प है।
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जिले में उपचार के नहीं संसाधन
जिले में ब्लैक फंगस के उपचार के कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है और न ही यहां मरीजों को भर्ती करने के लिए कोई इंतजाम है। हालांकि स्वास्थ्य अफसरों का दावा है कि मंडलायुक्त ने ब्लैक फंगस के मरीजों को मेरठ या नोएडा रेफर करने के आदेश दिए हैं।
आंखों से दिमाग पर होता है असर
म्यूकोर्मिकोसिस को काला कवब के नाम से भी पहचाना जाता है। इसका संक्रमण नाक से शुरू होता है और आंखों से लेकर दिमाग तक फैल जाता है। इस फंगस को गले में ही शरीर की एक बड़ी धमनी कैरोटिड आर्टरी मिल जाती है। आर्टरी का एक हिस्सा आंख में रक्त पहुंचाता है। फंगस रक्त में मिलकर आंख तक पहुंचता है। कई गंभीर मामलों में मस्तिष्क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है।
गंभीर हो सकती है स्थिति
फंगल इंफेक्शन से गाल की हडडी में एक तरफ या दोनों तरफ दर्द हो सकता है। यह फंगल इंफेक्शन का शुरूआती लक्षण है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे जैसे ब्लैक फंगल इंफेक्शन किसी व्यक्ति को चपेट में लेता है तो उसकी आंखों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसके कारण आंखों में सूजन और रोशनी भी कमजोर पड़ सकती है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ रेखा शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक ब्लैक फंगस के चार मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों को रेफर कर दिया गया है, जहां अस्पतालों में उनका उपचार चल रहा है। टीम को अलर्ट कर दिया गया है, हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है।
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