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सीटी स्कै न से पकड़ में आ रहा कोरोना का नया स्ट्रेन
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
सीटी स्कै न से पकड़ में आ रहा कोरोना का नया स्ट्रेन
हापुड़। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलें के बीच एक और चिंता सामने आने लगी है। संक्रमित होने पर भी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट (आरटी-पीसीआर) में वह निगेटिव पाया जा रहा है। जबकि संक्रमित व्यक्ति में कोरोना के सारे लक्षण हैं। ऐसे मरीजों की सीटी स्कैन जांच में यह खुलासा हुआ है। अब चिकित्सकों ने इस तरह के लक्षण वाले मरीजों को भी कोरोना मानकर उपचार देना शुरू कर दिया है।
दूसरी लहर में वायरस के नए स्ट्रेन मिले हैं। लगातार जांच के लिए रैंडम सैंपल लैब भेजे जा रहे हैं। लेकिन जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, जबकि मरीजों में प्रबल लक्षण सामने आए हैं।
आरटी-पीसीआर जांच में पुष्टि नहीं होने पर सीटी स्कैन रिपोर्ट से फेफड़ों पर दुष्प्रभाव का पता चल रहा है। ऐसे मरीजों के फेफड़े 60-80 फीसदी तक संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के लिए बीमारी का यह रहस्य सिर का दर्द बन रहा है। क्योंकि मरीज भी एंटीजन किट में निगेटिव आने पर यह मान लेते हैं कि उन्हें कोरोना नहीं है, जबकि अंदर ही अंदर यह संक्रमण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है।
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हालांकि स्वास्थ्य विभाग ऐसे लक्षण वाले मरीजों को कोरोना पॉजिटिव मानकर, उपचार देने का निर्णय लिया है। इस पहल से कोरोना के वाहक बन रहे मरीजों को काफी हद राहत भी मिल जाएगी।
अब तक 20 मामले आए सामने
डिप्टी सीएमओ डॉ. जेपी त्यागी ने बताया कि अब तक लगभग 20 मरीज सामने आए हैं जिनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण मिले हैं। यह कोरोना का नया स्ट्रेन है, जिसके लिए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होना होगा। उन्होने बताया कि ऐसे मरीजों को कोरोना संक्रमित मानकर उपचार किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि कई मरीज ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। लेकिन सीटी स्कैन में उनके फेफड़ों में संक्रमण मिला है। लक्षण के आधार पर भी मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
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हापुड़। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलें के बीच एक और चिंता सामने आने लगी है। संक्रमित होने पर भी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट (आरटी-पीसीआर) में वह निगेटिव पाया जा रहा है। जबकि संक्रमित व्यक्ति में कोरोना के सारे लक्षण हैं। ऐसे मरीजों की सीटी स्कैन जांच में यह खुलासा हुआ है। अब चिकित्सकों ने इस तरह के लक्षण वाले मरीजों को भी कोरोना मानकर उपचार देना शुरू कर दिया है।
दूसरी लहर में वायरस के नए स्ट्रेन मिले हैं। लगातार जांच के लिए रैंडम सैंपल लैब भेजे जा रहे हैं। लेकिन जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, जबकि मरीजों में प्रबल लक्षण सामने आए हैं।
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आरटी-पीसीआर जांच में पुष्टि नहीं होने पर सीटी स्कैन रिपोर्ट से फेफड़ों पर दुष्प्रभाव का पता चल रहा है। ऐसे मरीजों के फेफड़े 60-80 फीसदी तक संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के लिए बीमारी का यह रहस्य सिर का दर्द बन रहा है। क्योंकि मरीज भी एंटीजन किट में निगेटिव आने पर यह मान लेते हैं कि उन्हें कोरोना नहीं है, जबकि अंदर ही अंदर यह संक्रमण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है।
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हालांकि स्वास्थ्य विभाग ऐसे लक्षण वाले मरीजों को कोरोना पॉजिटिव मानकर, उपचार देने का निर्णय लिया है। इस पहल से कोरोना के वाहक बन रहे मरीजों को काफी हद राहत भी मिल जाएगी।
अब तक 20 मामले आए सामने
डिप्टी सीएमओ डॉ. जेपी त्यागी ने बताया कि अब तक लगभग 20 मरीज सामने आए हैं जिनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण मिले हैं। यह कोरोना का नया स्ट्रेन है, जिसके लिए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होना होगा। उन्होने बताया कि ऐसे मरीजों को कोरोना संक्रमित मानकर उपचार किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि कई मरीज ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। लेकिन सीटी स्कैन में उनके फेफड़ों में संक्रमण मिला है। लक्षण के आधार पर भी मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।