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बर्ड फ्लू पर नजर रखने को जिले में सर्विलांस टीमें गठित
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बर्ड फ्लू पर नजर रखने को जिले में सर्विलांस टीमें गठित
हापुड़। देश के चार राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले मिलने के बाद शासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। हापुड़ जिले के पशुपालन विभाग ने निगरानी के लिए सर्विलांस टीमें गठित कर दी हैं, साथ ही नहर, नदी किनारे चौकियां बनाकर बीमार पक्षियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पीपीई किट की डिमांड शासन से कर दी गई है। सैंपल लेने के लिए अलग से टीम का गठन किया गया है। फिलहाल जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
कोरोना महामारी से अभी निजात मिली नहीं है, ऐसे में बर्ड फ्लू का खतरा पक्षियों समेत आम जन पर पड़ने लगा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल, केरल में बर्ड फ्लू के कई मामले मिल गए हैं। आनन फानन में शासन ने हापुड़ के जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग को एडवाइजरी जारी कर दी है। साथ ही इस तरह के रोग पर काबू पाने के निर्देश दिए हैं।
मामले की गंभीरता पर जिले में पशुपालन विभाग द्वारा सर्विलांस टीमें गठित कर दी गई हैं। यह टीमें मुर्गी फार्म आदि स्थानों पर जाकर पक्षियों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेंगी। इसके अलावा नहर, नदी किनारे चौकियां बनाई जानी हैं, यहां से बीमार या मृत पक्षियों पर नजर रखी जाएगी।
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गंगा किनारे विदेश, बाहरी राज्यों से आते हैं पक्षी
गढ़ गंगा किनारे विदेशों से पक्षी यहां विचरण करने आते हैं। ऐसे में यही से किसी भी पक्षी संबंधी रोगों के फैलने का खतरा बढ़ता है। इन दिनों गंगा में काफी संख्या में प्रवासी पक्षी आ रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा इसको लेकर विशेष निगरानी बरती जा रही है।
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जिले में 9 मुर्गी पालन की खुली हैं इकाइयां
जिले में सपनावत गांव में 30-30 हजार लेयर मुर्गियों की चार इकाई, गढ़ में 30-30 हजार मुर्गियों की तीन इकाई, हापुड़ में 30 हजार पक्षियों की एक इकाई व पलवाड़ा में 10 हजार लेयर मुर्गियों की एक इकाई स्थापित है।
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शासन ने मांगी है जानकारी
पशुपालन विभाग को आदेशित कर शासन ने जिले में पक्षियों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है। जिसे बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बर्ड फ्लू के लक्षण
* पक्षी का सिर आगे और पैर पीछे की तरफ फैल जाना।
*सिर और मुंह का फूल जाना।
* टांगों पर खून के चकते।
* कम समय में अधिक पक्षियों का मरना।
* अंडा उत्पादन में कमी।
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प्रभावित होने वाली प्रजातियां
घरेलू पक्षी- टर्की, गिनीफाउल, बटेर, फ्रीजेट, गीज, बत्तख और मुर्गी।
जंगली पक्षी- बत्तख, गीज, सेंड पाइपर, सैडरलिंग, रूडीटर्नस्टोन, टर्नस, हंस, शियरवाटर हेरांस, गिलमोर, पुफिन, गुल्स।
प्रवासी पक्षी- बत्तख, मैना, पैराकीटर, तोते, काकाटूज वेवर, फ्रंचेस, हाक्स।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में सर्विलांस टीमें गठित कर दी गई हैं। नहर, नदी किनारे आने वाले पक्षियों पर नजर रखी जा रही है। जिले में फिलहाल बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है।
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हापुड़। देश के चार राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले मिलने के बाद शासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। हापुड़ जिले के पशुपालन विभाग ने निगरानी के लिए सर्विलांस टीमें गठित कर दी हैं, साथ ही नहर, नदी किनारे चौकियां बनाकर बीमार पक्षियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पीपीई किट की डिमांड शासन से कर दी गई है। सैंपल लेने के लिए अलग से टीम का गठन किया गया है। फिलहाल जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
कोरोना महामारी से अभी निजात मिली नहीं है, ऐसे में बर्ड फ्लू का खतरा पक्षियों समेत आम जन पर पड़ने लगा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल, केरल में बर्ड फ्लू के कई मामले मिल गए हैं। आनन फानन में शासन ने हापुड़ के जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग को एडवाइजरी जारी कर दी है। साथ ही इस तरह के रोग पर काबू पाने के निर्देश दिए हैं।
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मामले की गंभीरता पर जिले में पशुपालन विभाग द्वारा सर्विलांस टीमें गठित कर दी गई हैं। यह टीमें मुर्गी फार्म आदि स्थानों पर जाकर पक्षियों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेंगी। इसके अलावा नहर, नदी किनारे चौकियां बनाई जानी हैं, यहां से बीमार या मृत पक्षियों पर नजर रखी जाएगी।
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गंगा किनारे विदेश, बाहरी राज्यों से आते हैं पक्षी
गढ़ गंगा किनारे विदेशों से पक्षी यहां विचरण करने आते हैं। ऐसे में यही से किसी भी पक्षी संबंधी रोगों के फैलने का खतरा बढ़ता है। इन दिनों गंगा में काफी संख्या में प्रवासी पक्षी आ रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा इसको लेकर विशेष निगरानी बरती जा रही है।
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जिले में 9 मुर्गी पालन की खुली हैं इकाइयां
जिले में सपनावत गांव में 30-30 हजार लेयर मुर्गियों की चार इकाई, गढ़ में 30-30 हजार मुर्गियों की तीन इकाई, हापुड़ में 30 हजार पक्षियों की एक इकाई व पलवाड़ा में 10 हजार लेयर मुर्गियों की एक इकाई स्थापित है।
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शासन ने मांगी है जानकारी
पशुपालन विभाग को आदेशित कर शासन ने जिले में पक्षियों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है। जिसे बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बर्ड फ्लू के लक्षण
* पक्षी का सिर आगे और पैर पीछे की तरफ फैल जाना।
*सिर और मुंह का फूल जाना।
* टांगों पर खून के चकते।
* कम समय में अधिक पक्षियों का मरना।
* अंडा उत्पादन में कमी।
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प्रभावित होने वाली प्रजातियां
घरेलू पक्षी- टर्की, गिनीफाउल, बटेर, फ्रीजेट, गीज, बत्तख और मुर्गी।
जंगली पक्षी- बत्तख, गीज, सेंड पाइपर, सैडरलिंग, रूडीटर्नस्टोन, टर्नस, हंस, शियरवाटर हेरांस, गिलमोर, पुफिन, गुल्स।
प्रवासी पक्षी- बत्तख, मैना, पैराकीटर, तोते, काकाटूज वेवर, फ्रंचेस, हाक्स।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में सर्विलांस टीमें गठित कर दी गई हैं। नहर, नदी किनारे आने वाले पक्षियों पर नजर रखी जा रही है। जिले में फिलहाल बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है।