{"_id":"5fdba0198ebc3e3ec81e54d1","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd210395615","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीत लहर चलने से लुढ़का तापमान, बढ़ी ठंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीत लहर चलने से लुढ़का तापमान, बढ़ी ठंड
विज्ञापन
शीत लहर चलने से लुढ़का तापमान, बढ़ी ठंड
हापुड़। दिनभर शीत लहर चलने से हापुड़ के लोगों को कंपकंपी ठंड का एहसास हुए रहा। पारा गिरने की वजह से लोगों को गलन जैसी ठंड का भी सामना करना पड़ा। आने वाले दिनों में पारा और गिरने से लोगों की परेशानी बढ़ने के आसार है। वहीं हापुड़ का एक्यूआई भी 99 के स्तर पर रहा।
दिसंबर माह में मैदानी क्षेत्रों में भी पहाड़ों जैसी ठंड लोगों को परेशान करने लगी है। हापुड़ में भी पारा गिरने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह को भी हवा चलने की वजह से कोहरा नहीं पड़ा, लेकिन हल्की धुंध जैसे हालात रहे। हवा चलने से लोगों को शीत लहर चलने जैसी ठंड ने परेशान किया। गांव देहात से लेकर शहरी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड रही। सुबह को लोगों को हल्का-फुल्का काम करने में परेशानी हुई। घरों में लोगों ने रूम हीटर का प्रयोग भी किया। गांव देहातों में लोग अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास करते दिखे। हालांकि धूप निकलने पर लोगों को राहत मिली।
छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा न्यूनतम तापमान
- सुबह शाम की कड़ाके की ठंड ने लोगों के छक्के छुड़ाए रखे। बृहस्पतिवार को हापुड़ का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस रहा। केवीके बाबूगढ़ के मौसम वैज्ञानिक डॉ. हंसराज सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में पारा गिरने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। इससे गलन जैसी ठंड का प्रकोप भी रहेगा।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण भी बढ़ा
- वहीं बृहस्पतिवार को हापुड़ का एक्यूआई 99 दर्ज किया गया। अभी भी हापुड़ का एक्यूआई 100 के नीचे बना हुआ है। अभी भी हवा सामान्य से दो गुना तक प्रदूषित बनी हुई है।
विज्ञापन
हापुड़। दिनभर शीत लहर चलने से हापुड़ के लोगों को कंपकंपी ठंड का एहसास हुए रहा। पारा गिरने की वजह से लोगों को गलन जैसी ठंड का भी सामना करना पड़ा। आने वाले दिनों में पारा और गिरने से लोगों की परेशानी बढ़ने के आसार है। वहीं हापुड़ का एक्यूआई भी 99 के स्तर पर रहा।
दिसंबर माह में मैदानी क्षेत्रों में भी पहाड़ों जैसी ठंड लोगों को परेशान करने लगी है। हापुड़ में भी पारा गिरने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह को भी हवा चलने की वजह से कोहरा नहीं पड़ा, लेकिन हल्की धुंध जैसे हालात रहे। हवा चलने से लोगों को शीत लहर चलने जैसी ठंड ने परेशान किया। गांव देहात से लेकर शहरी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड रही। सुबह को लोगों को हल्का-फुल्का काम करने में परेशानी हुई। घरों में लोगों ने रूम हीटर का प्रयोग भी किया। गांव देहातों में लोग अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास करते दिखे। हालांकि धूप निकलने पर लोगों को राहत मिली।
विज्ञापन
छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा न्यूनतम तापमान
- सुबह शाम की कड़ाके की ठंड ने लोगों के छक्के छुड़ाए रखे। बृहस्पतिवार को हापुड़ का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस रहा। केवीके बाबूगढ़ के मौसम वैज्ञानिक डॉ. हंसराज सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में पारा गिरने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। इससे गलन जैसी ठंड का प्रकोप भी रहेगा।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण भी बढ़ा
- वहीं बृहस्पतिवार को हापुड़ का एक्यूआई 99 दर्ज किया गया। अभी भी हापुड़ का एक्यूआई 100 के नीचे बना हुआ है। अभी भी हवा सामान्य से दो गुना तक प्रदूषित बनी हुई है।