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कृषि कानून के विरोध में किसानों ने किया हाईवे जाम, हंगामा
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हाइवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठे किसान
- फोटो : HAPUR
कृषि कानून के विरोध में किसानों ने किया हाईवे जाम, हंगामा
हापुड़। कृषि कानून के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के आह्वान पर किसानों ने बृहस्पतिवार को ततारपुर बाईपास पर जाम लगा दिया। हाईवे पर जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई। करीब दो घंटे तक हंगामा और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान पुलिस से भी कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर किसानों ने मांगों के निस्तारण की आवाज उठाई। इस दौरान पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहन चालकों को राहत दिलाई।
किसानों की समस्या को लेकर संगठन के कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे एनएच-24 पर ततारपुर बाईपास के पास एकत्र होना शुरू हो गए। कुछ ही देर में कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर और ट्रॉलियों से हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर एसडीएम सत्यप्रकाश और सीओ वैभव पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया, लेकिन किसान घंटों तक अपनी मांगों को लेकर हाईवे पर डटे रहे। इसके बाद पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा, जिसके बाद वाहन चालकों को कुछ राहत मिली।
संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकुल त्यागी ने बताया कि सरकार ने तीन कृषि कानून बनाए है, जो किसानों की दृष्टि से बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इस कानून से किसान बर्बाद हो जाएगा। सरकार संशोधित बिजली बिल भी लाने जा रही है। जिसमें एक देश एक बिल का कानून बनेगा। इसमें औद्योगिक फैक्टरी और किसानों के बिल एक समान हो जाएंगे, जबकि किसानों को आय फैक्टरियों या मोल के सापेक्ष बहुत कम है। इतना ही नहीं किसान की समस्त उपजों का एक समर्थन मूल्य तय किया जाए, जिससे कम दाम पर फसल को न खरीदा जा सके। इन मांगों के निस्तारण को लेकर कार्यकर्ताओं ने हंगामा और नारेबाजी की। जाम लगाने वालों में ज्ञानेंद्र त्यागी, निरंजन शास्त्री, वीरपाल, वीरेश, नरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, नकुल, रोहित, स्वर्ण सिंह, बलविंदर सिंह, सरदार भोला सिंह आदि मौजूद रहे।
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यात्रियों को घंटों तक करना पड़ा इंतजार
- बसों में सवार यात्रियों को घंटों तक जाम में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर, जल्द समस्याओं के निस्तारण की आवाज उठाई। जल्द राहत नहीं मिलने पर 26 व 27 नवंबर को दिल्ली कूच कर, वहां बड़ा आंदोलन करने का भी एलान किया गया है।
धक्के खाने को मजबूर हुए लोग
- हाईवे पर जाम के चलते बसों में सवार यात्री घंटों इंतजार के बाद पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकलने लगे। ऐसे में बच्चों व महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शार्टकट के चक्कर में चोटिल हुए बाइक सवार
- हाईवे पर जाम के दौरान शॉर्टकट से निकालने के चक्कर में कई दुपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने चालकों को की मदद की।
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हापुड़। कृषि कानून के विरोध में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के आह्वान पर किसानों ने बृहस्पतिवार को ततारपुर बाईपास पर जाम लगा दिया। हाईवे पर जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई। करीब दो घंटे तक हंगामा और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान पुलिस से भी कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर किसानों ने मांगों के निस्तारण की आवाज उठाई। इस दौरान पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहन चालकों को राहत दिलाई।
किसानों की समस्या को लेकर संगठन के कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे एनएच-24 पर ततारपुर बाईपास के पास एकत्र होना शुरू हो गए। कुछ ही देर में कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर और ट्रॉलियों से हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर एसडीएम सत्यप्रकाश और सीओ वैभव पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया, लेकिन किसान घंटों तक अपनी मांगों को लेकर हाईवे पर डटे रहे। इसके बाद पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा, जिसके बाद वाहन चालकों को कुछ राहत मिली।
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संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकुल त्यागी ने बताया कि सरकार ने तीन कृषि कानून बनाए है, जो किसानों की दृष्टि से बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इस कानून से किसान बर्बाद हो जाएगा। सरकार संशोधित बिजली बिल भी लाने जा रही है। जिसमें एक देश एक बिल का कानून बनेगा। इसमें औद्योगिक फैक्टरी और किसानों के बिल एक समान हो जाएंगे, जबकि किसानों को आय फैक्टरियों या मोल के सापेक्ष बहुत कम है। इतना ही नहीं किसान की समस्त उपजों का एक समर्थन मूल्य तय किया जाए, जिससे कम दाम पर फसल को न खरीदा जा सके। इन मांगों के निस्तारण को लेकर कार्यकर्ताओं ने हंगामा और नारेबाजी की। जाम लगाने वालों में ज्ञानेंद्र त्यागी, निरंजन शास्त्री, वीरपाल, वीरेश, नरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, नकुल, रोहित, स्वर्ण सिंह, बलविंदर सिंह, सरदार भोला सिंह आदि मौजूद रहे।
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यात्रियों को घंटों तक करना पड़ा इंतजार
- बसों में सवार यात्रियों को घंटों तक जाम में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर, जल्द समस्याओं के निस्तारण की आवाज उठाई। जल्द राहत नहीं मिलने पर 26 व 27 नवंबर को दिल्ली कूच कर, वहां बड़ा आंदोलन करने का भी एलान किया गया है।
धक्के खाने को मजबूर हुए लोग
- हाईवे पर जाम के चलते बसों में सवार यात्री घंटों इंतजार के बाद पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकलने लगे। ऐसे में बच्चों व महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शार्टकट के चक्कर में चोटिल हुए बाइक सवार
- हाईवे पर जाम के दौरान शॉर्टकट से निकालने के चक्कर में कई दुपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने चालकों को की मदद की।