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फसल अवशेष न जलाने के लिए किसानों को किया जागरूक
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किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए किया जागरूक
हापुड़। प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेडियो रेजिडयू योजना के अंतर्गत मंगलवार को कृषि मंडी में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही फसल अवशेषों से खाद तैयार करने के संबंध में जानकारी दी।
मेले में कृषि, उद्यान, गन्ना, पशुपालन तथा अन्य कृषि से संबंधित विभागों द्वारा स्टाल लगाकर अपनी अपनी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। गोष्टी में जनपद के प्रगतिशील कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। गोष्ठी का संचालन करते हुए उपकृषि निदेशक डा. वीबी द्विवेदी ने कृषि विभाग में संचालित फार्म मशीनरी बैंक एवं यंत्रीकरण योजना से फसल अवशेषों को खेतों में काटकर, सड़ने गलाने से संबंधी यंत्रों पर अनुदान की जानकारी किसानों को दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.अशोक कुमार व डा. लक्ष्मीकांत सारस्वत द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित सभी वैज्ञानिक तरीके अपनाने के लिए जानकारी दी गई। इसी क्रम में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. प्रमोद कुमार द्वारा धान पराली को निराश्रित गौशाला में उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध किया।
पुलिस विभाग से उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी एसएन वैभव पांडेय द्वारा फसल अवशेष जलाने पर कृषकों को 2500 से 15 हजार तक के अर्थदंड एवं फसल अवशेष जलाने की घटना की पुनरावृत्ति होने पर अर्थदंड एवं कारावास दोनों से दंडित किए जाने के संबंध में बताया। कार्यक्रम के अंत में उपकृषि निदेशक द्वारा कृषक गोष्ठी में उपस्थित सभी कृषकों को फसल अवशेषों को सड़ाने गलाने के लिए वेस्ट डीकंपोजर के प्रयोग करने की विधि बताई। गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
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हापुड़। प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेडियो रेजिडयू योजना के अंतर्गत मंगलवार को कृषि मंडी में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही फसल अवशेषों से खाद तैयार करने के संबंध में जानकारी दी।
मेले में कृषि, उद्यान, गन्ना, पशुपालन तथा अन्य कृषि से संबंधित विभागों द्वारा स्टाल लगाकर अपनी अपनी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। गोष्टी में जनपद के प्रगतिशील कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। गोष्ठी का संचालन करते हुए उपकृषि निदेशक डा. वीबी द्विवेदी ने कृषि विभाग में संचालित फार्म मशीनरी बैंक एवं यंत्रीकरण योजना से फसल अवशेषों को खेतों में काटकर, सड़ने गलाने से संबंधी यंत्रों पर अनुदान की जानकारी किसानों को दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.अशोक कुमार व डा. लक्ष्मीकांत सारस्वत द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित सभी वैज्ञानिक तरीके अपनाने के लिए जानकारी दी गई। इसी क्रम में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. प्रमोद कुमार द्वारा धान पराली को निराश्रित गौशाला में उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध किया।
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पुलिस विभाग से उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी एसएन वैभव पांडेय द्वारा फसल अवशेष जलाने पर कृषकों को 2500 से 15 हजार तक के अर्थदंड एवं फसल अवशेष जलाने की घटना की पुनरावृत्ति होने पर अर्थदंड एवं कारावास दोनों से दंडित किए जाने के संबंध में बताया। कार्यक्रम के अंत में उपकृषि निदेशक द्वारा कृषक गोष्ठी में उपस्थित सभी कृषकों को फसल अवशेषों को सड़ाने गलाने के लिए वेस्ट डीकंपोजर के प्रयोग करने की विधि बताई। गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
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