{"_id":"5efcd2178ebc3e42de778c61","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd201205926","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल बंद होने तक फीस न देने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल बंद होने तक फीस न देने की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल बंद होने तक फीस न देने की मांग
हापुड़। पेरेंट्स एसोसिएशन हापुड़ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को कलक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों ने प्राईवेट स्कूलों द्वारा बच्चों और अभिभावकों के शोषण के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार गुप्ता बैंक वालों के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि अप्रैल से स्कूल संचालक वही फीस मांग रहे हैं, जो वर्ष 2019 में जाती थी। जबकि उस दौरान बच्चे स्कूल जाते थे और स्कूल कि सारी सुविधायें लेते थे, लेकिन अब स्कूल बंद हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और स्कूल की कोई भी सुविधाएं नहीं ले रहे हैं। ऑनलाइन क्लास समुचित नेटवर्क और बच्चों पर स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण असफल हैं। एसोसिएशन ने मांग करते हुए कहा कि जब तक स्कूल नहीं तब तक फीस नहीं। सभी स्कूल जारी अध्यादेश 2018 का सख्ती से पालन करते हुए अपनी बैलेंसशीट सार्वजनिक करें। इसके अलावा सत्र 20-21 को शून्य घोषित किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में रविंद्र कुमार, शरद कुमार गर्ग, टुक्की राम गर्ग, अनिकेत सिंघल, तुषार गोयल, सुमित आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हापुड़। पेरेंट्स एसोसिएशन हापुड़ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को कलक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों ने प्राईवेट स्कूलों द्वारा बच्चों और अभिभावकों के शोषण के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार गुप्ता बैंक वालों के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि अप्रैल से स्कूल संचालक वही फीस मांग रहे हैं, जो वर्ष 2019 में जाती थी। जबकि उस दौरान बच्चे स्कूल जाते थे और स्कूल कि सारी सुविधायें लेते थे, लेकिन अब स्कूल बंद हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और स्कूल की कोई भी सुविधाएं नहीं ले रहे हैं। ऑनलाइन क्लास समुचित नेटवर्क और बच्चों पर स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण असफल हैं। एसोसिएशन ने मांग करते हुए कहा कि जब तक स्कूल नहीं तब तक फीस नहीं। सभी स्कूल जारी अध्यादेश 2018 का सख्ती से पालन करते हुए अपनी बैलेंसशीट सार्वजनिक करें। इसके अलावा सत्र 20-21 को शून्य घोषित किया जाए।
विज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में रविंद्र कुमार, शरद कुमार गर्ग, टुक्की राम गर्ग, अनिकेत सिंघल, तुषार गोयल, सुमित आदि मौजूद रहे।