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हापुड़ जिले के 8000सीनियर सिटीजन सवेरा एप से जुड़े
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जिले के 8000 सीनियर सिटीजन सवेरा एप से जुड़े
हापुड़। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बनाये गये सपेरा एप से अब तक हापुड़ जिले में करीब 8000 सिनियर सिटीजन जुड़ चुके हैं। उनके 112 नंबर डायल करते ही पुलिस महकमे की ओर से उन्हें हर संभव मदद की जाएगी।
सवेरा एप से (सीनियर सिटीजन) वरिष्ठ नागरिकों को जोड़ने के लिए जिले के प्रत्येक थाने में एक सेल का गठन किया गया है। इस सेल में एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों को शामिल किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस सेल का दायित्व है कि अधिक से अधिक सीनियर सिटीजन का रजिस्ट्रेशन कराकर उनसे समय समय पर संपर्क बनाये रखना तथा उनकी किसी भी समस्या का समाधान कराने में मदद करना।
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यह सीनियर सिटीजन अगर कोई सूचना देते हैं तो 112 नंबर तत्काल एक्शन में आकर उनकी सूचना पर कार्यवाही करेगी। इस एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए बुजुर्गों को संबंधित पुलिस कर्मी को अपना ब्योरा देना होता है। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटीजन द्वारा अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और अपने घर की लोकेशन दिये जाना जरूरी होता है क्योंकि जरूरत पड़ने पर पुलिस को उनका मकान ढूंढना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर आयु के नागरिक स्वयं गूगल प्ले स्टोर में जाकर एप यूपी कॉप डाउनलोड कर लें। इसमें नाम मोबाइल नंबर, ईमेल की जानकारी देनी होती है। एक तरीका यह भी कि 112 पर कॉल करें। वहां से नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर के बारे में जो पूछा जाए, वह बता दें।
उन्होंने बताया कि इसका फायदा यह होगा कि अगर जरूरत पड़ने पर वह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पुलिस को कॉल करते हैं तो उनकी जानकारी यूपी 112 के कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर आ जाएगी। उनसे पूरी जानकारी नहीं लेनी होगी।
यह ब्योरा तत्काल ही उनके घर के नजदीक के पुलिस रिस्पॉंस व्हीकल पीआरपी की स्क्रीन पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसी के साथ यह डाटा बीट कांस्टेबल को दिया जाएगा। उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह महीने में एक बार घर जाकर बुजुर्ग से हालचाल पूछे। अगर उन्हें कोई परेशानी हो तो कानूनी मदद दिलाए।
बेटा या बहू परेशान करें तो भी मिलेगी मदद
एडी एसपी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस योजना में एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अगर बुजुर्ग को परिवार के सदस्य से परेशानी है तो दोनों पक्षों को एसडीएम और सीओ सुनेंगे। इसमें जो भी निष्कर्ष निकलता है, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने रविवार को पुलिस कार्यालय में इस सेल से संबंधित पुलिस कर्मियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पिलखुवा थाना 1256 सीनियर सिटीजन का रजिस्ट्रेशन कराकर प्रथम, हापुड़ थाना 1196 सिनियर सिटीजन का रजिस्ट्रेशन कराकर दूसरे और बहादुरगढ़ थाना 1006 रजिस्ट्रेशन कराकर जिले में तीसरे स्थान पर रहा।
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हापुड़। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बनाये गये सपेरा एप से अब तक हापुड़ जिले में करीब 8000 सिनियर सिटीजन जुड़ चुके हैं। उनके 112 नंबर डायल करते ही पुलिस महकमे की ओर से उन्हें हर संभव मदद की जाएगी।
सवेरा एप से (सीनियर सिटीजन) वरिष्ठ नागरिकों को जोड़ने के लिए जिले के प्रत्येक थाने में एक सेल का गठन किया गया है। इस सेल में एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों को शामिल किया गया है।
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अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस सेल का दायित्व है कि अधिक से अधिक सीनियर सिटीजन का रजिस्ट्रेशन कराकर उनसे समय समय पर संपर्क बनाये रखना तथा उनकी किसी भी समस्या का समाधान कराने में मदद करना।
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यह सीनियर सिटीजन अगर कोई सूचना देते हैं तो 112 नंबर तत्काल एक्शन में आकर उनकी सूचना पर कार्यवाही करेगी। इस एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए बुजुर्गों को संबंधित पुलिस कर्मी को अपना ब्योरा देना होता है। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटीजन द्वारा अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और अपने घर की लोकेशन दिये जाना जरूरी होता है क्योंकि जरूरत पड़ने पर पुलिस को उनका मकान ढूंढना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर आयु के नागरिक स्वयं गूगल प्ले स्टोर में जाकर एप यूपी कॉप डाउनलोड कर लें। इसमें नाम मोबाइल नंबर, ईमेल की जानकारी देनी होती है। एक तरीका यह भी कि 112 पर कॉल करें। वहां से नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर के बारे में जो पूछा जाए, वह बता दें।
उन्होंने बताया कि इसका फायदा यह होगा कि अगर जरूरत पड़ने पर वह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पुलिस को कॉल करते हैं तो उनकी जानकारी यूपी 112 के कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर आ जाएगी। उनसे पूरी जानकारी नहीं लेनी होगी।
यह ब्योरा तत्काल ही उनके घर के नजदीक के पुलिस रिस्पॉंस व्हीकल पीआरपी की स्क्रीन पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसी के साथ यह डाटा बीट कांस्टेबल को दिया जाएगा। उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह महीने में एक बार घर जाकर बुजुर्ग से हालचाल पूछे। अगर उन्हें कोई परेशानी हो तो कानूनी मदद दिलाए।
बेटा या बहू परेशान करें तो भी मिलेगी मदद
एडी एसपी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस योजना में एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अगर बुजुर्ग को परिवार के सदस्य से परेशानी है तो दोनों पक्षों को एसडीएम और सीओ सुनेंगे। इसमें जो भी निष्कर्ष निकलता है, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने रविवार को पुलिस कार्यालय में इस सेल से संबंधित पुलिस कर्मियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पिलखुवा थाना 1256 सीनियर सिटीजन का रजिस्ट्रेशन कराकर प्रथम, हापुड़ थाना 1196 सिनियर सिटीजन का रजिस्ट्रेशन कराकर दूसरे और बहादुरगढ़ थाना 1006 रजिस्ट्रेशन कराकर जिले में तीसरे स्थान पर रहा।