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बढ़ते प्रदूषण पर जिले की 260 औद्योगिक इकाईयां बंद रखने की कवायद
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प्रदूषण पर वार - जिले में बंद रहेंगी 260 औद्योगिक इकाईयां
हापुड़। जिले में बढ़ते प्रदूषण पर उद्यमियों ने भी अपनी फैक्ट्रियों को बंद रखने की कवायद की है। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहयोग का निर्णय लिया है। एनजीटी के आदेश के बाद करीब 260 औद्योगिक इकाईयों के संचालकों से एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदूषण न फैलाने की अपील की है।
दीपावली के बाद से जिले में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है। आलम यह है कि दम घोटू वातावरण में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। हापुड़ जिले में करीब 260 उद्योग ऐसे हैं, जो स्माल स्केल में आते हैं। ऐसे में उद्यमियों ने भी पर्यावरण की स्वच्छता में सहभागिता का निर्णय लिया है।
हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर, सर्व सम्मति से प्रदूषण का स्तर कम न होने तक फैक्ट्रियां न चलाने का निर्णय लिया है। ऐसे में करीब 260 फैक्ट्रियों के संचालकों से वार्ता कर, इकाईयों को बंद रखने की अपील की गई है। इस पर सहमति भी मिली है। एनजीटी का अग्रिम आदेश आने पर ही फैक्ट्रियों को चलाए जाने की बात कही गई है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जैन का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण सभी को परेशानियां हो रही हैं। उद्योगों को इसलिए बंद रखा जाएगा, ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो जाए। एनजीटी की मुहिम में पूरा सहयोग दिया जाएगा।--फोटो संख्या--43
एसोसिएशन के सचिव अनम गुप्ता का कहना है कि प्रदूषण के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। हमें कोई भी कार्य ऐसा नहीं करना चाहिए। जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़े।--फोटो संख्या--44
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हापुड़। जिले में बढ़ते प्रदूषण पर उद्यमियों ने भी अपनी फैक्ट्रियों को बंद रखने की कवायद की है। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहयोग का निर्णय लिया है। एनजीटी के आदेश के बाद करीब 260 औद्योगिक इकाईयों के संचालकों से एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदूषण न फैलाने की अपील की है।
दीपावली के बाद से जिले में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है। आलम यह है कि दम घोटू वातावरण में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। हापुड़ जिले में करीब 260 उद्योग ऐसे हैं, जो स्माल स्केल में आते हैं। ऐसे में उद्यमियों ने भी पर्यावरण की स्वच्छता में सहभागिता का निर्णय लिया है।
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हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर, सर्व सम्मति से प्रदूषण का स्तर कम न होने तक फैक्ट्रियां न चलाने का निर्णय लिया है। ऐसे में करीब 260 फैक्ट्रियों के संचालकों से वार्ता कर, इकाईयों को बंद रखने की अपील की गई है। इस पर सहमति भी मिली है। एनजीटी का अग्रिम आदेश आने पर ही फैक्ट्रियों को चलाए जाने की बात कही गई है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जैन का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण सभी को परेशानियां हो रही हैं। उद्योगों को इसलिए बंद रखा जाएगा, ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो जाए। एनजीटी की मुहिम में पूरा सहयोग दिया जाएगा।--फोटो संख्या--43
एसोसिएशन के सचिव अनम गुप्ता का कहना है कि प्रदूषण के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। हमें कोई भी कार्य ऐसा नहीं करना चाहिए। जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़े।--फोटो संख्या--44