{"_id":"5d3c9a538ebc3e6cde237fcc","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd181131210","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज बारिश में भी नहीं थम रहे थे कांविड़यों के पग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज बारिश में भी नहीं थम रहे थे कांविड़यों के पग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरसात में भी नहीं थमे कांवड़ियों के कदम
हापुड़। बारिशों की छम-छम में तेरे दर पर आएं हैं.. भजन के बोल जैसी ही आस्था शहर से गुजरने वाले कांवड़ियों में भी दिखाई दी। शहर से गुजरने वाले कांवड़ियों के कदम शनिवार को तेज बारिश होने पर भी नहीं थमे। कांवड़ियां बोल बम करते हुए आगे बढ़ते रहे।
शनिवार को सुबह से ही मौसम सुहावना रहा। सुबह से ही शहर के मार्गों पर हरिद्वार व गोमुख से जल लाने वाले कांवड़ियों की चहल पहल दिखाई देने लगी। वहीं दोपहर को तेज बारिश हो गई, लेकिन इसमें भी कांवड़ियों के कदम नहीं रुके। बारिश की बूंदों कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरूओं के सुर भारी पड़े।
- आ जाओ भोले.. आराम कर लो
कांवड़ शिविर के बाहर भक्त कांवड़ियों को पुकारने और उनकी सेवा करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। मार्ग से गुजर रहे कांवड़ियों से शिविर में रुकने की विनती भी कर रहे हैं। भक्त आ जाओ भोले.., आराम कर लों, आपकी पसंद का गाना भी चलाया जाएगा, अपने मोबाइल पर जो बोलेंगे वो गाना चल जाएगा जैसी भी विनती कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। बारिशों की छम-छम में तेरे दर पर आएं हैं.. भजन के बोल जैसी ही आस्था शहर से गुजरने वाले कांवड़ियों में भी दिखाई दी। शहर से गुजरने वाले कांवड़ियों के कदम शनिवार को तेज बारिश होने पर भी नहीं थमे। कांवड़ियां बोल बम करते हुए आगे बढ़ते रहे।
शनिवार को सुबह से ही मौसम सुहावना रहा। सुबह से ही शहर के मार्गों पर हरिद्वार व गोमुख से जल लाने वाले कांवड़ियों की चहल पहल दिखाई देने लगी। वहीं दोपहर को तेज बारिश हो गई, लेकिन इसमें भी कांवड़ियों के कदम नहीं रुके। बारिश की बूंदों कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरूओं के सुर भारी पड़े।
विज्ञापन
- आ जाओ भोले.. आराम कर लो
कांवड़ शिविर के बाहर भक्त कांवड़ियों को पुकारने और उनकी सेवा करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। मार्ग से गुजर रहे कांवड़ियों से शिविर में रुकने की विनती भी कर रहे हैं। भक्त आ जाओ भोले.., आराम कर लों, आपकी पसंद का गाना भी चलाया जाएगा, अपने मोबाइल पर जो बोलेंगे वो गाना चल जाएगा जैसी भी विनती कर रहे हैं।
विज्ञापन